Kak-2 (kabuli)
प्रीमियम और निर्यात बाज़ार के लिए उगाया मोटा, बहुत बड़ा दाना वाला काबुली प्रकार — ऊँचे भाव का, पर देसी से बेहतर मिट्टी और सख़्त प्रबंधन माँगता। अभी इसके लिए अलग से शोध कर विस्तृत पेज नहीं बनाया गया है।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- चना
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- रबी
- पकने की अवधि
- 90–100 दिन
- अपेक्षित उपज
- मध्यम–उच्च
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- लगभग 1999–2000 में जारी (स्रोतों में दोनों वर्ष मिलते हैं) · ICRISAT — भारत में जारी पहली बड़े दाने वाली काबुली किस्म बताई जाती है
इस किस्म के बारे में
काक-2 (ICCV 92311) एक मोटा, बहुत बड़े दाने वाला काबुली चना है जिसे ICRISAT ने विकसित किया — इसे भारत में जारी की गई पहली बड़े दाने वाली काबुली किस्म बताया जाता है — जिसका मलाई-रंगा 100-दाना वज़न लगभग 34–38 ग्राम है, जो घरेलू व निर्यात बाज़ार में प्रीमियम भाव, अक्सर देसी से लगभग दोगुना, दिलाता है। इस रिकॉर्ड के duration व states फ़ील्ड को 2026-08-15 को सीधे फ़ेच किए गए ICRISAT ISSCA पेज (issca.icrisat.org) से मिलाने के लिए सुधारा गया।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
90–100 दिन
अपेक्षित उपज
मध्यम–उच्च
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- मध्यम; काबुली आमतौर पर देसी से अधिक रोग-संवेदनशील
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
ध्यान रखने योग्य बातें
- सुधारा गया 2026-08-15: duration को 105-120 दिन से 90-100 दिन में अद्यतन किया गया, इस रिकॉर्ड के sources में उद्धृत उसी सीधे फ़ेच किए गए ICRISAT ISSCA पेज के अनुसार।
- सुधारा गया 2026-08-15: states को आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ व गुजरात जोड़कर बढ़ाया गया — प्राथमिक ICRISAT स्रोत आंध्र प्रदेश को सबसे प्रमुख अपनाने वाला राज्य बताता है (रबी में धान-बाद बची नमी पर उगाई जाती है), छत्तीसगढ़ व गुजरात को भी मध्य-क्षेत्र के राज्य बताया गया जहाँ यह अच्छा प्रदर्शन करती है।
- जारी वर्ष एक स्रोत में 1999 और दूसरे में 2000 बताया गया है; इस चरण में स्पष्ट नहीं हो सका।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- मध्य प्रदेश
- महाराष्ट्र
- कर्नाटक
- आंध्र प्रदेश
- छत्तीसगढ़
- गुजरात
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
"काक-2" का क्या अर्थ है, और क्या इसे किसी अन्य कोड से भी जाना जाता है?
काक-2 जारी/व्यापारिक नाम है; इसका ICRISAT प्रजनन कोड ICCV 92311 है।
काक-2 प्रीमियम भाव क्यों पाती है?
इसका बहुत बड़ा, मलाई-रंगा दाना (100-दाना वज़न लगभग 34–38 ग्राम) घरेलू व निर्यात काबुली बाज़ार में पसंद किया जाता है, जो सामान्य देसी चने से लगभग दोगुना भाव दिला देता है।
सबसे अधिक काक-2 किस राज्य में उगाई जाती है?
आंध्र प्रदेश, ICRISAT स्रोत के अनुसार सबसे आगे, जहाँ इसे धान के बाद बची नमी पर रबी में उगाया जाता है।
काक-2 पकने में कितना समय लेती है?
90-100 दिन, सीधे फ़ेच किए गए ICRISAT ISSCA पेज के अनुसार।
क्या काक-2 देसी किस्मों से अधिक रोग-प्रवण है?
इस रिकॉर्ड की मौजूदा रेटिंग — मध्यम, और काबुली प्रकार आमतौर पर देसी से अधिक रोग-संवेदनशील — काबुली चने में एक जाना-पहचाना सामान्य प्रतिमान है, इस चरण में मिली किसी जानकारी ने इसका खंडन नहीं किया।
स्रोत: ICRISAT ISSCA — High-yielding, extra-large chickpea kabuli variety ICCV 92311 (KAK 2). संपादकीय नीति.
