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सरसोंरबीखुली-परागितअपडेट किया गया 12 अगस्त 2026

Pusa Bold

जल्दी पकने वाली और मोटे दाने वाली, क़रीब 40% तेल — हल्की, कम नमी वाली मिट्टी के लिए भरोसेमंद विकल्प।

सीज़नरबी
पकने की अवधि110–115 दिन
अपेक्षित उपज18–20 क्विंटल/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीबलुई / हल्की मिट्टी

ज़रूरी तथ्य

फसल
सरसों
प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
110–115 दिन
बीज दर
कतार बुवाई के लिए लगभग 7.5 किलो/हेक्टेयर, छिटकवाँ बुवाई पर 10 किलो/हेक्टेयर — कतार बुवाई से घनत्व ज़्यादा समान रहता है और निराई आसान होती है
अपेक्षित उपज
18–20 क्विंटल/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
बलुई / हल्की मिट्टी
जारी
1984 में जारी, ICAR-IARI, नई दिल्ली

इस किस्म के बारे में

पूसा बोल्ड को ICAR-IARI, नई दिल्ली ने 1984 में जारी किया था और आज भी इसकी जल्दी पकने की आदत व मोटे, तेल-भरपूर दाने के लिए खेती की जाती है। यह क़रीब 110–115 दिन में पकती है और इसमें लगभग 40% तेल होता है; इसका बीज आगे चलकर कम-इरुसिक-एसिड, कैनोला-गुणवत्ता वाली सरसों प्रजनन परियोजनाओं में एक संदर्भ जनक भी बना।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधि110–115 दिन
    उपज क्षमता18–20 क्विंटल/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधसफ़ेद रतुआ व आल्टरनेरिया झुलसा के प्रति संवेदनशील
    मिट्टीबलुई / हल्की मिट्टी
    सीज़नरबी

बुवाई व खेती

  • बीज दरकतार बुवाई के लिए लगभग 7.5 किलो/हेक्टेयर, छिटकवाँ बुवाई पर 10 किलो/हेक्टेयर — कतार बुवाई से घनत्व ज़्यादा समान रहता है और निराई आसान होती है

उपज व अवधि

पकने की अवधि

110–115 दिन

अपेक्षित उपज

18–20 क्विंटल/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

प्रबंधन सुझाव

  • फूल आने से आगे, ख़ासकर बेमौसम बारिश या भारी ओस के बाद, सफ़ेद रतुआ व आल्टरनेरिया पर नज़र रखें

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • अभी भी इस्तेमाल में सबसे जल्दी पकने वाली सरसों किस्मों में से एक — देर से कटी ख़रीफ़ के बाद तंग रबी खिड़की में उपयोगी
  • मोटा, तेल-भरपूर दाना (क़रीब 40% तेल) जिस पर चक्कियाँ पतले दाने वाली किस्मों से ज़्यादा दाम देती हैं
  • हल्की, कम नमी वाली मिट्टी के लिए उपयुक्त, जहाँ ज़्यादा उपज वाली किस्में संघर्ष करती हैं

ध्यान रखने योग्य बातें

  • अच्छी दोमट मिट्टी में उपज की सीमा (18–20 क्विंटल/हेक्टेयर) RH 749 जैसी नई किस्मों से कम है
  • पुरानी किस्म (1984) — हाल की पूसा सरसों किस्मों में पैदा किया गया कैनोला-गुणवत्ता (कम इरुसिक एसिड, कम ग्लूकोसिनोलेट) गुण इसमें नहीं है
  • नम साल में सफ़ेद रतुआ व आल्टरनेरिया झुलसा के प्रति संवेदनशील — ज़्यादातर ग़ैर-प्रतिरोधी किस्मों की तरह समय पर फफूंदनाशी छिड़काव की ज़रूरत

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • राजस्थान
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • उत्तर प्रदेश

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पूसा बोल्ड सरसों क्या है?

ICAR-IARI, नई दिल्ली द्वारा 1984 में जारी एक जल्दी पकने वाली, मोटे दाने वाली सरसों किस्म, जो आज भी अपने तेल-भरपूर दाने के लिए उगाई जाती है।

पूसा बोल्ड की बीज दर क्या है?

कतार बुवाई के लिए लगभग 7.5 किलो/हेक्टेयर, छिटकवाँ बुवाई पर 10 किलो/हेक्टेयर।

पूसा बोल्ड को पकने में कितने दिन लगते हैं?

लगभग 110–115 दिन, आज भी इस्तेमाल में सबसे जल्दी पकने वाली सरसों किस्मों में से एक।

पूसा बोल्ड में तेल की मात्रा कितनी है?

मोटे, गहरे पीले दाने में लगभग 40%।

पूसा बोल्ड के लिए कौन-से क्षेत्र उपयुक्त हैं?

राजस्थान, हरियाणा, पंजाब व उत्तर प्रदेश, ख़ासकर हल्की, कम नमी वाली मिट्टी में।