RH 749
अच्छी दोमट मिट्टी में पूसा बोल्ड से ज़्यादा उपज, बस अवधि थोड़ी लंबी।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- सरसों
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- रबी
- पकने की अवधि
- 135–140 दिन
- अपेक्षित उपज
- 22–25 क्विंटल/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- लगभग 2013 में जारी · सीसीएस हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार
इस किस्म के बारे में
आरएच 749 को सीसीएस हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार ने विकसित किया और लगभग 2013 में सिंचित सरसों की खेती के लिए जारी किया गया। यह हरियाणा, पंजाब, राजस्थान व उत्तर प्रदेश में HAU की मानक सुझाई गई किस्मों में से एक बनी, पूसा बोल्ड जैसी पुरानी HAU किस्मों से ज़्यादा उपज-सीमा के साथ — इससे पहले कि विश्वविद्यालय की नई आरएच 1975 किस्म, जो लगभग 12% ज़्यादा उपज देने वाली बताई जाती है, इसी पट्टी में इसकी जगह लेने आई।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
135–140 दिन
अपेक्षित उपज
22–25 क्विंटल/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- अच्छी दोमट मिट्टी में पूसा बोल्ड जैसी पुरानी HAU किस्मों से ज़्यादा उपज-सीमा
- हरियाणा, पंजाब, राजस्थान व उत्तर प्रदेश में नई HAU किस्मों के आने से पहले सालों के खेत-अनुभव के साथ अच्छी तरह स्थापित
ध्यान रखने योग्य बातें
- HAU की नई किस्म आरएच 1975, समय पर बुवाई में आरएच 749 से लगभग 12% ज़्यादा उपज देने वाली बताई जाती है — बीज चुनने से पहले तुलना ज़रूर करें
- इस किस्म के लिए सार्वजनिक रूप से पुष्ट खेती-विवरण (बीज दर, सटीक रोग-प्रतिरोध रेटिंग, तेल मात्रा) हाल की किस्मों जितना उपलब्ध नहीं — मौजूदा सुझाई गई पद्धति के लिए स्थानीय KVK या HAU विस्तार कार्यालय से संपर्क करें
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- हरियाणा
- राजस्थान
- पंजाब
- उत्तर प्रदेश
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आरएच 749 सरसों क्या है?
सीसीएस HAU, हिसार द्वारा विकसित एक सिंचित सरसों किस्म, जो लगभग 2013 में जारी हुई — नई HAU किस्मों के आने से पहले हरियाणा, पंजाब, राजस्थान व उत्तर प्रदेश में लोकप्रिय रही।
आरएच 749 के लिए कौन-से क्षेत्र उपयुक्त हैं?
हरियाणा, राजस्थान, पंजाब व उत्तर प्रदेश — ज़्यादातर सीसीएस HAU सरसों किस्मों वाली वही उत्तर-पश्चिम पट्टी।
क्या आरएच 749 का कोई नया विकल्प है?
हाँ — सीसीएस HAU की आरएच 1975, इसी पट्टी में समय पर बुवाई में आरएच 749 से लगभग 12% ज़्यादा उपज देने वाली बताई जाती है।
