Pusa Sharbati
एक क्लासिक IARI किस्म, मध्यम, गोल, जालीदार फल, कड़े हरे-से छिलके व बहुत मीठे, सुगंधित सैल्मन-नारंगी गूदे के साथ। उत्तर व मध्य भारत भर उगाई जाती; जालीदार छिलका चिकने-छिलके प्रकारों से बेहतर यात्रा करता।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- खरबूज़ा
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- ज़ायद / गर्मी
- पकने की अवधि
- पहली कटाई ~85–90 दिन
- अपेक्षित उपज
- 15–20 टन/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- बलुई / हल्की मिट्टी
- जारी
- ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली द्वारा जारी
इस किस्म के बारे में
पूसा शरबती ICAR-IARI, नई दिल्ली की एक लंबे समय से चली आ रही खुली-परागित खरबूज़ा है। फल मध्यम व गोल, एक कड़े, हरे-से, अच्छी-जालीदार छिलके व बहुत मीठे, सुगंधित सैल्मन-नारंगी गूदे के साथ। यह उत्तर व मध्य भारत भर व्यापक रूप से उगाई जाती, और जालीदार छिलका इसे हरा मधु जैसे चिकने-छिलके मीठे प्रकारों से बेहतर सँभाल व ढुलाई सहनशीलता देता। यह लगभग 85–90 दिन में पहली कटाई तक पहुँचती।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
पहली कटाई ~85–90 दिन
अपेक्षित उपज
15–20 टन/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- बहुत मीठा, सुगंधित सैल्मन-नारंगी गूदा
- जालीदार छिलका — चिकने-छिलके मीठे प्रकारों से बेहतर सँभाल व ढुलाई
- उत्तर व मध्य भारत भर व्यापक अनुकूलन; खुली-परागित, इसलिए बीज बचाया जा सकता
ध्यान रखने योग्य बातें
- कोई विशेष रोग प्रतिरोध नहीं — नम या सूखे-गरम दौर में डाउनी व चूर्णिल आसिता को एक छिड़काव कार्यक्रम चाहिए
- एक साथ पकती और भंडारित नहीं होती — 2–3 दिन में बेचनी ज़रूरी
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- उत्तर प्रदेश
- मध्य प्रदेश
- दिल्ली
- राजस्थान
- पंजाब
- हरियाणा
