RD 2035
बारानी व कमज़ोर जौ पट्टी के लिए बनाई गई — जहाँ डीडब्ल्यूआरबी 137 जैसी माल्ट किस्म उपज में पीछे रह जाती।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- जौ
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- रबी
- पकने की अवधि
- 120–125 दिन
- अपेक्षित उपज
- 35–40 क्विंटल/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- बलुई / हल्की मिट्टी
- जारी
- 2 सितंबर 1994 को अधिसूचित; राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान (आरएआरआई), दुर्गापुरा, जयपुर से जुड़ी
इस किस्म के बारे में
आरडी 2035, राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान (आरएआरआई), दुर्गापुरा से जुड़ी एक जौ किस्म है, जिसे 2 सितंबर 1994 को अधिसूचित किया गया। स्वतंत्र रूप से पुष्ट सूचियाँ इसे सिंचित, समय पर बोई गई परिस्थितियों के लिए सुझाई गई बताती हैं, जिसमें दर्ज कीट/रोग-सहनशीलता गुण निमेटोड-प्रतिरोध है, और औसत परीक्षण उपज लगभग 42.70 क्विंटल/हेक्टेयर दर्ज है — दाना (खाद्य) व चारा दोनों उपयोग के लिए। किसी भी सुलभ स्रोत में इसका सटीक संकरण/वंशावली उपलब्ध नहीं मिला, इसलिए वह फ़ील्ड अनुमान लगाने की बजाय ख़ाली छोड़ी गई है।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
120–125 दिन
अपेक्षित उपज
35–40 क्विंटल/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- निमेटोड-प्रतिरोध भारतीय जौ किस्मों में अपेक्षाकृत कम आम गुण है, निमेटोड-प्रवण सिंचित इलाक़ों में उपयोगी
- दाना व चारा दोनों उपयोग, लगभग 42.70 क्विंटल/हेक्टेयर की दर्ज परीक्षण उपज के साथ
ध्यान रखने योग्य बातें
- स्वतंत्र रूप से पुष्ट सूचियाँ आरडी 2035 को सिंचित, समय पर बोई गई परिस्थितियों के लिए निमेटोड-प्रतिरोध के साथ सुझाती हैं — कोई भी इसे बारानी/कमज़ोर-पट्टी किस्म नहीं बताती और न ही सूखा-सहनशीलता या रतुआ-सहनशीलता का श्रेय देती है। यह इस रिकॉर्ड के मौजूदा नोट ('बारानी व कमज़ोर जौ पट्टी के लिए बनाई गई') और diseaseResistance फ़ील्ड ('अच्छी सूखा सहनशीलता, मध्यम रतुआ सहनशीलता') से मेल नहीं खाता। हो सकता है आरडी 2035 सिंचित व कमज़ोर दोनों परिस्थितियों में ठीक-ठाक प्रदर्शन करती हो और यह अंतर ग़लती की बजाय ज़ोर देने का हो, पर चूँकि स्रोत सामग्री लगातार इसे सिंचित किस्म के रूप में पेश करती है, दोबारा जाँचने लायक़ है।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- राजस्थान
- मध्य प्रदेश
