Bhima Super
ICAR-DOGR से जारी — खरीफ़ मौसम के लिए बनाई गई लाल प्याज़, उस गीले मौसम की खिड़की के लिए जहाँ एग्रीफाउंड डार्क रेड में बल्ब सड़न का ख़तरा ज़्यादा होता है।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- प्याज
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- खरीफ़
- पकने की अवधि
- रोपाई के बाद 100–110 दिन
- अपेक्षित उपज
- 280–320 क्विंटल/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- ICAR-प्याज़ व लहसुन अनुसंधान निदेशालय (DOGR) द्वारा खरीफ़ व पछेती-खरीफ़ खेती के लिए जारी
इस किस्म के बारे में
भीमा सुपर एक लाल प्याज़ किस्म है, जिसे ICAR-प्याज़ व लहसुन अनुसंधान निदेशालय (DOGR) ने महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात व मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में खरीफ़ व पछेती-खरीफ़ दोनों खेती के लिए जारी किया। बल्ब गोल, गर्दन की ओर पतले व अधिकांशतः एकल-केंद्रित (single-centred) होते हैं। खरीफ़ फ़सल के रूप में यह 100–105 दिनों में पककर 20–22 टन/हेक्टेयर उपज देती है, भंडारण अवधि कम (1–1.5 महीने) रहती है; पछेती-खरीफ़ फ़सल के रूप में यह 110–120 दिनों में पककर कहीं ज़्यादा 40–45 टन/हेक्टेयर उपज देती है, भंडारण अवधि मध्यम (2–3 महीने) रहती है।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
रोपाई के बाद 100–110 दिन
अपेक्षित उपज
280–320 क्विंटल/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- मध्यम भंडारण अवधि — 3–4 महीने
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- पछेती-खरीफ़ बुवाई, इसी किस्म की खरीफ़ फ़सल की तुलना में उपज (40–45 बनाम 20–22 टन/हेक्टेयर) व भंडारण अवधि (2–3 बनाम 1–1.5 महीने) — दोनों को लगभग दोगुना कर देती है — जो किसानों के लिए एक अहम समय-चयन है, जो दोनों में से कोई भी खिड़की चुन सकते हैं
- अधिकांशतः एकल-केंद्रित बल्ब, जो बाज़ार में विभाजित या बहु-केंद्रित बल्बों से ज़्यादा पसंद किए जाते हैं
ध्यान रखने योग्य बातें
- खरीफ़-बोई फ़सल की भंडारण अवधि कम है (1–1.5 महीने) — इसे रोककर रखने के बजाय जल्दी बाज़ार भेजना ज़रूरी है
- इसके सबसे अच्छे प्रदर्शन, यानी पछेती-खरीफ़ खिड़की में भी, भंडारण अवधि (2–3 महीने) एक समर्पित रबी भंडारण किस्म से काफ़ी कम रहती है
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- महाराष्ट्र
- कर्नाटक
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
भीमा सुपर को खरीफ़ या पछेती-खरीफ़ फ़सल के रूप में बोना चाहिए?
यह किस्म समय-खिड़की के हिसाब से बहुत अलग प्रदर्शन करती है — खरीफ़ बुवाई से 20–22 टन/हेक्टेयर उपज मिलती है, भंडारण सिर्फ़ 1–1.5 महीने का; जबकि पछेती-खरीफ़ बुवाई से उपज लगभग दोगुनी होकर 40–45 टन/हेक्टेयर हो जाती है, भंडारण 2–3 महीने का — इसलिए पछेती खिड़की उन किसानों के लिए उपयुक्त है जो फ़सल को थोड़ा रोककर रख सकते हैं, तुरंत बेचने के बजाय।
स्रोत: Improved Onion Varieties Released — ICAR, Bhima Super — Onion Farming In India, Kisaan Helpline. संपादकीय नीति.
