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लौकीज़ायद / गर्मीखुली-परागितअपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Pusa Naveen

एक IARI खुली-परागित किस्म, सीधे, बेलनाकार, एक-समान हरे फल लगभग 30–40 सेमी लंबे और बिना टेढ़ी गर्दन, दोनों सीज़न में फलती — उत्तरी मैदानों की मानक व्यावसायिक लंबी लौकी।

सीज़नज़ायद / गर्मी
पकने की अवधिपहली तुड़ाई ~60–65 दिन
अपेक्षित उपज35–42 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
लौकी
प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
ज़ायद / गर्मी
पकने की अवधि
पहली तुड़ाई ~60–65 दिन
बीज दर
3–5 किग्रा/हेक्टेयर (लगभग 1.2–2 किग्रा/एकड़); बुवाई से पहले बीज 24 घंटे भिगोएँ
अपेक्षित उपज
35–42 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली द्वारा जारी

इस किस्म के बारे में

पूसा नवीन ICAR-IARI, नई दिल्ली की एक खुली-परागित लौकी किस्म है, और उत्तरी मैदानों की मानक व्यावसायिक लंबी लौकी। इसका फल सीधा, बेलनाकार, एक-समान, मध्यम हरा व लगभग 30–40 सेमी लंबा, बिना टेढ़ी गर्दन — एक आकार जो अच्छा पैक व बिकता है। यह अगेती फलती और गर्मी व बरसात दोनों सीज़न में फ़सल देती है। खुली-परागित होने से यह किसानों को अपना बीज बचाने देती है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधिपहली तुड़ाई ~60–65 दिन
    उपज क्षमता35–42 टन/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधकोई विशेष प्रतिरोध नहीं; सामान्य फल-मक्खी व मिल्ड्यू निगरानी
    मिट्टीदोमट
    सीज़नज़ायद / गर्मी

बुवाई व खेती

  • बीज दर3–5 किग्रा/हेक्टेयर (लगभग 1.2–2 किग्रा/एकड़); बुवाई से पहले बीज 24 घंटे भिगोएँ

उपज व अवधि

पकने की अवधि

पहली तुड़ाई ~60–65 दिन

अपेक्षित उपज

35–42 टन/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • कोई विशेष प्रतिरोध नहीं; सामान्य फल-मक्खी व मिल्ड्यू निगरानी

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • सीधा, एक-समान, बिना टेढ़ी गर्दन का लंबा फल जो अच्छा पैक व बिकता
  • अगेती फलन; गर्मी व बरसात दोनों सीज़न में फलती
  • खुली-परागित — बीज बचाया जा सकता

ध्यान रखने योग्य बातें

  • कोई विशेष रोग प्रतिरोध नहीं — खरबूजा फल-मक्खी व मिल्ड्यू सँभालने होते
  • मादा फूल व अगेती उपज आगे लाने को एथ्रेल पौध छिड़काव इस्तेमाल करें

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • उत्तर प्रदेश
  • पंजाब
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • बिहार