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Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
अरबी (घुइयाँ)खरीफ़कॉर्म / कॉर्मेल (वानस्पतिक)अंतिम अपडेट: 17 अक्टूबर 2026

Sree Rashmi

CTCRI की जारी की हुई किस्म, जिसका कंद खुजली-रहित है, पकाने में और स्वाद में अच्छा है। कम खाद-पानी में भी ठीक चलती है। जहाँ खुजली की शिकायत से बाज़ार में दिक्कत रही हो, वहाँ अच्छा चुनाव है।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधि210–240 दिन
अपेक्षित उपजआम उपज 18 से 20 टन/हेक्टेयर, संभावित 32 टन/हेक्टेयर (CTCRI)
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
कॉर्म / कॉर्मेल (वानस्पतिक)
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
210–240 दिन
बीज दर
60 x 45 सेमी पर प्रति हेक्टेयर लगभग 1 टन कंद, या 45 x 30 सेमी पर 1.5 से 2 टन। कंद का सबसे अच्छा वज़न 35 से 45 ग्राम (CTCRI अरबी पुस्तिका)।
अपेक्षित उपज
आम उपज 18 से 20 टन/हेक्टेयर, संभावित 32 टन/हेक्टेयर (CTCRI)
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
रोग-प्रतिरोध
डेसहीन मोज़ेक वायरस के लिए खेत में सहनशील; पत्ती झुलसा के लिए मध्यम संवेदनशील (CTCRI पुस्तिका)
जारी
1987 में तिरुवनंतपुरम के ICAR-केंद्रीय कंद फसल अनुसंधान संस्थान (CTCRI) ने जारी की, देसी जर्मप्लाज़्म में से छाँटी हुई

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।

इस किस्म के बारे में

श्री रश्मि अरबी (Colocasia esculenta) की किस्म है, जिसे तिरुवनंतपुरम के ICAR-केंद्रीय कंद फसल अनुसंधान संस्थान (CTCRI) ने देसी जर्मप्लाज़्म में से छाँटा और 1987 में जारी किया। पौधा सीधा और लंबा (100 से 150 सेमी) है। इसमें एक बड़ा बेलनाकार माँ-कंद और मध्यम आकार के शंकु जैसे छोटे कंद बनते हैं, छिलका भूरा और गूदा सफ़ेद। यह पकने में 7 से 8 महीने लेती है। CTCRI के किस्म-पन्ने पर आम उपज 18 टन/हेक्टेयर और संभावित 32 टन/हेक्टेयर है, और उसकी पुस्तिका में 18 से 20 टन/हेक्टेयर, लगभग 15% स्टार्च और 2.3 से 2.7% प्रोटीन। पत्ते, डंठल, कंद और छोटे कंद, सब खुजली-रहित दर्ज हैं और पकाने में अच्छी है। CTCRI कहता है कि कम लागत में भी इसकी उपज फ़ायदे की रहती है। यह डेसहीन मोज़ेक वायरस के लिए खेत में सहनशील है, पर पुस्तिका इसे पत्ती झुलसा के लिए मध्यम रूप से संवेदनशील बताती है।

क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?

जब आप खुजली की शिकायत सुन रहे हों तब श्री रश्मि चुनिए। CTCRI इसके पत्ते, डंठल, कंद और छोटे कंद, सब खुजली-रहित बताता है और कहता है कि कम लागत में भी इसकी उपज फ़ायदे की रहती है। झुलसा वाले खेत के लिए इसे मत चुनिए। CTCRI की पुस्तिका इसे पत्ती झुलसा के लिए मध्यम रूप से संवेदनशील बताती है। 32 टन/हेक्टेयर पर भी हिसाब मत लगाइए। वह संभावित उपज है, CTCRI की आम उपज 18 टन/हेक्टेयर है (पुस्तिका में 18 से 20)। यहाँ की CTCRI की तीनों किस्मों में यह सबसे धीमी है, 7 से 8 महीने। झुलसा के इतिहास वाले खेत के लिए श्री पल्लवी देखिए।

बुवाई और खेती

  • बुवाई का समयकेरल: बारानी अप्रैल से जून, सिंचित जनवरी से मार्च (CTCRI अरबी पुस्तिका)।
  • बीज दर60 x 45 सेमी पर प्रति हेक्टेयर लगभग 1 टन कंद, या 45 x 30 सेमी पर 1.5 से 2 टन। कंद का सबसे अच्छा वज़न 35 से 45 ग्राम (CTCRI अरबी पुस्तिका)।
  • दूरी60 x 45 सेमी, कंद 5 से 10 सेमी गहरे लगाइए।
  • उर्वरककेरल के लिए: 12 टन/हेक्टेयर गोबर की खाद और 80:25:100 किग्रा/हेक्टेयर N:P2O5:K2O। फ़ॉस्फ़ोरस पूरा रोपाई पर; नाइट्रोजन और पोटाश का 1/3 हिस्सा अंकुरण के 2 हफ़्ते बाद और बाक़ी 2 बराबर खुराक में एक महीने के अंतर पर (CTCRI)। CTCRI कहता है कि कम लागत में भी उपज फ़ायदे की रहती है, पर कम मात्रा नहीं बताता।
  • कटाई7 महीने (किस्म-पन्ना) या 7 से 8 महीने (पुस्तिका)। खुदाई से लगभग 1 महीना पहले कल्लों को तने के चारों ओर लपेटिए, मिट्टी चढ़ाइए और सिंचाई बंद कर दीजिए (CTCRI)।

मिट्टी और जलवायु

मिट्टी

pH
5.5–7.0

जलवायु

तापमान
21–27°C mean

फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • कंद खुजली-रहित दर्ज है और पकाने में अच्छा है। खुजली की शिकायत के कारण अरबी की बिक्री में जो रुकावट आती है, उसका सीधा जवाब।
  • कम खाद-पानी में भी ठीक चलती है, इसलिए खाद और सिंचाई पर कम खर्च करने वाले छोटे किसान के काम की है।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • यहाँ बताई गई किस्मों में सबसे लंबा समय (210–240 दिन) लेती है। श्री हीरा या पंजाब अरबी-1 से ज़्यादा समय खेत रोके रखती है।
  • CTCRI की पुस्तिका इसे पत्ती झुलसा के लिए मध्यम संवेदनशील बताती है। नम दौर में हर हफ़्ते खेत देखिए और साफ़ कंद लगाइए

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।

  • केरल

"खुजली-रहित" का आपकी रसोई और ख़रीदार के लिए क्या मतलब है

अरबी की खुजली कैल्शियम ऑक्सलेट के कणों से आती है। CTCRI की पुस्तिका ताज़े कंदों में कुल ऑक्सलेट खुजली वाली अरबी में 165 से 232.5 मिग्रा/100 ग्राम और खुजली-रहित अरबी में 47.5 से 82.5 मिग्रा/100 ग्राम बताती है। CTCRI श्री रश्मि के पत्ते, डंठल, कंद और छोटे कंद खुजली-रहित दर्ज करता है। पुस्तिका रश्मि का अलग ऑक्सलेट आँकड़ा नहीं देती, इसलिए ये दायरे मार्गदर्शक हैं, रश्मि की माप नहीं।

खुजली-रहित का मतलब कच्चा खाना सुरक्षित नहीं है। पुस्तिका कहती है कि उबालना, ब्लांच करना, भाप देना, तलना और प्रेशर में पकाना, सब चुभने वाले तत्व को घटाते हैं। इसलिए ख़रीदारों और घरवालों से कहते रहिए कि इसे पूरा पकाएँ। खुजली-रहित होना आपको एक गुंजाइश देता है: थोड़ा कम पकने पर नुक़सान की संभावना कम रहती है।

एक एकड़ लगाने से पहले यह अपनी उपज पर परखिए। रश्मि के कंदों का एक बर्तन पकाइए, खुजली की शिकायत करने वाले 5 घरों को दीजिए और पूछिए। वे दोबारा ख़रीदें तो जवाब मिल गया। आपका ख़रीदार किसी भी अरबी का वही भाव देता है तो फसल का लंबा समय (7 से 8 महीने) शायद वसूल न हो।

क्या अपनी रोपाई सामग्री ख़ुद रख सकते हैं?

यह कंद से लगती है, इसलिए अगले सीज़न की रोपाई सामग्री आपके खेत से निकल सकती है। स्वस्थ पौधों के मँझोले, कसे कंद रखिए, ठंडी और अँधेरी जगह भंडारण कीजिए, और जो कंद नरम या सड़ा हो उसे हटा दीजिए — रोग कंद के भीतर ही सफ़र करता है। हर कुछ सीज़न बाद प्रमाणित रोपाई सामग्री ले आइए, क्योंकि विषाणु साल दर साल चुपचाप जमा होता रहता है।

दूसरी किस्मों से तुलना

अरबी (घुइयाँ) की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।

किस्मकिसके लिए ठीकपकने की अवधिउपजराज्य
Panchamukhiउन किसानों के लिए जिनके ख़रीदार छोटे कंद की जगह बड़े माँ-कंद के पैसे देते हैंप्रकाशित नहीं (आम अरबी: 5 से 8 महीने, CTCRI)40 किस्मों के परीक्षण में 20.00 टन/हेक्टेयर कंद-उपज (माँ-कंद, छोटे कंद की उपज नहीं)पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, ओडिशा
Punjab Arvi-1पंजाब के उन किसानों के लिए जिन्हें जल्दी पकने वाली अरबी चाहिए और जो भारी बीज-कंद ख़रीद सकते हैं176 दिनलगभग 225 क्विंटल/हेक्टेयर (22.5 टन/हेक्टेयर), PAU का जारी करते समय का आँकड़ापंजाब
Sree Hiraओडिशा के उन किसानों के लिए जिनकी बारानी ऊँची या सिंचित मध्यम और नीची ज़मीन पर पत्ती झुलसा आता हैलगभग 180 दिन (6 महीने)लगभग 18 टन/हेक्टेयर (पर्चा); 18 से 20 टन/हेक्टेयर (CTCRI पुस्तिका)ओडिशा
Sree Kiranकेरल के उन किसानों के लिए जो पूरी फसल एक हफ़्ते में नहीं बेच पाते और टिकने वाली अरबी चाहते हैं190–210 दिनआम उपज 17.5 टन/हेक्टेयर, संभावित 28.5 टन/हेक्टेयर (CTCRI)केरल
Sree Pallaviकेरल के उन किसानों के लिए जिनके खेत में पत्ती झुलसा या मोज़ेक रहा है और जो छोटे कंद बेचते हैं7 महीने (लगभग 210 दिन)आम उपज 16 टन/हेक्टेयर, संभावित 18 टन/हेक्टेयर (CTCRI)केरल
Sree Rashmiयही पेजकेरल के छोटे किसानों के लिए जो बिना भारी खर्च के खुजली-रहित अरबी चाहते हैं210–240 दिनआम उपज 18 से 20 टन/हेक्टेयर, संभावित 32 टन/हेक्टेयर (CTCRI)केरल

इस फ़सल के कैलकुलेटर

आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और अरबी (घुइयाँ) का भाव क्या चल रहा है।

सब्सिडी और सरकारी मदद

अरबी (घुइयाँ) के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या श्री रश्मि सच में खुजली-रहित है?

CTCRI पत्ते, डंठल, कंद और छोटे कंद, सबको खुजली-रहित दर्ज करता है। पुस्तिका में खुजली वाली अरबी में कुल ऑक्सलेट 165 से 232.5 मिग्रा/100 ग्राम और खुजली-रहित में 47.5 से 82.5 मिग्रा/100 ग्राम बताया गया है, पर श्री रश्मि का अलग आँकड़ा नहीं दिया। फिर भी इसे अच्छी तरह पकाइए। उबालना, भाप देना और तलना किसी भी अरबी में चुभने वाले तत्व को घटाते हैं।

क्या मैं श्री रश्मि को कम खाद में उगा सकता हूँ?

CTCRI कहता है कि कम लागत की हालत में भी इसकी उपज फ़ायदे की रहती है, पर कम लागत का मतलब किलो में नहीं बताता। उसी पुस्तिका में लिखा है कि अरबी खाद पर, ख़ासकर पोटाश पर, अच्छा जवाब देती है। गोबर की खाद और पोटाश बिल्कुल बंद मत कीजिए। मात्रा घटाइए, तरीक़ा नहीं, और पहले खेत के एक हिस्से में आज़माइए।

श्री रश्मि की उपज कितनी होगी?

CTCRI के किस्म-पन्ने पर 18 टन/हेक्टेयर और संभावित उपज 32 टन/हेक्टेयर है। अरबी पुस्तिका में 18 से 20 टन/हेक्टेयर है। अपनी योजना के लिए 18 लीजिए। एक पुरानी पोर्टल सूची में 15 से 20 टन/हेक्टेयर था, जो CTCRI के अपने आँकड़े से कम है, इसलिए हमने उसे नहीं लिया।

क्या श्री रश्मि को पत्ती झुलसा लगता है?

CTCRI की पुस्तिका इसे पत्ती झुलसा के लिए मध्यम रूप से संवेदनशील और डेसहीन मोज़ेक वायरस के लिए खेत में सहनशील बताती है। नम मानसून में हर हफ़्ते पत्तों को देखिए। साफ़ कंद लगाइए, संक्रमित पत्ते हटाइए, धान की पराली की पलवार बिछाइए और भिंडी जैसी फसल के साथ फेर-बदल कीजिए। पुस्तिका जिन किस्मों को झुलसा-रोधी बताती है, वे मुक्तकेशी, भू श्री और भू कृपा हैं।

श्री रश्मि कहाँ छाँटी गई, और क्या यह मेरे राज्य में चलेगी?

CTCRI ने इसे देसी जर्मप्लाज़्म में से छाँटा और 1987 में जारी किया। सुझाया हुआ राज्य केरल है। किसी दूसरे राज्य का परीक्षण हमें नहीं मिला। आप कहीं और खेती करते हैं तो ज़्यादा लगाने से पहले एक पूरे मौसम के लिए छोटा टुकड़ा अपनी स्थानीय अरबी के साथ आज़माइए।

स्रोत: Taro — ICAR-CTCRI technical bulletin (2025): varieties, planting, nutrition, storage, Sree Rashmi — ICAR-CTCRI variety page. संपादकीय नीति.