मुख्य सामग्री पर जाएँ
Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
मूंगज़ायद / गर्मीखुली-परागितअपडेट किया गया 12 अगस्त 2026

Pusa Vishal

एसएमएल 668 से थोड़ी ज़्यादा उपज वाली आईएआरआई किस्म — मोटा, एक-समान दाना जो बाज़ार में बेहतर ग्रेड दिलाता है।

सीज़नज़ायद / गर्मी
पकने की अवधि60–65 दिन
अपेक्षित उपज10–12 क्विंटल/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
मूंग
प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
ज़ायद / गर्मी
पकने की अवधि
60–65 दिन
अपेक्षित उपज
10–12 क्विंटल/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
2000 में आईसीएआर-आईएआरआई, नई दिल्ली द्वारा उत्तर-पश्चिमी मैदानी क्षेत्र (पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तरी राजस्थान) के लिए जारी

इस किस्म के बारे में

पूसा विशाल आईसीएआर-आईएआरआई, नई दिल्ली द्वारा विकसित एक मोटे दाने वाली मूंग (हरा चना) किस्म है, जो 2000 में उत्तर-पश्चिमी मैदानी क्षेत्र (पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तरी राजस्थान) के लिए जारी की गई — यह क्षेत्र इस रिकॉर्ड की अपनी राज्य सूची (राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश) से काफ़ी हद तक मेल खाता है। आईएआरआई का अपना प्रौद्योगिकी-हस्तांतरण रिकॉर्ड, जिसे सीधे फ़ेच किया गया, इसे गर्मी/ज़ायद मौसम में 60–65 दिन की परिपक्वता के साथ 12–14 क्विंटल/हेक्टेयर बताता है, मूंग पीला मोज़ेक विषाणु (एमवाईएमवी) प्रतिरोधी, बहुत मोटे, चमकदार दाने (लगभग 6 ग्राम प्रति 100 दाने) के साथ जो बाज़ार में बेहतर ग्रेड दिलाता है — एक विशेषता जिसे इस रिकॉर्ड का अपना नोट पहले से ही उजागर करता है ('मोटा, एक-समान दाना')।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधि60–65 दिन
    उपज क्षमता10–12 क्विंटल/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधपीला मोज़ेक विषाणु व चूर्णिल आसिता प्रतिरोधी
    मिट्टीदोमट
    सीज़नज़ायद / गर्मी

उपज व अवधि

पकने की अवधि

60–65 दिन

अपेक्षित उपज

10–12 क्विंटल/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • आईएआरआई का अपना रिलीज़ रिकॉर्ड पूसा विशाल की उपज 12–14 क्विंटल/हेक्टेयर बताता है, जो इस रिकॉर्ड के अधिक सतर्क 10–12 क्विंटल/हेक्टेयर फ़ील्ड से ऊपर है — अन्य अगेती मूंग किस्मों के मुक़ाबले तौलते समय किसानों के लिए उपयोगी गुंजाइश।
  • बहुत मोटा, चमकदार दाना (लगभग 6 ग्राम प्रति 100 दाने) पुष्ट एमवाईएमवी प्रतिरोध के अलावा छोटे दाने वाली मूंग किस्मों से बेहतर बाज़ार ग्रेड दिलाता है।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • आईएआरआई का अपना प्रौद्योगिकी-हस्तांतरण पेज पूसा विशाल के लिए 12–14 क्विंटल/हेक्टेयर उपज बताता है, जो इस रिकॉर्ड के मौजूदा 10–12 क्विंटल/हेक्टेयर फ़ील्ड से ऊपर है; यहाँ इसे एक दायरे के रूप में लिया गया है, जिसमें रिकॉर्ड का आँकड़ा सतर्क अनुमान माना गया है — यह उपचार इस रोलआउट में पहले से जोड़ी गई कई अन्य किस्मों में भी अपनाया गया है।
  • इस रिकॉर्ड का diseaseResistance फ़ील्ड चूर्णिल आसिता प्रतिरोध का भी श्रेय देता है; सीधे फ़ेच किए गए आईएआरआई पेज में केवल एमवाईएमवी प्रतिरोध का नाम है, इसलिए चूर्णिल आसिता का दावा यहाँ स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं हो सका — यह विरोधाभास नहीं, बस इस चरण में अपुष्ट है।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • राजस्थान
  • मध्य प्रदेश
  • उत्तर प्रदेश

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पूसा विशाल का दाना आकार अन्य मूंग किस्मों से कैसे तुलना करता है?

आईएआरआई का अपना रिकॉर्ड इसे बहुत मोटा व चमकदार बताता है, लगभग 6 ग्राम प्रति 100 दाने — सामान्य मूंग दाने से काफ़ी बड़ा, यही वजह है कि इस रिकॉर्ड का नोट इसके 'मोटा, एक-समान दाना' को बेहतर बाज़ार ग्रेड दिलाने वाला बताता है।

पूसा विशाल आधिकारिक रूप से किस क्षेत्र के लिए जारी की गई थी?

आईसीएआर-आईएआरआई ने इसे 2000 में उत्तर-पश्चिमी मैदानी क्षेत्र — पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश व उत्तरी राजस्थान — के लिए जारी किया, जो इस रिकॉर्ड की अपनी राज्य सूची से काफ़ी हद तक मेल खाता है।

स्रोत: Mungbean varieties — ICAR-IARI Technology Transfer & Business Planning Development Unit (ztmbpd). संपादकीय नीति.