Bhima Omkar
ICAR-DOGR, पुणे से जारी — छोटे, सख़्त बल्ब वाली किस्म, भंडारण क्षमता के लिए बनाई गई, जहाँ फसल को ऑफ़-सीज़न भाव सुधरने तक रोकना हो वहाँ लगाई जाती है।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- लहसुन
- प्रकार
- रोपण सामग्री
- सीज़न
- रबी
- पकने की अवधि
- 130–140 दिन
- अपेक्षित उपज
- 100–120 क्विंटल/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- बताया जाता है लगभग 2009 में जारी · ICAR-प्याज़ एवं लहसुन अनुसंधान निदेशालय (DOGR), पुणे — कई स्रोतों से वेबसर्च-समर्थित, कोई सुलभ मूल DOGR पेज नहीं (dogr.icar.gov.in व dogr.res.in दोनों अगम्य रहे)
इस किस्म के बारे में
भीमा ओंकार एक शॉर्ट-डे सफ़ेद लहसुन किस्म है, जिसे बताया जाता है कि लगभग 2009 में ICAR-प्याज़ एवं लहसुन अनुसंधान निदेशालय (DOGR), पुणे ने जारी किया। यह 120–135 दिन में पकती है, औसत उपज 8–14 टन/हेक्टेयर (80–140 क्विंटल/हेक्टेयर), और मध्यम आकार के सख़्त सफ़ेद बल्ब देती है। यह DOGR की "भीमा" शृंखला की किस्मों में से एक है (भीमा सुपर, भीमा पर्पल, भीमा किरण आदि के साथ), सभी उसी पुणे संस्थान में विकसित।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
130–140 दिन
अपेक्षित उपज
100–120 क्विंटल/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- अच्छी भंडारण अवधि
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- मध्यम आकार के सख़्त सफ़ेद बल्ब, वही भंडारण क्षमता जो पूरी "भीमा" शृंखला को बिक्री से पहले फसल रोके रखने के लिए आकर्षक बनाती है
- उत्तरी/पश्चिमी मैदानी पट्टी के लिए ख़ासतौर पर बनी शॉर्ट-डे किस्म, न कि सामान्य अखिल-भारतीय रिलीज़
ध्यान रखने योग्य बातें
- DOGR की अपनी वेबसाइट (dogr.icar.gov.in / dogr.res.in) इस शोध चरण में सुलभ नहीं हो सकी, इसलिए ये तथ्य किसी सीधे जांचे गए मूल पेज की बजाय बार-बार, स्वतंत्र वेबसर्च पुष्टि पर आधारित हैं।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- दिल्ली
- गुजरात
- हरियाणा
- राजस्थान
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या भीमा ओंकार एनएचआरडीएफ की किस्म है या डीओजीआर की?
डीओजीआर — इस शोध में जांचे गए स्रोत इसे DOGR की "भीमा" शृंखला (भीमा सुपर, भीमा पर्पल, भीमा किरण आदि के साथ) के तहत ICAR-DOGR, पुणे की किस्म बताते हैं, सभी उसी पुणे संस्थान में विकसित।
भीमा ओंकार आधिकारिक रूप से किन राज्यों के लिए सिफ़ारिश की गई है?
इस चरण में मिला हर स्रोत दिल्ली, गुजरात, हरियाणा व राजस्थान बताता है।
