Hara Madhu
एक पंजाब कृषि विश्वविद्यालय किस्म, बड़े, गोल, चिकने (बिना-जाली) फल, हल्के हरे छिलके व बहुत मीठे, मोटे, हल्के-हरे गूदे के साथ — भारत में उगाए सबसे मीठे खरबूज़ों में से एक। पतला छिलका आसानी से चोटिल होता, इसलिए यह सिर्फ़ नज़दीकी बाज़ारों को सूट करता।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- खरबूज़ा
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- ज़ायद / गर्मी
- पकने की अवधि
- पहली कटाई ~90–100 दिन
- अपेक्षित उपज
- 15–20 टन/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- बलुई / हल्की मिट्टी
- जारी
- पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना द्वारा जारी
इस किस्म के बारे में
हरा मधु पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना की एक खुली-परागित खरबूज़ा है, और भारत में उगाए सबसे मीठे खरबूज़ों में से एक। फल बड़ा व गोल, एक चिकने, बिना-जाली, हल्के हरे छिलके व मोटे, हल्के-हरे, बहुत मीठे, रसीले गूदे के साथ। इसकी कमज़ोरी वह पतला, चिकना छिलका है — फल तुड़ाई के एक-दो दिन में चोटिल होकर टूट जाता, इसलिए यह स्थानीय व नज़दीकी बाज़ारों की फ़सल है जहाँ मिठास यात्रा से ज़्यादा मायने रखे। यह लगभग 90–100 दिन में पकती।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
पहली कटाई ~90–100 दिन
अपेक्षित उपज
15–20 टन/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- कोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- भारत में उगाए सबसे मीठे खरबूज़ों में — मोटा, रसीला, हल्का-हरा गूदा
- बड़ा फल; उत्तर-पश्चिम में एक मज़बूत स्थानीय-बाज़ार व स्ट्रीट-वेंडर आकर्षण
- खुली-परागित, इसलिए बीज बचाया जा सकता
ध्यान रखने योग्य बातें
- पतला, चिकना छिलका एक-दो दिन में चोटिल होकर टूट जाता — सिर्फ़ नज़दीकी बाज़ारों को
- कोई रोग प्रतिरोध नहीं — डाउनी व चूर्णिल आसिता संभालने होते; एक साथ पकती और भंडारित नहीं होती
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- पंजाब
- हरियाणा
- उत्तर प्रदेश
- राजस्थान
