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चनारबीखुली-परागितअपडेट किया गया 15 अगस्त 2026

Kak-2 (kabuli)

प्रीमियम और निर्यात बाज़ार के लिए उगाया मोटा, बहुत बड़ा दाना वाला काबुली प्रकार — ऊँचे भाव का, पर देसी से बेहतर मिट्टी और सख़्त प्रबंधन माँगता। अभी इसके लिए अलग से शोध कर विस्तृत पेज नहीं बनाया गया है।

सीज़नरबी
पकने की अवधि90–100 दिन
अपेक्षित उपजमध्यम–उच्च
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
चना
प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
90–100 दिन
अपेक्षित उपज
मध्यम–उच्च
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
लगभग 1999–2000 में जारी (स्रोतों में दोनों वर्ष मिलते हैं) · ICRISAT — भारत में जारी पहली बड़े दाने वाली काबुली किस्म बताई जाती है

इस किस्म के बारे में

काक-2 (ICCV 92311) एक मोटा, बहुत बड़े दाने वाला काबुली चना है जिसे ICRISAT ने विकसित किया — इसे भारत में जारी की गई पहली बड़े दाने वाली काबुली किस्म बताया जाता है — जिसका मलाई-रंगा 100-दाना वज़न लगभग 34–38 ग्राम है, जो घरेलू व निर्यात बाज़ार में प्रीमियम भाव, अक्सर देसी से लगभग दोगुना, दिलाता है। इस रिकॉर्ड के duration व states फ़ील्ड को 2026-08-15 को सीधे फ़ेच किए गए ICRISAT ISSCA पेज (issca.icrisat.org) से मिलाने के लिए सुधारा गया।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधि90–100 दिन
    उपज क्षमतामध्यम–उच्च
    रोग-प्रतिरोधमध्यम; काबुली आमतौर पर देसी से अधिक रोग-संवेदनशील
    मिट्टीदोमट
    सीज़नरबी

उपज व अवधि

पकने की अवधि

90–100 दिन

अपेक्षित उपज

मध्यम–उच्च

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • मध्यम; काबुली आमतौर पर देसी से अधिक रोग-संवेदनशील

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

ध्यान रखने योग्य बातें

  • सुधारा गया 2026-08-15: duration को 105-120 दिन से 90-100 दिन में अद्यतन किया गया, इस रिकॉर्ड के sources में उद्धृत उसी सीधे फ़ेच किए गए ICRISAT ISSCA पेज के अनुसार।
  • सुधारा गया 2026-08-15: states को आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ व गुजरात जोड़कर बढ़ाया गया — प्राथमिक ICRISAT स्रोत आंध्र प्रदेश को सबसे प्रमुख अपनाने वाला राज्य बताता है (रबी में धान-बाद बची नमी पर उगाई जाती है), छत्तीसगढ़ व गुजरात को भी मध्य-क्षेत्र के राज्य बताया गया जहाँ यह अच्छा प्रदर्शन करती है।
  • जारी वर्ष एक स्रोत में 1999 और दूसरे में 2000 बताया गया है; इस चरण में स्पष्ट नहीं हो सका।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • मध्य प्रदेश
  • महाराष्ट्र
  • कर्नाटक
  • आंध्र प्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • गुजरात

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

"काक-2" का क्या अर्थ है, और क्या इसे किसी अन्य कोड से भी जाना जाता है?

काक-2 जारी/व्यापारिक नाम है; इसका ICRISAT प्रजनन कोड ICCV 92311 है।

काक-2 प्रीमियम भाव क्यों पाती है?

इसका बहुत बड़ा, मलाई-रंगा दाना (100-दाना वज़न लगभग 34–38 ग्राम) घरेलू व निर्यात काबुली बाज़ार में पसंद किया जाता है, जो सामान्य देसी चने से लगभग दोगुना भाव दिला देता है।

सबसे अधिक काक-2 किस राज्य में उगाई जाती है?

आंध्र प्रदेश, ICRISAT स्रोत के अनुसार सबसे आगे, जहाँ इसे धान के बाद बची नमी पर रबी में उगाया जाता है।

काक-2 पकने में कितना समय लेती है?

90-100 दिन, सीधे फ़ेच किए गए ICRISAT ISSCA पेज के अनुसार।

क्या काक-2 देसी किस्मों से अधिक रोग-प्रवण है?

इस रिकॉर्ड की मौजूदा रेटिंग — मध्यम, और काबुली प्रकार आमतौर पर देसी से अधिक रोग-संवेदनशील — काबुली चने में एक जाना-पहचाना सामान्य प्रतिमान है, इस चरण में मिली किसी जानकारी ने इसका खंडन नहीं किया।

स्रोत: ICRISAT ISSCA — High-yielding, extra-large chickpea kabuli variety ICCV 92311 (KAK 2). संपादकीय नीति.