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जामुन (इंडियन ब्लैकबेरी)खरीफ़खुली-परागितअपडेट किया गया 7 सितंबर 2026

Konkan Bahadoli

क्षेत्रीय फल अनुसंधान केंद्र, वेंगुर्ला (महाराष्ट्र) की रिलीज़, तुलनात्मक अध्ययनों में परखी गई किस्मों में सबसे ऊँची कलम-सफलता व जीवन-दर के साथ दर्ज।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधिवर्ष 4–5 से फल (कलमी)
अपेक्षित उपजअच्छी, अच्छी तरह दर्ज व्यावसायिक प्रदर्शन
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
वर्ष 4–5 से फल (कलमी)
अपेक्षित उपज
अच्छी, अच्छी तरह दर्ज व्यावसायिक प्रदर्शन
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
क्षेत्रीय फल अनुसंधान केंद्र, वेंगुर्ला, महाराष्ट्र

इस किस्म के बारे में

कोंकण बहादोली महाराष्ट्र की कोंकण पट्टी में क्षेत्रीय फल अनुसंधान केंद्र, वेंगुर्ला द्वारा जारी एक जामुन किस्म है, और भारत में सबसे व्यापक रूप से उगाई जाने वाली नामित जामुन किस्मों में से है। गोमा प्रियंका व CISH चयनों के साथ जामुन किस्मों का मूल्यांकन करने वाले प्रकाशित तुलनात्मक अध्ययनों ने ख़ासतौर कोंकण बहादोली को परखी गई किस्मों में सबसे ऊँची कलम-सफलता व जीवन-दर, कलम के बाद सबसे जल्दी अंकुरण, व सबसे मज़बूत शुरुआती बढ़वार-मापदंड — अंकुर-संख्या, पत्ती-गिनती, कलम-ऊँचाई व क्लोरोफ़िल-सूचकांक सहित — के साथ दर्ज किया, जो इसे एक नर्सरी या किसान के लिए एक सच में भरोसेमंद चुनाव बनाता जो अंतिम फल-गुणवत्ता जितना ही कलम-सफलता-दर की भी परवाह करता।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधिवर्ष 4–5 से फल (कलमी)
    उपज क्षमताअच्छी, अच्छी तरह दर्ज व्यावसायिक प्रदर्शन
    रोग-प्रतिरोधमुख्य रोगों के लिए अलग दर्ज नहीं; तुलनात्मक अध्ययनों में मध्यम सोडिकता-सहनशीलता
    मिट्टीदोमट
    सीज़नखरीफ़

उपज व अवधि

पकने की अवधि

वर्ष 4–5 से फल (कलमी)

अपेक्षित उपज

अच्छी, अच्छी तरह दर्ज व्यावसायिक प्रदर्शन

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • मुख्य रोगों के लिए अलग दर्ज नहीं; तुलनात्मक अध्ययनों में मध्यम सोडिकता-सहनशीलता

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • तुलना किए गए किस्मों में दर्ज सबसे ऊँची कलम-सफलता व जीवन-दर — नर्सरी व नए किसानों के लिए एक असली व्यावहारिक फ़ायदा।
  • व्यापक रूप से उगाई व अच्छी तरह स्थापित, इसलिए रोपण-सामग्री व स्थानीय उगाई-अनुभव दोनों ढूँढना आसान।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • उसी तुलनात्मक परीक्षण में गोमा प्रियंका ने कोंकण बहादोली से ज़्यादा फल-भार, पल्प-भार व प्रति-पेड़ उपज दर्ज की — इसके मज़बूत कलम-मापदंडों के लिए एक समझौता।
  • CISH J-37 जितनी सोडिकता-सहनशीलता के लिए दर्ज नहीं।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • महाराष्ट्र
  • कर्नाटक