मुख्य सामग्री पर जाएँ
Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
तरबूज़ज़ायद / गर्मीखुली-परागितअपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Arka Muthu

नज़दीकी, घनी रोपाई के लिए विकसित एक IIHR बौनी, छोटी-बेल किस्म — गोल, छोटा, मीठा लगभग 2.5–3 किग्रा फल एक सघन पौधे पर जो उठी-क्यारी ड्रिप व्यवस्था व छोटे प्लॉट में बैठता।

सीज़नज़ायद / गर्मी
पकने की अवधिपहली कटाई ~80–90 दिन
अपेक्षित उपजघनी दूरी पर 35–45 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीबलुई / हल्की मिट्टी

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
ज़ायद / गर्मी
पकने की अवधि
पहली कटाई ~80–90 दिन
अपेक्षित उपज
घनी दूरी पर 35–45 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
बलुई / हल्की मिट्टी
जारी
ICAR-भारतीय बाग़बानी अनुसंधान संस्थान (IIHR), बेंगलुरु द्वारा जारी

इस किस्म के बारे में

अर्का मुथु ICAR-IIHR, बेंगलुरु की एक बौनी, छोटी-पोरी तरबूज़ है, इस तरह विकसित कि बेल सघन रहे व नज़दीक लगाई जा सके। फल छोटा (लगभग 2.5–3 किग्रा), गोल व मीठा — एक सुविधाजनक एकल-सर्विंग आकार — और छोटी बेल उठी-क्यारी ड्रिप-व-मल्च व्यवस्था, छोटे प्लॉट व यहाँ तक कि संरक्षित खेती को सूट करती। यह लगभग 80–90 दिन में जल्दी पकती, और इसकी प्रति एकड़ उपज बड़े फल के बजाय रोपाई-घनत्व से आती।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधिपहली कटाई ~80–90 दिन
    उपज क्षमताघनी दूरी पर 35–45 टन/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधमध्यम; स्थानीय उकठा दबाव जाँचें
    मिट्टीबलुई / हल्की मिट्टी
    सीज़नज़ायद / गर्मी

उपज व अवधि

पकने की अवधि

पहली कटाई ~80–90 दिन

अपेक्षित उपज

घनी दूरी पर 35–45 टन/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • बौनी, छोटी बेल — नज़दीक लगाई जा सकती, इसलिए प्रति एकड़ उपज घनत्व से आती
  • एक बढ़ते खुदरा बाज़ार वाला छोटा, मीठा, एकल-सर्विंग फल
  • उठी-क्यारी ड्रिप-व-मल्च व्यवस्था व छोटे या संरक्षित प्लॉट में बैठती
  • लगभग 80–90 दिन में अगेती

ध्यान रखने योग्य बातें

  • छोटा फल — जहाँ बाज़ार एक बड़ा तरबूज़ चाहता वहाँ यह विकल्प नहीं
  • रोग प्रतिरोध मध्यम; दोहराई कद्दूवर्गीय ज़मीन पर लगाने से पहले स्थानीय फ्यूज़ेरियम उकठा दबाव जाँचें

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • कर्नाटक
  • तमिलनाडु
  • आंध्र प्रदेश
  • महाराष्ट्र