Kashi Harit
एक ICAR-IIVR (वाराणसी) किस्म बहुत जल्दी परिपक्वता को विकसित, अगेती कटाई व एक छोटा फ़सल-चक्र देती जहाँ ज़मीन का जल्दी दोबारा इस्तेमाल मायने रखता है।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- कद्दू
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- ज़ायद / गर्मी
- पकने की अवधि
- पहली तुड़ाई तक 65–70 दिन
- अपेक्षित उपज
- 300–350 क्विंटल/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
इस किस्म के बारे में
काशी हरित ICAR-IIVR, वाराणसी की एक खुली-परागित कद्दू किस्म है, ख़ासतौर पर बहुत जल्दी परिपक्वता को विकसित — इस सूची की प्रमुख नामित किस्मों में सबसे तेज़। यह लगभग 65–70 दिन में पहली तुड़ाई तक पहुँचती, जो किसान को एक सँकरे फ़सल-चक्र में कद्दू फ़सल फिट करने या धीमी किस्मों से काफ़ी पहले बाज़ार पहुँचने देती है। ऐसी छोटी अवधि के लिए फल मध्यम आकार व अच्छी खेत-स्तर उपज देता है, हालाँकि यह मुख्यतः अगेती कटाई को विकसित है न कि सबसे लंबे संभव भंडारण-जीवन को, इसलिए महीनों टिकने वाला फल चाहते किसानों को फिर भी इसे सबसे जल्दी संभव तारीख़ पर तोड़ने के बजाय पूरा पका सुखाना चाहिए।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
पहली तुड़ाई तक 65–70 दिन
अपेक्षित उपज
300–350 क्विंटल/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- कोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- प्रमुख नामित किस्मों में सबसे तेज़ परिपक्वता — लगभग 65–70 दिन में पहली तुड़ाई
- लंबी-अवधि किस्मों से सँकरे ज़मीन-चक्र कार्यक्रम में फिट होती
- ऐसे छोटे फ़सल-चक्र के लिए अच्छी उपज (300–350 क्विंटल/हेक्टेयर)
ध्यान रखने योग्य बातें
- मुख्यतः अगेती कटाई को विकसित, सबसे लंबे भंडारण-जीवन को नहीं — टिकने-गुणवत्ता को फिर भी पूरा पका फल सुखाएँ
- कोई विशेष रोग प्रतिरोध दावा नहीं
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- उत्तर प्रदेश
- बिहार
- eastern India
