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Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
लौकीज़ायद / गर्मीहाइब्रिडअपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Pusa Hybrid-3

एक IARI F1 हाइब्रिड, लंबे, सीधे, मध्यम-हरे फल, बहुत ऊँची व एक-समान उपज, और अच्छी बेल-ओज के साथ, दोनों सीज़न में उगाई — हर बार ताज़ा हाइब्रिड बीज ख़रीदना ज़रूरी।

सीज़नज़ायद / गर्मी
पकने की अवधिपहली तुड़ाई ~55–60 दिन
अपेक्षित उपज48–55 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
लौकी
प्रकार
हाइब्रिड
सीज़न
ज़ायद / गर्मी
पकने की अवधि
पहली तुड़ाई ~55–60 दिन
बीज दर
लगभग 1.5–2 किग्रा/हेक्टेयर (1 किग्रा/एकड़ से कम) — एक खुली-परागित किस्म से कहीं कम
अपेक्षित उपज
48–55 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली द्वारा जारी

इस किस्म के बारे में

पूसा हाइब्रिड-3 ICAR-IARI, नई दिल्ली की एक F1 हाइब्रिड लौकी किस्म है, लंबे, सीधे, मध्यम-हरे फल की एक बहुत ऊँची, एक-समान उपज को विकसित। बेलें ज़ोरदार और फ़सल एक मचान व अच्छे प्रबंधन को ज़ोरदार प्रतिक्रिया देती है। यह उत्तरी मैदानों व महाराष्ट्र में व्यावसायिक किसानों को एक अग्रणी चुनाव है। सभी हाइब्रिडों की तरह, हर सीज़न ताज़ा बीज ख़रीदना ज़रूरी।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारहाइब्रिड
    अवधिपहली तुड़ाई ~55–60 दिन
    उपज क्षमता48–55 टन/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधज़ोरदार; पत्ती-रोगों को अच्छी खेत-सहनशीलता
    मिट्टीदोमट
    सीज़नज़ायद / गर्मी

बुवाई व खेती

  • बीज दरलगभग 1.5–2 किग्रा/हेक्टेयर (1 किग्रा/एकड़ से कम) — एक खुली-परागित किस्म से कहीं कम

उपज व अवधि

पकने की अवधि

पहली तुड़ाई ~55–60 दिन

अपेक्षित उपज

48–55 टन/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • ज़ोरदार; पत्ती-रोगों को अच्छी खेत-सहनशीलता

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • लंबे, सीधे, मध्यम-हरे फल की बहुत ऊँची, एक-समान उपज
  • ज़ोरदार बेलें; पत्ती-रोगों को अच्छी खेत-सहनशीलता
  • मैदानों व महाराष्ट्र को एक अग्रणी व्यावसायिक हाइब्रिड

ध्यान रखने योग्य बातें

  • हर सीज़न ताज़ा हाइब्रिड बीज ख़रीदना ज़रूरी
  • अपनी उपज क्षमता पाने को एक मचान व अच्छा प्रबंधन चाहिए

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • उत्तर प्रदेश
  • पंजाब
  • हरियाणा
  • महाराष्ट्र