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राजमाखरीफ़खुली-परागितअपडेट किया गया 15 अगस्त 2026

PDR-14 (Uday)

ICAR-IIPR, कानपुर की छोटी-अवधि, लाल-चितकबरे बीज वाली किस्म, बीन कॉमन मोज़ेक विषाणु के प्रति सहनशीलता के लिए विकसित। अभी इसके लिए अलग से शोध कर विस्तृत पेज नहीं बनाया गया है।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधि125–130 दिन
अपेक्षित उपज~30 क्विंटल/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
राजमा
प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
125–130 दिन
अपेक्षित उपज
~30 क्विंटल/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
आईसीएआर-आईआईपीआर, कानपुर (स्थापना 1983) — पीडीआर-14 (उदय) के लिए स्वयं सटीक जारी-वर्ष इस चरण में पुष्ट नहीं हो सका

इस किस्म के बारे में

पीडीआर-14, जिसे लोकप्रिय रूप से उदय कहा जाता है, एक लाल-चितकबरे बीज वाली राजमा किस्म है, जो आईसीएआर-आईआईपीआर (भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान), कानपुर से जुड़ी है, जिसकी स्थापना 1983 में हुई। पुष्ट द्वितीयक स्रोत इसे बुवाई के लगभग 125–130 दिन बाद पकने वाली बताते हैं, उपज लगभग 30 क्विंटल/हेक्टेयर, एक बीन मोज़ेक रोग के प्रति सहनशील।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधि125–130 दिन
    उपज क्षमता~30 क्विंटल/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधबीन कॉमन मोज़ेक विषाणु (BCMV) सहनशील
    मिट्टीदोमट
    सीज़नखरीफ़

उपज व अवधि

पकने की अवधि

125–130 दिन

अपेक्षित उपज

~30 क्विंटल/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

ध्यान रखने योग्य बातें

  • 2026-08-15 को सुधारा गया: कई पुष्ट करने वाले द्वितीयक स्रोत 125–130 दिन की परिपक्वता व लगभग 30 क्विंटल/हेक्टेयर उपज पर सहमत हैं, दोनों इस रिकॉर्ड की पुरानी "90–100 दिन" duration व "10–12 क्विंटल/हेक्टेयर" yieldPotential फ़ील्ड से काफ़ी अधिक थे — duration को "125–130 दिन" व yieldPotential को "~30 क्विंटल/हेक्टेयर" में सुधारा गया।
  • एक नामकरण तनाव: इस रिकॉर्ड की मौजूदा diseaseResistance फ़ील्ड बीन कॉमन मोज़ेक विषाणु (BCMV) का नाम लेती है, जबकि पुष्ट द्वितीयक स्रोत इसके बजाय "BSMV" (बीन सीवियर मोज़ेक विषाणु) कहते हैं — ये एक ही रोग के अलग-अलग नामकरण हो सकते हैं, दो अलग विषाणुओं के बीच एक वास्तविक नामकरण अंतर, या स्रोत की अशुद्धि; इस चरण में हल नहीं हुआ, इसलिए दोनों नाम यहाँ दर्ज किए गए हैं, एक को दूसरे पर वरीयता दिए बिना।
  • कोई states विसंगति नहीं मिली — इस रिकॉर्ड का मौजूदा उत्तर प्रदेश + पंजाब फ़ील्ड आईआईपीआर, कानपुर (उत्तर प्रदेश) उत्पत्ति के अनुरूप है।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • उत्तर प्रदेश
  • पंजाब

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पीडीआर-14 (उदय) किस संस्थान से जुड़ी है?

आईसीएआर-आईआईपीआर (भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान), कानपुर, उत्तर प्रदेश, जिसकी स्थापना 1983 में हुई।

पीडीआर-14 (उदय) को पकने में कितना समय लगता है?

कई पुष्ट करने वाले स्रोत 125–130 दिन देते हैं, और इस रिकॉर्ड का duration फ़ील्ड यही आँकड़ा दर्शाता है।

पीडीआर-14 (उदय) कितनी उपज देती है?

कई पुष्ट करने वाले स्रोत लगभग 30 क्विंटल/हेक्टेयर देते हैं, और इस रिकॉर्ड का yieldPotential फ़ील्ड यही आँकड़ा दर्शाता है।

क्या पीडीआर-14 (उदय) BCMV या BSMV सहनशील है?

इस रिकॉर्ड की मौजूदा फ़ील्ड BCMV (बीन कॉमन मोज़ेक विषाणु) का नाम लेती है, जबकि पुष्ट द्वितीयक स्रोत इसके बजाय BSMV (बीन सीवियर मोज़ेक विषाणु) कहते हैं — नामकरण अंतर इस चरण में हल नहीं हुआ, और दोनों को दर्ज किया गया है, एक को दूसरे पर वरीयता दिए बिना।

पीडीआर-14 (उदय) का बीज कैसा दिखता है?

लाल-चितकबरा, इस रिकॉर्ड के मौजूदा विवरण से मेल खाता है — एक विशिष्ट बीज-छिलका पैटर्न जो इसे ठोस-रंग वाली राजमा किस्मों से अलग पहचानने में मदद करता है।