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प्याजखरीफ़खुली-परागितअपडेट किया गया 15 अगस्त 2026

Bhima Super

ICAR-DOGR से जारी — खरीफ़ मौसम के लिए बनाई गई लाल प्याज़, उस गीले मौसम की खिड़की के लिए जहाँ एग्रीफाउंड डार्क रेड में बल्ब सड़न का ख़तरा ज़्यादा होता है।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधिरोपाई के बाद 100–110 दिन
अपेक्षित उपज280–320 क्विंटल/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
प्याज
प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
रोपाई के बाद 100–110 दिन
अपेक्षित उपज
280–320 क्विंटल/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
ICAR-प्याज़ व लहसुन अनुसंधान निदेशालय (DOGR) द्वारा खरीफ़ व पछेती-खरीफ़ खेती के लिए जारी

इस किस्म के बारे में

भीमा सुपर एक लाल प्याज़ किस्म है, जिसे ICAR-प्याज़ व लहसुन अनुसंधान निदेशालय (DOGR) ने महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात व मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में खरीफ़ व पछेती-खरीफ़ दोनों खेती के लिए जारी किया। बल्ब गोल, गर्दन की ओर पतले व अधिकांशतः एकल-केंद्रित (single-centred) होते हैं। खरीफ़ फ़सल के रूप में यह 100–105 दिनों में पककर 20–22 टन/हेक्टेयर उपज देती है, भंडारण अवधि कम (1–1.5 महीने) रहती है; पछेती-खरीफ़ फ़सल के रूप में यह 110–120 दिनों में पककर कहीं ज़्यादा 40–45 टन/हेक्टेयर उपज देती है, भंडारण अवधि मध्यम (2–3 महीने) रहती है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधिरोपाई के बाद 100–110 दिन
    उपज क्षमता280–320 क्विंटल/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधमध्यम भंडारण अवधि — 3–4 महीने
    मिट्टीदोमट
    सीज़नखरीफ़

उपज व अवधि

पकने की अवधि

रोपाई के बाद 100–110 दिन

अपेक्षित उपज

280–320 क्विंटल/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • मध्यम भंडारण अवधि — 3–4 महीने

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • पछेती-खरीफ़ बुवाई, इसी किस्म की खरीफ़ फ़सल की तुलना में उपज (40–45 बनाम 20–22 टन/हेक्टेयर) व भंडारण अवधि (2–3 बनाम 1–1.5 महीने) — दोनों को लगभग दोगुना कर देती है — जो किसानों के लिए एक अहम समय-चयन है, जो दोनों में से कोई भी खिड़की चुन सकते हैं
  • अधिकांशतः एकल-केंद्रित बल्ब, जो बाज़ार में विभाजित या बहु-केंद्रित बल्बों से ज़्यादा पसंद किए जाते हैं

ध्यान रखने योग्य बातें

  • खरीफ़-बोई फ़सल की भंडारण अवधि कम है (1–1.5 महीने) — इसे रोककर रखने के बजाय जल्दी बाज़ार भेजना ज़रूरी है
  • इसके सबसे अच्छे प्रदर्शन, यानी पछेती-खरीफ़ खिड़की में भी, भंडारण अवधि (2–3 महीने) एक समर्पित रबी भंडारण किस्म से काफ़ी कम रहती है

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • महाराष्ट्र
  • कर्नाटक

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

भीमा सुपर को खरीफ़ या पछेती-खरीफ़ फ़सल के रूप में बोना चाहिए?

यह किस्म समय-खिड़की के हिसाब से बहुत अलग प्रदर्शन करती है — खरीफ़ बुवाई से 20–22 टन/हेक्टेयर उपज मिलती है, भंडारण सिर्फ़ 1–1.5 महीने का; जबकि पछेती-खरीफ़ बुवाई से उपज लगभग दोगुनी होकर 40–45 टन/हेक्टेयर हो जाती है, भंडारण 2–3 महीने का — इसलिए पछेती खिड़की उन किसानों के लिए उपयुक्त है जो फ़सल को थोड़ा रोककर रख सकते हैं, तुरंत बेचने के बजाय।

स्रोत: Improved Onion Varieties Released — ICAR, Bhima Super — Onion Farming In India, Kisaan Helpline. संपादकीय नीति.