VL Bean 2
यह भी आईसीएआर-वीपीकेएएस अल्मोड़ा से (2008), वीएल राजमा 125 के साथ जारी — समान छोटी अवधि व समान उपज वाला विकल्प, जहाँ किसान एक ही पहाड़ी किस्म पर निर्भर रहने की बजाय एक अलग रोग-प्रतिरोध प्रोफ़ाइल चाहे।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- राजमा
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- खरीफ़
- पकने की अवधि
- ~82 दिन
- बीज दर
- पहाड़ी राजमा के लिए सामान्य सलाह लगभग 100–125 किलो/हेक्टेयर बताती है — यह वीएल बीन 2 के लिए पुष्ट आँकड़ा नहीं है
- अपेक्षित उपज
- 14–15 क्विंटल/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- 2008 में जारी · आईसीएआर-वीपीकेएएस, अल्मोड़ा — वीएल राजमा 125 के साथ, उत्तराखंड की पहाड़ियों के लिए
इस किस्म के बारे में
वीएल बीन 2 को 2008 में आईसीएआर-वीपीकेएएस, अल्मोड़ा ने वीएल राजमा 125 के साथ, उसी उत्तराखंड पहाड़ी खरीफ़ खेती पट्टी के लिए जारी किया। वीएल बीन 2 के लिए सार्वजनिक कृषि-विवरण सीमित है — इस रिकॉर्ड में पहले से दर्ज जानकारी से आगे इसके दाने के आकार, फली के गुण, या रोग-प्रतिरोध परीक्षण के बारे में कोई उपलब्ध आईसीएआर/वीपीकेएएस प्राथमिक स्रोत या स्वतंत्र व्यापार स्रोत नहीं मिला।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- बीज दरपहाड़ी राजमा के लिए सामान्य सलाह लगभग 100–125 किलो/हेक्टेयर बताती है — यह वीएल बीन 2 के लिए पुष्ट आँकड़ा नहीं है
- दूरीसामान्य पहाड़ी राजमा सलाह पंक्ति दूरी लगभग 45–60 सेमी व पौध-से-पौध 10–15 सेमी बताती है — यह एक सामान्य आँकड़ा है, किस्म-विशिष्ट नहीं
- उर्वरकसामान्य पहाड़ी राजमा सलाह लगभग 40 किलो नाइट्रोजन व 25 किलो फ़ॉस्फ़ोरस प्रति एकड़ बताती है — यह भी एक सामान्य आँकड़ा है, किस्म-विशिष्ट नहीं
मिट्टी व जलवायु
मिट्टी
- उपयुक्त मिट्टी
- अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी
- pH
- Around pH 5.5–6, per general hill kidney-bean guidance
उपज व अवधि
पकने की अवधि
~82 दिन
अपेक्षित उपज
14–15 क्विंटल/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- छोटी ~82 दिन की अवधि, वीएल राजमा 125 जैसी, पहाड़ी खरीफ़ के संकुचित मौसम में फ़िट बैठती है
- जड़ सड़न व एन्थ्रेक्नोज़ के प्रति प्रतिरोधी — वीएल राजमा 125 के व्यापक चार-रोग पैकेज के साथ एक दूसरी रोग-प्रतिरोध प्रोफ़ाइल, जहाँ किसान एक ही पहाड़ी किस्म पर निर्भर न रहना चाहे
ध्यान रखने योग्य बातें
- इस किस्म के लिए सार्वजनिक स्रोत असामान्य रूप से सीमित हैं — इस रिकॉर्ड के note में पहले से दर्ज जारी वर्ष व संस्थान से आगे, वीएल बीन 2 के लिए विशिष्ट विवरण (दाने का आकार, फली गिनती, सटीक कृषि आँकड़े) देने वाला कोई उपलब्ध प्राथमिक या स्वतंत्र स्रोत नहीं मिला; ऊपर दिए गए बीज दर/दूरी/उर्वरक आँकड़े सामान्य पहाड़ी राजमा सलाह हैं, इस किस्म के लिए पुष्ट नहीं
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- उत्तराखंड
- हिमाचल प्रदेश
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
वीएल बीन 2, वीएल राजमा 125 से कैसे अलग है?
दोनों एक ही आईसीएआर-वीपीकेएएस अल्मोड़ा पहाड़ी प्रजनन कार्यक्रम से हैं, एक साल के अंतर पर जारी, समान छोटी अवधि व उपज के साथ। मुख्य दर्ज अंतर रोग-प्रतिरोध का है — वीएल राजमा 125 में चार-रोग का व्यापक पैकेज (जड़ सड़न, एन्थ्रेक्नोज़, कोणीय पत्ती धब्बा, रतुआ) है, जबकि वीएल बीन 2 जड़ सड़न व एन्थ्रेक्नोज़ के प्रति प्रतिरोधी है। दोनों उगाने से पहाड़ी किसान को एक की बजाय दो अलग प्रतिरोध प्रोफ़ाइल मिलती हैं।
स्रोत: Kidney Bean Farming Guide Punjab — Apni Kheti. संपादकीय नीति.
