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कद्दूज़ायद / गर्मीखुली-परागितअपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Kashi Harit

एक ICAR-IIVR (वाराणसी) किस्म बहुत जल्दी परिपक्वता को विकसित, अगेती कटाई व एक छोटा फ़सल-चक्र देती जहाँ ज़मीन का जल्दी दोबारा इस्तेमाल मायने रखता है।

सीज़नज़ायद / गर्मी
पकने की अवधिपहली तुड़ाई तक 65–70 दिन
अपेक्षित उपज300–350 क्विंटल/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
ज़ायद / गर्मी
पकने की अवधि
पहली तुड़ाई तक 65–70 दिन
अपेक्षित उपज
300–350 क्विंटल/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट

इस किस्म के बारे में

काशी हरित ICAR-IIVR, वाराणसी की एक खुली-परागित कद्दू किस्म है, ख़ासतौर पर बहुत जल्दी परिपक्वता को विकसित — इस सूची की प्रमुख नामित किस्मों में सबसे तेज़। यह लगभग 65–70 दिन में पहली तुड़ाई तक पहुँचती, जो किसान को एक सँकरे फ़सल-चक्र में कद्दू फ़सल फिट करने या धीमी किस्मों से काफ़ी पहले बाज़ार पहुँचने देती है। ऐसी छोटी अवधि के लिए फल मध्यम आकार व अच्छी खेत-स्तर उपज देता है, हालाँकि यह मुख्यतः अगेती कटाई को विकसित है न कि सबसे लंबे संभव भंडारण-जीवन को, इसलिए महीनों टिकने वाला फल चाहते किसानों को फिर भी इसे सबसे जल्दी संभव तारीख़ पर तोड़ने के बजाय पूरा पका सुखाना चाहिए।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधिपहली तुड़ाई तक 65–70 दिन
    उपज क्षमता300–350 क्विंटल/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधकोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं
    मिट्टीदोमट
    सीज़नज़ायद / गर्मी

उपज व अवधि

पकने की अवधि

पहली तुड़ाई तक 65–70 दिन

अपेक्षित उपज

300–350 क्विंटल/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • कोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • प्रमुख नामित किस्मों में सबसे तेज़ परिपक्वता — लगभग 65–70 दिन में पहली तुड़ाई
  • लंबी-अवधि किस्मों से सँकरे ज़मीन-चक्र कार्यक्रम में फिट होती
  • ऐसे छोटे फ़सल-चक्र के लिए अच्छी उपज (300–350 क्विंटल/हेक्टेयर)

ध्यान रखने योग्य बातें

  • मुख्यतः अगेती कटाई को विकसित, सबसे लंबे भंडारण-जीवन को नहीं — टिकने-गुणवत्ता को फिर भी पूरा पका फल सुखाएँ
  • कोई विशेष रोग प्रतिरोध दावा नहीं

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • उत्तर प्रदेश
  • बिहार
  • eastern India