Agrifound White (G-41)
एनएचआरडीएफ से जारी — कली से लगाई जाती है, असली बीज से नहीं, और देश में सबसे ज़्यादा उगाई जाने वाली सफ़ेद लहसुन।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- लहसुन
- प्रकार
- रोपण सामग्री
- सीज़न
- रबी
- पकने की अवधि
- 150–160 दिन
- अपेक्षित उपज
- 120–150 क्विंटल/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- बताया जाता है 1989 में अधिसूचित (सं. 28(ई), 13 अप्रैल 1989) · भारत सरकार, एनएचआरडीएफ के माध्यम से · बिहारशरीफ (बिहार) संग्रह से सामूहिक चयन — वेबसर्च से समर्थित, कोई सुलभ मूल अधिसूचना पाठ नहीं
इस किस्म के बारे में
एग्रीफाउंड व्हाइट (जी-41) राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (एनएचआरडीएफ) की किस्म है, जिसे बिहार के बिहारशरीफ क्षेत्र के स्थानीय संग्रह से सामूहिक चयन (mass selection) द्वारा विकसित किया गया। बताया जाता है कि इसे भारत सरकार ने 1989 में (अधिसूचना 28(ई), 13 अप्रैल 1989) महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश के लिए अधिसूचित किया — जो इसके मौजूदा फैलाव से कहीं संकरा दायरा है, क्योंकि यह आगे चलकर देश में सबसे ज़्यादा उगाई जाने वाली सफ़ेद लहसुन बन गई। बल्ब सख़्त, चांदी-सफ़ेद, मलाईदार गूदे वाले, 3.5–4.5 सेमी व्यास के होते हैं, जिनमें 20–25 बड़ी, लंबी कलियाँ होती हैं; फ़सल 140–150 दिन में पकती है, औसत उपज लगभग 130 क्विंटल/हेक्टेयर के आसपास, साथ ही ज़्यादा घुलनशील ठोस पदार्थ (लगभग 41°ब्रिक्स) व शुष्क पदार्थ (लगभग 43%) जो अच्छी भंडारण क्षमता में मदद करते हैं।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
150–160 दिन
अपेक्षित उपज
120–150 क्विंटल/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- ज़्यादा घुलनशील ठोस पदार्थ (लगभग 41°ब्रिक्स) व शुष्क पदार्थ (लगभग 43%), जो भंडारण में अच्छी गुणवत्ता बनाए रखने में मदद करते हैं
- बड़ी, लंबी कलियाँ (20–25 प्रति बल्ब) व कई देसी किस्मों से बड़ा बल्ब आकार, जिससे मंडी में बेहतर भाव मिलता है
- देश में किसी भी सफ़ेद लहसुन किस्म में सबसे व्यापक खेती — इसकी मूल दो-राज्य अधिसूचना से कहीं आगे
ध्यान रखने योग्य बातें
- 1989 की मूल अधिसूचना में केवल महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश का नाम था — इस रिकॉर्ड की व्यापक राज्य सूची किसी आधिकारिक बहु-राज्य सिफ़ारिश की बजाय किस्म की वास्तविक, कहीं व्यापक खेत-स्तर की खेती को दर्शाती है
- इस शोध चरण में मिला कोई स्रोत सामान्य अच्छी भंडारण क्षमता से आगे कोई विशिष्ट, स्वतंत्र रूप से पुष्ट रोग-प्रतिरोध रेटिंग नहीं दे सका — इस रिकॉर्ड की "बैंगनी धब्बा रोग की मध्यम सहनशीलता" को प्रयोगशाला-पुष्ट नहीं, बल्कि खेत-स्तर की रेटिंग मानें
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- मध्य प्रदेश
- राजस्थान
- गुजरात
- उत्तर प्रदेश
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
एग्रीफाउंड व्हाइट अपनी मूल अधिसूचना वाले राज्यों से कहीं ज़्यादा व्यापक रूप से क्यों उगाई जाती है?
इसे 1989 में केवल महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश के लिए आधिकारिक रूप से अधिसूचित किया गया था, पर इसके बल्ब आकार, अच्छी भंडारण क्षमता व बाज़ार स्वीकृति ने इसे अगले कुछ दशकों में इन दो राज्यों से कहीं आगे किसानों की पहली पसंद बना दिया।
एग्रीफाउंड व्हाइट अच्छी तरह क्यों टिकती है?
इसके अपेक्षाकृत ज़्यादा घुलनशील ठोस पदार्थ (लगभग 41°ब्रिक्स) व शुष्क पदार्थ (लगभग 43%) ही वे मूल गुण हैं जिन्हें कृषि स्रोत इसकी अच्छी भंडारण क्षमता का आधार बताते हैं।
स्रोत: Garlic Variety Agrifound White — Global Agriculture. संपादकीय नीति.
