मुख्य सामग्री पर जाएँ
Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
प्याजखरीफ़खुली-परागितअपडेट किया गया 15 अगस्त 2026

Bhima Red

भीमा सुपर की सहोदर ICAR-DOGR किस्म, उसी खरीफ़ भंडारण खिड़की के लिए बनाई गई। अभी इसके लिए अलग से शोध कर विस्तृत पेज नहीं बनाया गया है।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधि100–110 दिन
अपेक्षित उपज190–210 क्विंटल/हेक्टेयर (खरीफ) से 480–520 क्विंटल/हेक्टेयर (लेट-खरीफ)
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
प्याज
प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
100–110 दिन
अपेक्षित उपज
190–210 क्विंटल/हेक्टेयर (खरीफ) से 480–520 क्विंटल/हेक्टेयर (लेट-खरीफ)
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
आईसीएआर-डीओजीआर (प्याज़ व लहसुन अनुसंधान निदेशालय), भीमा सुपर की सहोदर किस्म

इस किस्म के बारे में

भीमा रेड एक प्याज़ किस्म है, जिसे आईसीएआर-डीओजीआर (प्याज़ व लहसुन अनुसंधान निदेशालय) ने जारी किया, भीमा सुपर की सहोदर किस्म। एक सीधे प्राप्त आईसीएआर पृष्ठ इसे दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान व तमिलनाडु में खरीफ़ खेती के लिए आधिकारिक रूप से अनुशंसित सूचीबद्ध करता है, व महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश में रबी खेती के लिए भी स्वीकृत, जिसमें रबी-कटी कंद तीन महीने तक भंडारित होती हैं।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधि100–110 दिन
    उपज क्षमता190–210 क्विंटल/हेक्टेयर (खरीफ) से 480–520 क्विंटल/हेक्टेयर (लेट-खरीफ)
    रोग-प्रतिरोधकोई विशेष बना-बनाया प्रतिरोध नहीं
    मिट्टीदोमट
    सीज़नखरीफ़

उपज व अवधि

पकने की अवधि

100–110 दिन

अपेक्षित उपज

190–210 क्विंटल/हेक्टेयर (खरीफ) से 480–520 क्विंटल/हेक्टेयर (लेट-खरीफ)

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • कोई विशेष बना-बनाया प्रतिरोध नहीं

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

ध्यान रखने योग्य बातें

  • 2026-08-15 को सुधारा गया: आईसीएआर की अपनी सीधे प्राप्त अनुशंसा सूची 8 खरीफ़ राज्यों (दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु) के साथ-साथ महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश में रबी स्वीकृति का नाम लेती है — states को पुराने तीन-राज्य (महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात) फ़ील्ड से इस पूर्ण 9-राज्य सूची में सुधारा गया।
  • 2026-08-15 को सुधारा गया: आईसीएआर के अपने आँकड़े खरीफ़ बुवाई के लिए 19–21 टन/हेक्टेयर (190–210 क्विंटल/हेक्टेयर) व पछेती-खरीफ़ बुवाई के लिए 48–52 टन/हेक्टेयर (480–520 क्विंटल/हेक्टेयर) देते हैं, दोनों इस रिकॉर्ड की पुरानी एकल "250–350 क्विंटल/हेक्टेयर" yieldPotential रेंज से भिन्न थे — yieldPotential को "190–210 क्विंटल/हेक्टेयर (खरीफ) से 480–520 क्विंटल/हेक्टेयर (लेट-खरीफ)" में सुधारा गया, जो एक मिश्रित रेंज की बजाय दोनों स्रोतित सीज़न-विशिष्ट आँकड़ों से सीधे मेल खाता है।
  • आईसीएआर की अवधि संख्याएँ (खरीफ़ 105–110 दिन, पछेती-खरीफ़/रबी रोपाई के बाद 110–120 दिन) इस रिकॉर्ड की मौजूदा "100–110 दिन" duration फ़ील्ड के क़रीब बैठती हैं — वहाँ कोई मज़बूत विरोधाभास नहीं, और तीन महीने तक की रबी भंडारण-आयु इस रिकॉर्ड में पहले न शामिल नया तथ्य है।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • दिल्ली
  • गुजरात
  • हरियाणा
  • कर्नाटक
  • महाराष्ट्र
  • मध्य प्रदेश
  • पंजाब
  • राजस्थान
  • तमिलनाडु

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

भीमा रेड को किसने जारी किया?

आईसीएआर-डीओजीआर (प्याज़ व लहसुन अनुसंधान निदेशालय) ने इसे भीमा सुपर की सहोदर किस्म के रूप में जारी किया, वही खरीफ़ भंडारण-खिड़की प्रजनन फ़ोकस साझा करते हुए।

भीमा रेड किन राज्यों में आधिकारिक रूप से उगाई जाती है?

आईसीएआर की अपनी अनुशंसा खरीफ़ के लिए 8 राज्यों (दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु) व महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश में रबी स्वीकृति को कवर करती है, और इस रिकॉर्ड का states फ़ील्ड पूर्ण 9-राज्य सूची दर्शाता है।

बुवाई की खिड़की के हिसाब से भीमा रेड की उपज इतनी अलग क्यों है?

अपनी सहोदर भीमा सुपर की तरह, यह किस्म बुवाई-खिड़की के हिसाब से बहुत अलग प्रदर्शन करती है — आईसीएआर के अपने आँकड़े खरीफ़ बुवाई के लिए लगभग 19–21 टन/हेक्टेयर बनाम पछेती-खरीफ़ बुवाई के लिए 48–52 टन/हेक्टेयर दिखाते हैं, और इस रिकॉर्ड का yieldPotential फ़ील्ड अब एक मिश्रित रेंज की बजाय दोनों आँकड़े सीधे बताता है।

भीमा रेड कितनी देर भंडारित रहती है?

रबी-कटी कंद तीन महीने तक भंडारित रह सकती हैं, आईसीएआर की अपनी किस्म जानकारी के अनुसार।

क्या भीमा रेड किसी विशेष रोग के प्रति प्रतिरोधी है?

आईसीएआर की अपनी किस्म-सूची में कोई विशेष रोग-प्रतिरोध दस्तावेज़ीकृत नहीं मिला — इस रिकॉर्ड की मौजूदा "कोई विशेष बना-बनाया प्रतिरोध नहीं" diseaseResistance फ़ील्ड इस चरण में मिली जानकारी के अनुरूप है।