Pusa Sandesh
एक IARI खुली-परागित किस्म, गोल, सेब-हरे फल लगभग 600–800 ग्राम, वहाँ पसंद जहाँ गोल प्रकार बिकता (कोफ़्ता, रायता) — एक सघन, अगेती-फलने वाली बेल जो दोनों सीज़न में फलती।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- लौकी
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- ज़ायद / गर्मी
- पकने की अवधि
- पहली तुड़ाई ~55–60 दिन
- अपेक्षित उपज
- 32–38 टन/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली द्वारा जारी
इस किस्म के बारे में
पूसा संदेश ICAR-IARI, नई दिल्ली की एक खुली-परागित लौकी किस्म है जो गोल, सेब-हरे फल लगभग 600–800 ग्राम पैदा करती है। यह उन बाज़ारों व रसोइयों को सूट करती जो कोफ़्ता व रायता को गोल प्रकार पसंद करते हैं। बेल सघन व अगेती-फलने वाली और गर्मी व बरसात दोनों सीज़न में फलती है। खुली-परागित होने से इसका बीज बचाया जा सकता है।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
पहली तुड़ाई ~55–60 दिन
अपेक्षित उपज
32–38 टन/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- कोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- उन बाज़ारों व रसोइयों को गोल फल जो वह प्रकार पसंद करते
- सघन, अगेती-फलने वाली बेल; दोनों सीज़न में फलती
- खुली-परागित — बीज बचाया जा सकता
ध्यान रखने योग्य बातें
- गोल प्रकार हर जगह नहीं बिकता — पहले स्थानीय बाज़ार पसंद जाँचें
- कोई विशेष रोग प्रतिरोध नहीं — खरबूजा फल-मक्खी व मिल्ड्यू सँभालें
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- उत्तर प्रदेश
- पंजाब
- हरियाणा
- दिल्ली
