Punjab Sunehri
एक PAU किस्म, मध्यम, गोल, थोड़ा चपटा फल, पीले-हरे जालीदार छिलके व कड़े, मीठे, गहरे नारंगी गूदे के साथ; हरा मधु से ज़्यादा ढुलाई-योग्य और उत्तर-पश्चिम में व्यापक रूप से उगाई जाती।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- खरबूज़ा
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- ज़ायद / गर्मी
- पकने की अवधि
- पहली कटाई ~85–95 दिन
- अपेक्षित उपज
- 18–22 टन/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- बलुई / हल्की मिट्टी
- जारी
- पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना द्वारा जारी
इस किस्म के बारे में
पंजाब सुनहरी पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना की एक खुली-परागित खरबूज़ा है, हरा मधु के एक ज़्यादा ढुलाई-योग्य विकल्प के रूप में विकसित। फल मध्यम व गोल, थोड़ा चपटा, एक पीले-हरे जालीदार छिलके व कड़े, मीठे, गहरे नारंगी गूदे के साथ। जाली व ज़्यादा कड़ा गूदा इसे चिकने-छिलके बहुत-मीठे प्रकारों से बेहतर सँभाल व मध्यम-दूरी ढुलाई झेलने देता, इसलिए यह उत्तर-पश्चिम व्यावसायिक फ़सल का आधार है। यह लगभग 85–95 दिन में पकती।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
पहली कटाई ~85–95 दिन
अपेक्षित उपज
18–22 टन/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- कोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- जालीदार छिलका व कड़ा गूदा — सँभाल व मध्यम-दूरी ढुलाई अच्छी झेलता
- मीठा, गहरा नारंगी गूदा; उत्तर-पश्चिम में भरोसेमंद उपज
- खुली-परागित, इसलिए बीज बचाया जा सकता
ध्यान रखने योग्य बातें
- कोई विशेष रोग प्रतिरोध नहीं — डाउनी व चूर्णिल आसिता व फल-मक्खी फिर भी संभालने होते
- उत्तर-पश्चिम को सबसे उपयुक्त; एक साथ पकती और भंडारित नहीं होती
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- पंजाब
- हरियाणा
- हिमाचल प्रदेश
- उत्तर प्रदेश
