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जामुन (इंडियन ब्लैकबेरी)खरीफ़खुली-परागितअपडेट किया गया 7 सितंबर 2026

Narendra Jamun-6

नरेंद्र देव कृषि व प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, फैज़ाबाद (उत्तर प्रदेश) की रिलीज़, पूर्वी उत्तर प्रदेश पट्टी के लिए विकसित।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधिवर्ष 4–5 से फल (कलमी)
अपेक्षित उपजपूर्वी उत्तर प्रदेश स्थितियों में अच्छी
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
वर्ष 4–5 से फल (कलमी)
अपेक्षित उपज
पूर्वी उत्तर प्रदेश स्थितियों में अच्छी
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
नरेंद्र देव कृषि व प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, फैज़ाबाद, उत्तर प्रदेश

इस किस्म के बारे में

नरेंद्र जामुन-6 नरेंद्र देव कृषि व प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, फैज़ाबाद द्वारा जारी एक किस्म है, पूर्वी उत्तर प्रदेश की उगाई स्थितियों के लिए विकसित। बिहार में राजेंद्र जामुन-1 के साथ, यह जामुन प्रजनन के राज्य-कृषि-विश्वविद्यालय स्तर का प्रतिनिधित्व करती — ज़्यादा राष्ट्रीय स्तर पर उद्धृत CISH लखनऊ, कोंकण बहादोली व गोमा प्रियंका रिलीज़ों का एक असली, क्षेत्रीय रूप से केंद्रित विकल्प, पूर्वी उत्तर प्रदेश जामुन-पट्टी के किसानों को उनकी अपनी स्थानीय स्थितियों में ख़ासतौर चुनी व परखी रोपण-सामग्री देती।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधिवर्ष 4–5 से फल (कलमी)
    उपज क्षमतापूर्वी उत्तर प्रदेश स्थितियों में अच्छी
    रोग-प्रतिरोधअलग से दर्ज नहीं
    मिट्टीदोमट
    सीज़नखरीफ़

उपज व अवधि

पकने की अवधि

वर्ष 4–5 से फल (कलमी)

अपेक्षित उपज

पूर्वी उत्तर प्रदेश स्थितियों में अच्छी

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • अलग से दर्ज नहीं

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • ख़ासतौर पूर्वी उत्तर प्रदेश स्थितियों में चुनी व परखी गई, पश्चिमी-भारत रिलीज़ों से अलग एक क्षेत्रीय रूप से प्रासंगिक विकल्प देती।
  • राज्य के भीतर कलमी रोपण-सामग्री का एक विश्वविद्यालय-समर्थित स्रोत।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • राष्ट्रीय तुलनात्मक परीक्षण साहित्य (जो कोंकण बहादोली, गोमा प्रियंका व CISH चयनों पर केंद्रित है) में कम प्रतिनिधित्व, इसलिए सीधी उपज-तुलना पाना मुश्किल।
  • CISH J-42 व CISH J-37 चयनों जैसा कोई विशिष्ट बीज-रहितता या दर्ज सोडिकता-सहनशीलता गुण नहीं।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • उत्तर प्रदेश