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Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
अरबी (घुइयाँ)खरीफ़कॉर्म / कॉर्मेल (वानस्पतिक)अंतिम अपडेट: 20 अक्टूबर 2026

Sree Hira

ICAR-CTCRI के भुवनेश्वर क्षेत्रीय केंद्र ने खास तौर पर ओडिशा के लिए जारी की। ओडिशा की पारंपरिक किस्मों में पत्ती झुलसा बहुत आम है, यह उसे सह लेती है। इसमें खुजली (अम्लता) बहुत कम है और पकाने में अच्छी है।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधिलगभग 180 दिन (6 महीने)
अपेक्षित उपजलगभग 18 टन/हेक्टेयर (पर्चा); 18 से 20 टन/हेक्टेयर (CTCRI पुस्तिका)
उपयुक्त मिट्टीबारानी ऊँची ज़मीन से लेकर सिंचित मध्यम या नीची ज़मीन तक

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
कॉर्म / कॉर्मेल (वानस्पतिक)
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
लगभग 180 दिन (6 महीने)
बीज दर
छोटे कंद (कॉर्मेल) लगाएँ, ताकि 45–60 सेमी × 30–45 सेमी की मानक दूरी मिले
अपेक्षित उपज
लगभग 18 टन/हेक्टेयर (पर्चा); 18 से 20 टन/हेक्टेयर (CTCRI पुस्तिका)
उपयुक्त मिट्टी
बारानी ऊँची ज़मीन से लेकर सिंचित मध्यम या नीची ज़मीन तक
रोग-प्रतिरोध
पत्ती झुलसा रोग सह लेती है
जारी
2022 में ICAR-CTCRI (क्षेत्रीय केंद्र, भुवनेश्वर) ने ओडिशा के लिए जारी की; अप्रैल 2023 के तकनीकी पर्चे में एम. नेदुनचेझियन, कालिदास पाती, वी.बी.एस. चौहान, के. लक्ष्मीनारायण और एम.एन. शीला ने बताई

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।

इस किस्म के बारे में

श्री हीरा अरबी (Colocasia esculenta) की किस्म है, जिसे भुवनेश्वर के ICAR-केंद्रीय कंद फसल अनुसंधान संस्थान (CTCRI) के क्षेत्रीय केंद्र ने 2022 में ओडिशा के लिए जारी किया। अप्रैल 2023 का तकनीकी पर्चा इसे बारानी ऊँची ज़मीन और सिंचित मध्यम और नीची ज़मीन के लिए बताता है। इसकी मुख्य खूबी अरबी का पत्ती झुलसा सह लेना है, जिसे पर्चा ओडिशा की पारंपरिक किस्मों में बहुत आम बताता है। फसल लगभग 180 दिन में पकती है (CTCRI पुस्तिका में 6 महीने), और हर पौधे पर 12 से 16 कंद बनते हैं, 14 से 18 सेमी लंबे। पर्चे में लगभग 18 टन/हेक्टेयर है और पुस्तिका में 18 से 20 टन/हेक्टेयर। ताज़े कंद में 17.4% स्टार्च और 1.2% शक्कर है, स्वाद और खुशबू अच्छी है और खुजली बहुत कम (कैल्शियम ऑक्सलेट 9.2 मिग्रा/100 ग्राम)। इसे 700 से 1,000 मिमी बारिश या उतनी सिंचाई चाहिए, यह सूखा और थोड़े समय का पानी भरना सह लेती है। यह 10 टन/हेक्टेयर गोबर की खाद के साथ 80:60:80 किग्रा/हेक्टेयर N:P2O5:K2O पर अच्छा जवाब देती है। यह सब pH 5.5 से 7.0 वाली मिट्टी पर कहा गया है।

क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?

श्री हीरा तब चुनिए जब आप ओडिशा में खेती करते हों, आपकी अरबी में पत्ती झुलसा आता हो, और ज़मीन बारानी ऊँची या सिंचित मध्यम और नीची हो। खुजली की शिकायत पर भी यही चुनिए: CTCRI इसे कम खुजली वाली बताता है। गर्मी की फसल के लिए इसे मत चुनिए। CTCRI की 2022 की दूसरी किस्म श्री तेलिया गर्मी की रोपाई के लिए 4 महीने वाली किस्म है, जिसमें बचाव-सिंचाई चाहिए (10 से 12 टन/हेक्टेयर)। दलदली ज़मीन के लिए भी इसे मत चुनिए। तटीय ओडिशा के जलभराव वाले खेतों के लिए CTCRI पानी सरू और भू कृपा की ओर इशारा करता है। श्री हीरा का ओडिशा के बाहर कोई परीक्षण हमें नहीं मिला।

बुवाई और खेती

  • बुवाई का समयओडिशा: बारानी जून से जुलाई; सिंचित फ़रवरी से मार्च या अक्टूबर से नवंबर (CTCRI अरबी पुस्तिका)।
  • बीज दरछोटे कंद (कॉर्मेल) लगाएँ, ताकि 45–60 सेमी × 30–45 सेमी की मानक दूरी मिले
  • दूरीमेड़ या कतारों के बीच 45–60 सेमी, और कतार में कॉर्मेल के बीच 30–45 सेमी
  • उर्वरकCTCRI भुवनेश्वर के तकनीकी पर्चे के अनुसार 80:60:80 किग्रा/हेक्टेयर N:P:K के साथ 10 टन/हेक्टेयर गोबर की खाद
  • कटाईलगभग 180 दिन (अप्रैल 2023 का पर्चा) या 6 महीने (CTCRI पुस्तिका)। खुदाई से लगभग 1 महीना पहले कल्लों को तने के चारों ओर लपेटिए, मिट्टी चढ़ाइए और सिंचाई बंद कर दीजिए (CTCRI)।

मिट्टी और जलवायु

मिट्टी

pH
5.5–7.0

जलवायु

बारिश
700–1,000 mm; drought and short-submergence tolerant

फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • अरबी का पत्ती झुलसा रोग सह लेती है। CTCRI के अनुसार यह रोग ओडिशा की पारंपरिक किस्मों में बहुत आम है, यानी राज्य की मुख्य अरबी बीमारी का सीधा इलाज।
  • खुजली बहुत कम है (कैल्शियम ऑक्सलेट लगभग 9.2 मिग्रा/100 ग्राम), पकाने में, स्वाद में और खुशबू में अच्छी है।
  • बारानी ऊँची ज़मीन और सिंचित मध्यम या नीची ज़मीन, दोनों के लिए ठीक है। सूखा और थोड़े समय का पानी भरना भी सह लेती है।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • इसे खास तौर पर ओडिशा के हालात के लिए तैयार किया और बताया गया है। दूसरी जगहों पर इसका काम अलग से पक्का नहीं हुआ है।
  • 180 दिन का समय CTCRI की कई दूसरी किस्मों से कम है। इसलिए श्री किरण जैसी लंबे समय वाली किस्मों जितनी ज़्यादा उपज की गुंजाइश इसमें नहीं है।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।

  • ओडिशा

श्री हीरा को अपनी ज़मीन और रोपाई के महीने से मिलाइए

CTCRI श्री हीरा को ओडिशा की बारानी ऊँची ज़मीन और सिंचित मध्यम और नीची ज़मीन के लिए सुझाता है। बारानी अरबी के लिए पुस्तिका जून से जुलाई बताती है। सिंचित अरबी के लिए फ़रवरी से मार्च और अक्टूबर से नवंबर। हीरा लगभग 6 महीने लेती है, इसलिए जून से जुलाई की रोपाई की खुदाई लगभग दिसंबर से जनवरी में होती है।

फ़रवरी से मार्च की रोपाई फसल को पूरे मानसून से गुज़ारती है, और पत्ती झुलसा ठीक तभी फैलता है। यहीं हीरा की सहनशीलता का सबसे ज़्यादा मोल है, पर पलवार और संक्रमित पत्ते हटाना जारी रखिए। अक्टूबर से नवंबर की रोपाई को सूखे महीनों में सिंचाई चाहिए, इसलिए पक्का करने से पहले पानी का ख़र्च जोड़ लीजिए।

हर टुकड़ा हीरा के लिए ठीक नहीं है। खेत में पानी भरकर टिका रहता हो तो CTCRI तटीय जलभराव वाली ज़मीन के लिए पानी सरू और भू कृपा की ओर इशारा करता है। गर्मी की जल्दी वाली फसल चाहिए तो श्री तेलिया 4 महीने वाली किस्म है और 10 से 12 टन/हेक्टेयर देती है। झुलसा की समस्या वाले आम ऊँचे या मध्यम-नीचे खेत के लिए हीरा है।

क्या अपनी रोपाई सामग्री ख़ुद रख सकते हैं?

यह कंद से लगती है, इसलिए अगले सीज़न की रोपाई सामग्री आपके खेत से निकल सकती है। स्वस्थ पौधों के मँझोले, कसे कंद रखिए, ठंडी और अँधेरी जगह भंडारण कीजिए, और जो कंद नरम या सड़ा हो उसे हटा दीजिए — रोग कंद के भीतर ही सफ़र करता है। हर कुछ सीज़न बाद प्रमाणित रोपाई सामग्री ले आइए, क्योंकि विषाणु साल दर साल चुपचाप जमा होता रहता है।

दूसरी किस्मों से तुलना

अरबी (घुइयाँ) की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।

किस्मकिसके लिए ठीकपकने की अवधिउपजराज्य
Panchamukhiउन किसानों के लिए जिनके ख़रीदार छोटे कंद की जगह बड़े माँ-कंद के पैसे देते हैंप्रकाशित नहीं (आम अरबी: 5 से 8 महीने, CTCRI)40 किस्मों के परीक्षण में 20.00 टन/हेक्टेयर कंद-उपज (माँ-कंद, छोटे कंद की उपज नहीं)पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, ओडिशा
Punjab Arvi-1पंजाब के उन किसानों के लिए जिन्हें जल्दी पकने वाली अरबी चाहिए और जो भारी बीज-कंद ख़रीद सकते हैं176 दिनलगभग 225 क्विंटल/हेक्टेयर (22.5 टन/हेक्टेयर), PAU का जारी करते समय का आँकड़ापंजाब
Sree Hiraयही पेजओडिशा के उन किसानों के लिए जिनकी बारानी ऊँची या सिंचित मध्यम और नीची ज़मीन पर पत्ती झुलसा आता हैलगभग 180 दिन (6 महीने)लगभग 18 टन/हेक्टेयर (पर्चा); 18 से 20 टन/हेक्टेयर (CTCRI पुस्तिका)ओडिशा
Sree Kiranकेरल के उन किसानों के लिए जो पूरी फसल एक हफ़्ते में नहीं बेच पाते और टिकने वाली अरबी चाहते हैं190–210 दिनआम उपज 17.5 टन/हेक्टेयर, संभावित 28.5 टन/हेक्टेयर (CTCRI)केरल
Sree Pallaviकेरल के उन किसानों के लिए जिनके खेत में पत्ती झुलसा या मोज़ेक रहा है और जो छोटे कंद बेचते हैं7 महीने (लगभग 210 दिन)आम उपज 16 टन/हेक्टेयर, संभावित 18 टन/हेक्टेयर (CTCRI)केरल
Sree Rashmiकेरल के छोटे किसानों के लिए जो बिना भारी खर्च के खुजली-रहित अरबी चाहते हैं210–240 दिनआम उपज 18 से 20 टन/हेक्टेयर, संभावित 32 टन/हेक्टेयर (CTCRI)केरल

इस फ़सल के कैलकुलेटर

आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और अरबी (घुइयाँ) का भाव क्या चल रहा है।

सब्सिडी और सरकारी मदद

अरबी (घुइयाँ) के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

श्री हीरा को कितनी खाद चाहिए?

CTCRI के पर्चे में FYM के साथ 80:60:80 किग्रा/हेक्टेयर N:P2O5:K2O है। यह पुस्तिका की ओडिशा, बिहार, असम और झारखंड की आम खाद-मात्रा के बराबर है। बाँटने का तरीक़ा: फ़ॉस्फ़ोरस पूरा रोपाई पर डालिए, नाइट्रोजन और पोटाश का 1/3 हिस्सा अंकुरण के 2 हफ़्ते बाद, और बाक़ी 2 बराबर खुराक में एक महीने के अंतर पर। मिट्टी चढ़ाना उसी समय कीजिए।

श्री हीरा या श्री तेलिया: कौन-सी लगाऊँ?

दोनों को CTCRI ने 2022 में ओडिशा के लिए जारी किया। श्री हीरा लगभग 6 महीने लेती है, 18 से 20 टन/हेक्टेयर देती है और पत्ती झुलसा सह लेती है। श्री तेलिया 4 महीने लेती है और 10 से 12 टन/हेक्टेयर देती है। CTCRI इसे झुलसा के लिए संवेदनशील बताता है, पर जल्दी कटाई से यह रोग से बच जाती है। तेलिया तभी लीजिए जब आपको बचाव-सिंचाई के साथ गर्मी की और जल्दी कटने वाली फसल चाहिए।

क्या श्री हीरा में सच में खुजली कम है?

CTCRI के पर्चे ने ताज़े कंद में कैल्शियम ऑक्सलेट 9.2 मिग्रा/100 ग्राम मापा और किस्म को कम खुजली वाली कहा। इसकी तुलना पुस्तिका के खुजली वाली अरबी के 165 से 232.5 मिग्रा/100 ग्राम से मत कीजिए। पुस्तिका कुल ऑक्सलेट गिनती है, जो अलग पैमाना है। फिर भी खाने या पकाकर बेचने से पहले इसे पूरी तरह पकाइए।

श्री हीरा की उपज कितनी होगी और कितने दिन में?

अप्रैल 2023 के पर्चे में लगभग 180 दिन और लगभग 18 टन/हेक्टेयर है। CTCRI की पुस्तिका में 6 महीने और 18 से 20 टन/हेक्टेयर है। हिसाब 18 टन/हेक्टेयर पर लगाइए। हर पौधे पर 12 से 16 कंद बनते हैं, 14 से 18 सेमी लंबे। जून से जुलाई में लगाएँ, जैसा पुस्तिका ओडिशा की बारानी अरबी के लिए कहती है, तो खुदाई लगभग दिसंबर से जनवरी में आती है।

क्या मैं श्री हीरा को ओडिशा के बाहर लगा सकता हूँ?

CTCRI ने इसे अपने भुवनेश्वर केंद्र पर ओडिशा के लिए बनाया, और पर्चा और पुस्तिका इसे सिर्फ़ ओडिशा के लिए सुझाते हैं। किसी दूसरे राज्य का परीक्षण हमें नहीं मिला। पर्चे में 700 से 1,000 मिमी बारिश या उतनी सिंचाई बताई गई है। इसे अपने यहाँ की बारिश से मिलाइए और पहले छोटा टुकड़ा आज़माइए।

स्रोत: Taro — ICAR-CTCRI technical bulletin (2025): varieties, planting, nutrition, storage. संपादकीय नीति.