CISH J-42 (seedless type)
ICAR-CISH लखनऊ की एक रिलीज़, ख़ासतौर बीज-रहित या लगभग-बीज-रहित फल के लिए विकसित, सामान्य बीज-वाले जामुन पर एक असली बाज़ार-प्रीमियम पाती।
ज़रूरी तथ्य
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- खरीफ़
- पकने की अवधि
- वर्ष 4–5 से फल (कलमी)
- अपेक्षित उपज
- अच्छी; उपज जितना ही फल-गुणवत्ता (बीज-रहितता) के लिए मूल्यवान
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- ICAR-केंद्रीय उपोष्णकटिबंधीय बाग़बानी संस्थान (CISH), लखनऊ, उत्तर प्रदेश
इस किस्म के बारे में
CISH J-42 ICAR के केंद्रीय उपोष्णकटिबंधीय बाग़बानी संस्थान (CISH), लखनऊ से एक जामुन चयन है, ख़ासतौर बीज-रहित या लगभग-बीज-रहित फल के लिए विकसित — एक सच में महत्वपूर्ण प्रजनन-लक्ष्य, क्योंकि बड़ा, हावी बीज ख़रीदारों की सामान्य जामुन के बारे में सबसे आम गुणवत्ता-शिकायत है, और बिना या कम बीज वाला फल उसी आकार के लिए काफ़ी ज़्यादा खाने-योग्य पल्प देता। यह CISH J-42 को उस किसान के लिए पसंदीदा किस्म बनाती जो ख़ासतौर प्रीमियम ताज़ा-फल बाज़ार को लक्षित करता या किसी प्रसंस्करणकर्ता को जो उपयोग-योग्य पल्प-भार से भुगतान करता, सोडिकता-सहनशीलता के लिए विकसित साथी CISH J-37 चयन से अलग।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
वर्ष 4–5 से फल (कलमी)
अपेक्षित उपज
अच्छी; उपज जितना ही फल-गुणवत्ता (बीज-रहितता) के लिए मूल्यवान
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- अलग से दर्ज नहीं
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- असली बीज-रहित या लगभग-बीज-रहित फल — एक ऐसा गुण जो ताज़ा जामुन बाज़ार में सबसे मज़बूत प्रीमियम पाता।
- तुलनीय आकार की बीज-वाली किस्म से प्रति फल ज़्यादा उपयोग-योग्य पल्प, ताज़ा बिक्री व प्रसंस्करण दोनों के लिए मूल्यवान।
ध्यान रखने योग्य बातें
- CISH J-37 जैसा कोई दर्ज सोडिकता-सहनशीलता फ़ायदा नहीं — विशिष्ट स्थल व बाज़ार के लिए कौन-सा गुण (बीज-रहितता बनाम मिट्टी-सहनशीलता) ज़्यादा मायने रखता, उसके आधार पर चुनें।
- कोंकण बहादोली या गोमा प्रियंका जितने विस्तृत प्रति-पेड़ उपज-आँकड़े प्रकाशित नहीं।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- उत्तर प्रदेश
