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जामुन (इंडियन ब्लैकबेरी)खरीफ़खुली-परागितअपडेट किया गया 7 सितंबर 2026

CISH J-37

ICAR-CISH लखनऊ का एक चयन जिसने एक प्रकाशित तुलनात्मक शरीरक्रिया-अध्ययन में किस्मों में सबसे ऊँची सोडिकता-तनाव सहनशीलता दर्ज की।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधिवर्ष 4–5 से फल (कलमी)
अपेक्षित उपजअच्छी; उपज जितना ही तनाव-सहनशीलता के लिए चुनी गई
उपयुक्त मिट्टीलवणीय / कमज़ोर

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
वर्ष 4–5 से फल (कलमी)
अपेक्षित उपज
अच्छी; उपज जितना ही तनाव-सहनशीलता के लिए चुनी गई
उपयुक्त मिट्टी
लवणीय / कमज़ोर
जारी
ICAR-केंद्रीय उपोष्णकटिबंधीय बाग़बानी संस्थान (CISH), लखनऊ, उत्तर प्रदेश

इस किस्म के बारे में

CISH J-37 ICAR के केंद्रीय उपोष्णकटिबंधीय बाग़बानी संस्थान (CISH), लखनऊ से एक जामुन चयन है। कई जामुन किस्मों — कोंकण बहादोली व गोमा प्रियंका सहित — भर सोडिकता-तनाव सहनशीलता जाँचने वाले एक प्रकाशित तुलनात्मक शरीरक्रिया-अध्ययन में, CISH J-37 समूह में सबसे मज़बूत सहनशीलता रखती पाई गई, उत्तर प्रदेश व व्यापक भारत-गंगा मैदान भर पाई जाने वाली सोडिक व क्षारीय मिट्टी पर रोपाई करने वाले किसानों के लिए एक सच में उपयोगी, शोध-दर्ज गुण, जहाँ कई अन्य फल-पेड़, यहाँ तक कि दूसरे जामुन चयन भी, काफ़ी बुरा प्रदर्शन करते।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधिवर्ष 4–5 से फल (कलमी)
    उपज क्षमताअच्छी; उपज जितना ही तनाव-सहनशीलता के लिए चुनी गई
    रोग-प्रतिरोधतुलनात्मक CISH परीक्षणों में सबसे सोडिकता-सहनशील किस्म दर्ज
    मिट्टीलवणीय / कमज़ोर
    सीज़नखरीफ़

उपज व अवधि

पकने की अवधि

वर्ष 4–5 से फल (कलमी)

अपेक्षित उपज

अच्छी; उपज जितना ही तनाव-सहनशीलता के लिए चुनी गई

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • तुलनात्मक CISH परीक्षणों में सबसे सोडिकता-सहनशील किस्म दर्ज

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • एक प्रत्यक्ष तुलनात्मक अध्ययन में सबसे सोडिकता-सहनशील जामुन किस्म के रूप में दर्ज — समस्या-मिट्टी वाले स्थल पर इसे चुनने का एक असली, शोध-समर्थित कारण।
  • उस ज़मीन के लिए एक असली विकल्प जहाँ सोडिकता या क्षारीयता ने बाक़ी फल-पेड़ों को पूरी तरह ख़ारिज कर दिया हो।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • उसी तुलनात्मक कार्य में गोमा प्रियंका ने ज़्यादा फल व पल्प-भार दर्ज किया, इसलिए कम-सोडिक स्थल को तनाव-सहनशीलता के लिए उपज का समझौता करने की ज़रूरत नहीं हो सकती।
  • कोई बीज-रहितता गुण नहीं — यदि सोडिकता-सहनशीलता से ज़्यादा कम बीज-मात्रा मायने रखती है तो CISH J-42 विचार करने लायक़ साथी रिलीज़ है।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • उत्तर प्रदेश