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खीराज़ायद / गर्मीखुली-परागितअपडेट किया गया 15 अगस्त 2026

Poinsette

लंबे समय से चलन में एक स्लाइसिंग किस्म — खुली-परागित, इसलिए बीज बचाया जा सकता है, दोनों आम मिल्ड्यू के प्रति असली सहनशीलता के साथ।

सीज़नज़ायद / गर्मी
पकने की अवधि55–60 दिन
अपेक्षित उपज100–120 क्विंटल/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
खीरा
प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
ज़ायद / गर्मी
पकने की अवधि
55–60 दिन
अपेक्षित उपज
100–120 क्विंटल/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
क्लेम्सन विश्वविद्यालय, साउथ कैरोलिना, अमेरिका (कैरोल बार्न्स) में 1950-60 के दशक में विकसित; राष्ट्रीय बीज निगम द्वारा भारत लाई गई — इस शोध चरण में भारत में लाए जाने का सटीक वर्ष नहीं मिला

इस किस्म के बारे में

भारत में आम तौर पर बेची जाने वाली पॉइंसेट, अमेरिकी खुली-परागित खीरा किस्म "Poinsett" के अनुरूप है — जिसे 1950-60 के दशक में क्लेम्सन विश्वविद्यालय, साउथ कैरोलिना (अमेरिका) में कैरोल बार्न्स ने एक प्रतिरोधी शृंखला ("Polaris", "Pixie" व "Chipper" के साथ) के हिस्से के रूप में विकसित किया, जिसमें एक ऐसा रोग-प्रतिरोध स्रोत इस्तेमाल हुआ जो, एक दिलचस्प घुमाव में, भारतीय खीरा जननद्रव्य (PI 197087) से जुड़ता है। एक सीधे फ़ेच किए गए krishijagran.com किस्म राउंडअप के अनुसार इसे राष्ट्रीय बीज निगम द्वारा भारत में लाया गया, यही शायद वजह है कि यह रिकॉर्ड इसे किसी दर्ज आईसीएआर रिलीज़ की बजाय "लंबे समय से चलन में" बताता है। उसी लाइन से एक बाद की, रोग-प्रतिरोध-सुधरी खुली-परागित चयन, "Poinsett 76" (1976, क्लेम्सन/वर्जीनिया कृषि प्रयोग स्टेशन/कॉर्नेल के सहयोगी रिलीज़, डॉ. हेनरी एम. मंगर द्वारा विकसित), लगभग वही फल-प्रकार व रोग-पैकेज एक अलग नाम से रखती है — भारतीय बीज-व्यापार आमतौर पर पुरानी, बिना "76" वाली Poinsett लाइन को ही "पॉइंसेट" नाम से बेचता है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधि55–60 दिन
    उपज क्षमता100–120 क्विंटल/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधडाउनी व चूर्णिल आसिता सहनशील
    मिट्टीदोमट
    सीज़नज़ायद / गर्मी

उपज व अवधि

पकने की अवधि

55–60 दिन

अपेक्षित उपज

100–120 क्विंटल/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • अपने दौर की खुली-परागित किस्म के लिए असामान्य रूप से व्यापक रोग-सहनशीलता पैकेज — डाउनी मिल्ड्यू, चूर्णिल आसिता, एंथ्रेक्नोज़ व एंगुलर लीफ़ स्पॉट, सभी सोर्स किए गए विवरणों से पुष्ट
  • खुली-परागित, इसलिए हर सीज़न बीज बचाया जा सकता है
  • राष्ट्रीय बीज निगम द्वारा लाए जाने के बाद से दशकों से भारतीय बीज व्यापार में स्थापित

ध्यान रखने योग्य बातें

  • भारतीय बीज कैटलॉग आमतौर पर मूल Poinsett लाइन व बाद की, रोग-प्रतिरोध-सुधरी Poinsett 76 चयन के बीच अंतर नहीं करते — दोनों खुली-परागित हैं, लगभग एक जैसे फल-प्रकार व रोग-प्रतिरोध पैकेज के साथ, इसलिए व्यवहार में नाम का अंतर बहुत मायने नहीं रखता

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • पंजाब
  • हरियाणा
  • उत्तर प्रदेश

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या पॉइंसेट एक भारत में विकसित किस्म है?

नहीं — सोर्स किए गए विवरण इसे क्लेम्सन विश्वविद्यालय, साउथ कैरोलिना (अमेरिका) से जोड़ते हैं, जिसे कैरोल बार्न्स ने 1950-60 के दशक में विकसित किया व राष्ट्रीय बीज निगम ने भारत लाया। इसका रोग प्रतिरोध ख़ुद मूल अमेरिकी प्रजनन कार्यक्रम में इस्तेमाल हुए भारतीय खीरा जननद्रव्य (PI 197087) से जुड़ता है।

क्या पॉइंसेट कुछ बीज कैटलॉग में बिकने वाली "Poinsett 76" जैसी ही है?

असल में यह एक ही वंश-परंपरा है, बस अलग नामों से — Poinsett 76 एक बाद की (1976), रोग-प्रतिरोध-सुधरी खुली-परागित चयन है, जो क्लेम्सन/वर्जीनिया/कॉर्नेल के सहयोग से उसी Poinsett लाइन से बनी, किसी अलग हाइब्रिड से नहीं। फल-प्रकार व रोग-प्रतिरोध दोनों में लगभग एक जैसे हैं, इसलिए साधारण "पॉइंसेट" बेचने वाले भारतीय कैटलॉग असल में उसी किस्म-परिवार की पुरानी लाइन बेच रहे हैं।

स्रोत: Vegetable Cultivar Descriptions for North America — Cucumber (A–I) — NC State Cucurbit Breeding, Downy Mildew Resistance — NC State Cucurbit Breeding, Best Cucumber Varieties Available in Indian Market — Krishi Jagran, Poinsett 76 Cucumber — Seedgro. संपादकीय नीति.