मुख्य सामग्री पर जाएँ
Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
जौरबीखुली-परागितअपडेट किया गया 15 अगस्त 2026

RD 2660

राजस्थान की बारानी व सूखा-प्रवण स्थितियों के लिए विकसित, माल्ट-उपयुक्त दाना गुणवत्ता के साथ, जहाँ सिंचित माल्ट फ़सल के लिए सचमुच पानी कम हो। अभी इसके लिए अलग से शोध कर विस्तृत पेज नहीं बनाया गया है।

सीज़नरबी
पकने की अवधि110–115 दिन
अपेक्षित उपज25–30 क्विंटल/हेक्टेयर (बारानी)
उपयुक्त मिट्टीबलुई / हल्की मिट्टी

ज़रूरी तथ्य

फसल
जौ
प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
110–115 दिन
अपेक्षित उपज
25–30 क्विंटल/हेक्टेयर (बारानी)
उपयुक्त मिट्टी
बलुई / हल्की मिट्टी

इस किस्म के बारे में

आरडी 2660 राजस्थान के उत्तर-पश्चिम मैदानी क्षेत्र के सूखा-प्रवण इलाक़ों के लिए विकसित एक बारानी, माल्ट-उपयुक्त जौ क़िस्म है। इस चरण में सीधे फ़ेच किया गया आईसीएआर-आईआईडब्ल्यूबीआर करनाल का अपना बार्ली इम्प्रूवमेंट पेज इस क़िस्म का नाम से उल्लेख नहीं करता, इसलिए नीचे दी गई जानकारी वेबसर्च से मिले व एक-दूसरे से पुष्ट कई स्वतंत्र रूप से लिखे द्वितीयक स्रोतों पर आधारित है, न कि किसी एक फ़ेच किए गए प्राथमिक पेज पर: एक बारानी, समय पर बोई, दोहरी खाद्य-व-चारा क़िस्म, अच्छी सूखा सहनशीलता व माल्ट-उपयुक्त दाना गुणवत्ता के साथ, जो बारानी, समय पर बोई परिस्थितियों में औसतन लगभग 24.30 क्विंटल/हेक्टेयर देती है — यह इस रिकॉर्ड के अपने 25–30 क्विंटल/हेक्टेयर (बारानी) yieldPotential के क़रीब है। बार-बार दोहराया गया एक अपनाव-आँकड़ा राजस्थान में आरडी 2660 के अंतर्गत औसत क्षेत्रफल प्रति किसान लगभग 3.70 एकड़ बताता है, जो केवल परीक्षण-प्लॉट प्रदर्शन नहीं बल्कि वास्तविक खेत-स्तर अपनाव का संकेत है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधि110–115 दिन
    उपज क्षमता25–30 क्विंटल/हेक्टेयर (बारानी)
    रोग-प्रतिरोधअच्छी सूखा सहनशीलता; मध्यम रोग सहनशीलता
    मिट्टीबलुई / हल्की मिट्टी
    सीज़नरबी

उपज व अवधि

पकने की अवधि

110–115 दिन

अपेक्षित उपज

25–30 क्विंटल/हेक्टेयर (बारानी)

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • अच्छी सूखा सहनशीलता; मध्यम रोग सहनशीलता

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • बारानी सूखा सहनशीलता के साथ माल्ट-उपयुक्त दाना गुणवत्ता असामान्य है — अधिकतर माल्ट जौ कार्यक्रम सिंचित परिस्थितियों को लक्षित करते हैं, इसलिए आरडी 2660 राजस्थान के सचमुच बारानी इलाक़ों के लिए एक ख़ास जगह भरती है
  • राजस्थान में प्रति किसान औसतन लगभग 3.70 एकड़ का दोहराया गया अपनाव-आँकड़ा (द्वितीयक स्रोत, स्वतंत्र रूप से फ़ेच नहीं किए गए) वास्तविक खेत-स्तर अपनाव का संकेत देता है, न कि केवल परीक्षण-प्लॉट परिणाम

ध्यान रखने योग्य बातें

  • इस चरण में आरडी 2660 पर केंद्रित कोई पेज स्वतंत्र रूप से फ़ेच व पढ़ा नहीं जा सका — आईसीएआर-आईआईडब्ल्यूबीआर करनाल का अपना बार्ली इम्प्रूवमेंट पेज, जो सीधे फ़ेच किया गया, अन्य क़िस्मों (डीडब्ल्यूआरबी 182 व आरडी 2552 सहित) को सूचीबद्ध करता है पर आरडी 2660 का नाम से उल्लेख नहीं करता; ऊपर दिए गए तथ्य किसी सीधे-सत्यापित प्राथमिक स्रोत की बजाय पुष्ट वेबसर्च सारांशों पर आधारित हैं
  • सटीक जारी/अधिसूचना-वर्ष व वंशावली इस चरण में जाँचे गए किसी भी स्रोत में नहीं मिली

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • राजस्थान

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या आरडी 2660 माल्ट उपयोग के लिए उपयुक्त है?

हाँ, कई स्वतंत्र हिट्स में पुष्ट द्वितीयक स्रोतों के अनुसार (इस चरण में स्वतंत्र रूप से फ़ेच नहीं किए गए) — इसे बारानी परिस्थितियों के लिए विकसित माल्ट-उपयुक्त दाना गुणवत्ता वाली बताया गया है, जबकि अधिकतर माल्ट जौ कार्यक्रम सिंचित इलाक़ों को लक्षित करते हैं।

आरडी 2660 कहाँ उगाई जाती है?

यह रिकॉर्ड केवल राजस्थान को सूचीबद्ध करता है, और द्वितीयक स्रोत लगातार इसे विशेष रूप से राजस्थान के भीतर उत्तर-पश्चिम मैदानी क्षेत्र के सूखा-प्रवण, बारानी इलाक़ों से जोड़ते हैं।

सिंचित जौ क़िस्मों की तुलना में आरडी 2660 की उपज कैसी है?

कम, जैसा बारानी क़िस्म से अपेक्षित है — द्वितीयक स्रोत बारानी, समय पर बोई परिस्थितियों में लगभग 24.30 क्विंटल/हेक्टेयर बताते हैं, जो इस रिकॉर्ड के अपने 25–30 क्विंटल/हेक्टेयर (बारानी) बैंड के क़रीब है, जबकि इस रजिस्ट्री की कई सिंचित एनडब्ल्यूपीज़ेड क़िस्मों की उपज 40+ क्विंटल/हेक्टेयर है।

क्या इस चरण में आरडी 2660 की पुष्टि आईसीएआर-आईआईडब्ल्यूबीआर करनाल की अपनी वेबसाइट पर हुई?

नहीं — संस्थान का अपना बार्ली इम्प्रूवमेंट पेज, जो सीधे फ़ेच किया गया, आरडी 2660 का नाम से उल्लेख नहीं करता; यहाँ दिए गए तथ्य इसके बजाय पुष्ट द्वितीयक स्रोतों पर निर्भर हैं।

आरडी 2660 वास्तव में किसानों द्वारा कितनी व्यापक रूप से उगाई जाती है?

एक दोहराया गया द्वितीयक-स्रोत आँकड़ा राजस्थान में इस क़िस्म के अंतर्गत औसत क्षेत्रफल प्रति किसान लगभग 3.70 एकड़ बताता है, जो वास्तविक खेत-स्तर अपनाव का संकेत है, हालाँकि इस चरण में इस आँकड़े की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई।