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Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
अरबी (घुइयाँ)खरीफ़कॉर्म / कॉर्मेल (वानस्पतिक)अपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Sree Kiran

भारत में जारी पहली हाइब्रिड टैरो किस्म, ICAR-CTCRI से — एक अर्ध-खड़ा, मध्यम-ऊँचा पौधा जिसके अंडाकार कंद व कॉर्मेल कटाई के बाद लगभग 60 दिन टिकने के लिए उल्लेखनीय हैं, टैरो के लिए असामान्य रूप से लंबा।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधि190–210 दिन
अपेक्षित उपज17.5–28.5 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
कॉर्म / कॉर्मेल (वानस्पतिक)
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
190–210 दिन
अपेक्षित उपज
17.5–28.5 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
2004 में ICAR-केंद्रीय कन्द फसल अनुसंधान संस्थान (CTCRI), तिरुवनंतपुरम द्वारा जारी

इस किस्म के बारे में

श्री किरण भारत में जारी पहली हाइब्रिड टैरो (Colocasia esculenta) किस्म है, ICAR-केंद्रीय कन्द फसल अनुसंधान संस्थान (CTCRI), तिरुवनंतपुरम द्वारा C-303 × C-383 के क्रॉस से विकसित, और 2004 में जारी। यह एक अर्ध-खड़ा, मध्यम-ऊँचा (70–80 सेमी) पौधा बनती, हरे-भूरे पर्णवृंत व मध्यम फूलने की आदत के साथ, पकने में 190–210 दिन लेती। इसके अंडाकार कंद हल्के-भूरे छिलके व सफ़ेद गूदे लिए हैं, और CTCRI का अपना किस्म-रिकॉर्ड इसकी मौजूदा खेत-स्तर उपज 17.5 टन/हेक्टेयर व अच्छे प्रबंधन में 28.5 टन/हेक्टेयर तक क्षमता बताता है। इसकी सबसे ख़ास बात कटाई-पश्चात टिकाऊपन है: कॉर्मेल उखाड़ने के बाद लगभग 60 दिन टिकतीं, ज़्यादातर टैरो किस्मों से कहीं आगे, जो एक ऐसी फ़सल के लिए मायने रखता है जो वरना हफ़्तों में बाज़ार पहुँचनी होती है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारकॉर्म / कॉर्मेल (वानस्पतिक)
    अवधि190–210 दिन
    उपज क्षमता17.5–28.5 टन/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधकोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं
    मिट्टीदोमट
    सीज़नखरीफ़

बुवाई व खेती

  • दूरीमेड़ें/कतारें 45–60 सेमी दूर, कतार में कॉर्मेल 30–45 सेमी दूर

उपज व अवधि

पकने की अवधि

190–210 दिन

अपेक्षित उपज

17.5–28.5 टन/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • कोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • भारत की पहली हाइब्रिड टैरो किस्म, एक राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान से स्पष्ट वंशावली (C-303 × C-383) के साथ
  • असामान्य रूप से लंबी कटाई-पश्चात टिकाऊपन — लगभग 60 दिन — जो ज़्यादातर टैरो से मार्केटिंग-दबाव घटाती है
  • चौड़ी उपज सीमा (17.5–28.5 टन/हेक्टेयर) उन्नत प्रबंधन में असली गुंजाइश देती है

ध्यान रखने योग्य बातें

  • श्री किरण के लिए कोई विशेष पत्ती-झुलसा या मोज़ेक प्रतिरोध दावा नहीं है — एक मानक किस्म की तरह रोग की निगरानी व प्रबंधन करें
  • मुख्यतः केरल दशाओं के लिए अनुशंसित; अन्य राज्यों में प्रदर्शन यहाँ अलग से दर्ज नहीं है

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • केरल