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बिहारअनुदानसक्रियअपडेट 8 सितंबर 2026

कृषि यंत्रीकरण योजना (बिहार)

91 कृषि यंत्रों पर 40-80% अनुदान, दर किसान के वर्ग के अनुसार, साथ में कस्टम हायरिंग सेंटर और फार्म मशीनरी बैंक पर भी 80% तक।

संचालक: कृषि विभाग, बिहार सरकार — कृषि यंत्रीकरण निदेशालय, OFMAS पोर्टल

सामान्य वर्ग
40-50% अनुदान
SC/ST वर्ग
60-80% अनुदान
कस्टम हायरिंग सेंटर
40%, ₹4 लाख तक
फार्म मशीनरी बैंक
80%, ₹8 लाख तक
यंत्र कवर
86-91 प्रकार के यंत्र
ड्रोन CHC अनुदान
₹5 लाख तक
वित्त वर्ष 2026-27 बजट
₹236.58 करोड़

परिचय

बिहार की कृषि यंत्रीकरण योजना राज्य की सालाना कृषि यंत्र अनुदान योजना है, जिसे कृषि विभाग OFMAS पोर्टल (farmech.bihar.gov.in) से चलाता है। हर साल इसमें 91 यंत्रों की सूची पर आवेदन खुलता है — पावर टिलर, रोटावेटर से लेकर पैडी ट्रांसप्लांटर और सुपर सीडर तक — और अनुदान की दर सबके लिए एक जैसी नहीं, किसान के वर्ग के हिसाब से तय होती है।

सामान्य वर्ग के किसानों को यंत्र की लागत पर 40-50% अनुदान मिलता है; अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के किसानों को इससे ऊँची 60-80% की दर मिलती है। अकेले खरीद के अलावा, यह योजना साझा ढाँचे को भी अनुदान देती है: कस्टम हायरिंग सेंटर — यानी बिना अपने यंत्र वाले किसानों को किराये पर यंत्र देने वाला बेड़ा — पर 40% अनुदान ₹4 लाख तक मिलता है, और फार्म मशीनरी बैंक, जो यंत्रों का बड़ा समूह एक इकाई की तरह चलता है, पर 80% अनुदान ₹8 लाख तक मिलता है। कुछ चुनिंदा प्रखंडों में विशेष कस्टम हायरिंग सेंटर भी मिलते हैं, जहाँ ट्रैक्टर पर 40% और बाकी यंत्रों पर 80%, कुल मिलाकर ₹12 लाख तक की सीमा है।

यह योजना पूरे साल खुली नहीं रहती, बल्कि हर साल एक तय पंजीकरण अवधि में चलती है, और हर खरीद OFMAS पर पहले से सूचीबद्ध निर्माता या डीलर से ही होनी चाहिए — कहीं और से खरीदने पर अनुदान नहीं मिलता, और यही वह तरीका है जिससे राज्य भुगतान से पहले यंत्र की गुणवत्ता और बिल की जाँच कर पाता है। किसी यंत्र के लिए तय कोटे से ज़्यादा आवेदन आने पर OFMAS पर ऑनलाइन लॉटरी होती है, जो 15 दिन तक मान्य रहती है — इस "लॉटरी" में चुने जाने के बाद ही किसान यंत्र ख़रीदकर DBT से अनुदान का दावा कर सकता है।

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य ने इस योजना के लिए ₹236.58 करोड़ मंज़ूर किए (यह केंद्र स्तर पर कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन, SMAM, के तहत चलती है), जिसमें उस साल 86 प्रकार के यंत्र शामिल थे — यंत्रों की सटीक संख्या हर साल नए सिरे से अधिसूचित होती है, इसलिए 86-91 को हाल की सीमा मानें, कोई स्थायी आँकड़ा नहीं। उस दौर में एक ड्रोन घटक भी जोड़ा गया: किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर पर ₹5 लाख तक अनुदान मिलता है, राज्यभर में ऐसे 480 सेंटर बनाने के लक्ष्य के साथ, पुराने कस्टम हायरिंग सेंटर, फार्म मशीनरी बैंक और विशेष कस्टम हायरिंग सेंटर वर्गों के साथ-साथ।

आपको क्या मिलता है

लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।

  • 91 प्रकार के कृषि यंत्रों पर 40-80% अनुदान, दर किसान के वर्ग के साथ बढ़ती है।
  • कस्टम हायरिंग सेंटर पर 40% अनुदान ₹4 लाख तक, ताकि समूह बिना यंत्र वाले किसानों को किराये पर यंत्र दे सके।
  • फार्म मशीनरी बैंक पर 80% अनुदान ₹8 लाख तक, यंत्रों के बड़े समूह को एक साझा सुविधा के रूप में चलाने के लिए।
  • कुछ चुनिंदा प्रखंडों में विशेष कस्टम हायरिंग सेंटर — ट्रैक्टर पर 40% और बाकी यंत्रों पर 80%, कुल ₹12 लाख तक।
  • यंत्र सिर्फ़ OFMAS पर सूचीबद्ध निर्माता या डीलर से ही खरीदने होते हैं, जिससे अनुदान देने से पहले गुणवत्ता और कीमत दोनों जाँची जाती है।
  • किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर पर ₹5 लाख तक अनुदान, राज्यभर में 480 ऐसे सेंटर बनाने की योजना के तहत — जो पास-पड़ोस के किसानों को ड्रोन-स्प्रे सेवा किराये पर देना चाहते हैं, उनके लिए।

कौन पात्र है

राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।

आप पात्र हैं अगर

  • DBT Agriculture Bihar पोर्टल पर वैध पंजीकरण संख्या वाला किसान
  • OFMAS (farmech.bihar.gov.in) पर योजना वर्ष की तय अवधि में आवेदन
  • यंत्र खरीद के लिए व्यक्तिगत/प्रगतिशील किसान; कस्टम हायरिंग सेंटर/फार्म मशीनरी बैंक के लिए पंजीकृत समूह — SHG, FPO, किसान हित समूह, किसान क्लब
  • यंत्र OFMAS पर सूचीबद्ध निर्माता या डीलर से ही खरीदा गया हो

शामिल नहीं

  • OFMAS-सूचीबद्ध डीलर नेटवर्क के बाहर से खरीदा गया यंत्र
  • पंजीकरण अवधि बंद होने के बाद जमा किया गया आवेदन
  • तय अंतराल के भीतर उसी यंत्र श्रेणी पर पहले ही अनुदान ले चुका किसान

ज़रूरी दस्तावेज़

शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।

  • DBT Agriculture Bihar पंजीकरण संख्या
  • आधार कार्ड
  • अनुदान ट्रांसफर के लिए बैंक पासबुक/खाता विवरण
  • जाति प्रमाण पत्र (SC/ST अनुदान दर के लिए)
  • भूमि दस्तावेज़ या समूह पंजीकरण प्रमाण पत्र (कस्टम हायरिंग सेंटर/फार्म मशीनरी बैंक आवेदकों के लिए)

आवेदन कैसे करें

केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।

  1. 1

    DBT Agriculture पोर्टल पर पंजीकरण करें

    dbtagriculture.bihar.gov.in पर अपना किसान पंजीकरण बनाएँ या पुष्टि करें — OFMAS पर आवेदन से पहले यह पंजीकरण संख्या ज़रूरी है।

  2. 2

    OFMAS पर मनचाहे यंत्र के लिए आवेदन करें

    farmech.bihar.gov.in (OFMAS) पर लॉगिन करें, 91 सूचीबद्ध यंत्रों में से एक चुनें या कस्टम हायरिंग सेंटर/फार्म मशीनरी बैंक घटक चुनें, और खुली आवेदन अवधि में जमा करें।

  3. 3

    सूचीबद्ध डीलर से खरीदें, फिर अनुदान का दावा करें

    OFMAS-सूचीबद्ध निर्माता या डीलर से यंत्र खरीदें; सत्यापन के बाद अनुदान राशि पंजीकृत बैंक खाते में भेज दी जाती है।

अगर कुछ गड़बड़ हो

नाम सूची में न हो, या भुगतान अटका हो — विभाग ने ख़ुद जो रास्ता बताया है, वह यहाँ है।

  • लॉटरी को लेकर विवाद, ख़ारिज आवेदन, या देर से मिलते अनुदान के लिए पहले अपने प्रखंड या ज़िला कृषि कार्यालय से, या farmech.bihar.gov.in पर OFMAS पोर्टल के अपने शिकायत विकल्प से संपर्क करें।
  • समाधान न मिलने पर बिहार लोक शिकायत व्यवस्था पर आगे बढ़ें — lokshikayat.bihar.gov.in पर ऑनलाइन दर्ज करें या टोल-फ़्री 1800-345-6284 पर कॉल करें। क़ानूनन शिकायत 60 कार्य-दिवसों में निपटानी होती है, न होने पर दो-स्तरीय अपील का प्रावधान है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

व्यक्तिगत किसान के तौर पर मुझे कितना अनुदान मिलेगा?

यह आपके वर्ग और यंत्र पर निर्भर करता है — सामान्य वर्ग के किसानों को आमतौर पर 40-50%, SC/ST किसानों को 60-80%, OFMAS-सूचीबद्ध डीलर से खरीदे गए यंत्रों (हर साल फिर से अधिसूचित होने वाले क़रीब 86-91) में से किसी पर भी।

कस्टम हायरिंग सेंटर क्या है, और क्या मैं इसे शुरू कर सकता हूँ?

यह यंत्रों का एक साझा बेड़ा है जिसे समूह बिना यंत्र वाले किसानों को किराये पर देता है। बिहार इसे शुरू करने के लिए 40% अनुदान ₹4 लाख तक देता है — पंजीकृत समूह के तौर पर OFMAS पर आवेदन करें।

क्या मैं किसी भी ब्रांड का यंत्र खरीदकर अनुदान पा सकता हूँ?

नहीं — अनुदान सिर्फ़ OFMAS पर सूचीबद्ध निर्माता या डीलर से खरीदे गए यंत्र पर मिलता है, इसलिए खरीदने से पहले सूचीबद्ध डीलरों की सूची ज़रूर देख लें।

आवेदन कर दिया — तो क्या अनुदान अपने-आप मिल जाएगा?

ज़रूरी नहीं। किसी यंत्र के लिए तय कोटे से ज़्यादा आवेदन आने पर OFMAS पर 15 दिन तक मान्य ऑनलाइन लॉटरी होती है। सिर्फ़ लॉटरी में चुने गए किसान ही यंत्र ख़रीदकर अनुदान का दावा कर सकते हैं।

क्या इस योजना में अब ड्रोन भी शामिल हैं?

हाँ — किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर पर ₹5 लाख तक अनुदान मिलता है, राज्यभर में 480 ऐसे सेंटर बनाने की योजना के तहत, ताकि सिर्फ़ अपने खेत के लिए ड्रोन ख़रीदने के बजाय कोई ड्रोन-स्प्रे सेवा शुरू कर सके।

योजना का बजट क्या है, और क्या यह हर साल बदलता है?

हाँ, हर वित्त वर्ष के लिए इसे फिर से मंज़ूर व अधिसूचित किया जाता है, साथ ही कवर किए गए यंत्रों की सूची व संख्या भी। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य ने इस योजना पर ₹236.58 करोड़ मंज़ूर किए, जो केंद्रीय कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन (SMAM) के तहत चलती है।

तथ्य 8 सितंबर 2026 को farmech.bihar.gov.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.