Punjab Hybrid
एक PAU F1 हाइब्रिड — भारत के पहले खरबूज़ा हाइब्रिडों में से एक — गोल, जालीदार, एक-समान फल, कड़े नारंगी गूदे व खुली-परागित PAU किस्मों से ऊँची, ज़्यादा एक-समान उपज के साथ।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- खरबूज़ा
- प्रकार
- हाइब्रिड
- सीज़न
- ज़ायद / गर्मी
- पकने की अवधि
- पहली कटाई ~80–90 दिन
- अपेक्षित उपज
- 22–28 टन/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- बलुई / हल्की मिट्टी
- जारी
- पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना द्वारा जारी
इस किस्म के बारे में
पंजाब हाइब्रिड पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना की एक F1 हाइब्रिड खरबूज़ा है, और पहले भारतीय खरबूज़ा हाइब्रिडों में से एक। यह गोल, जालीदार, एक-समान फल कड़े नारंगी गूदे व खुली-परागित PAU किस्मों से ऊँची, ज़्यादा एक-समान उपज के साथ पैदा करती, यही वजह है कि यह उस व्यावसायिक उत्तर-पश्चिम फ़सल के लिए इस्तेमाल होती जहाँ एक-समान फल आकार व पैक-आउट मायने रखते। यह लगभग 80–90 दिन में पकती। एक हाइब्रिड के रूप में, इसका बीज हर सीज़न ताज़ा ख़रीदना पड़ता।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
पहली कटाई ~80–90 दिन
अपेक्षित उपज
22–28 टन/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- कोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- एक-समान, जालीदार फल — व्यावसायिक बाज़ार को एक-समान आकार व पैक-आउट
- खुली-परागित PAU किस्मों से ऊँची, ज़्यादा एक-समान उपज
- ठीक-ठाक सँभलने वाला कड़ा नारंगी गूदा
ध्यान रखने योग्य बातें
- हाइब्रिड — बीज हर सीज़न ताज़ा ख़रीदना पड़ता व खुली-परागित से ज़्यादा महँगा
- कोई विशेष रोग प्रतिरोध नहीं — डाउनी व चूर्णिल आसिता, फल-मक्खी व मोज़ेक विषाणु सब फिर भी संभालने होते
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- पंजाब
- हरियाणा
- उत्तर प्रदेश
- राजस्थान
