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धानखरीफ़खुली-परागितअपडेट किया गया 12 अगस्त 2026

Pusa Basmati 1121

बासमती श्रेणी में सबसे लंबा-पतला दाना, और वह किस्म जिसे निर्यातक अक्सर नाम लेकर माँगते हैं।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधि140–145 दिन
अपेक्षित उपज35–40 क्विंटल/हेक्टेयर — बासमती में उपज की जगह दाने की गुणवत्ता को तरजीह
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
धान
प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
140–145 दिन
अपेक्षित उपज
35–40 क्विंटल/हेक्टेयर — बासमती में उपज की जगह दाने की गुणवत्ता को तरजीह
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
2003 में दिल्ली के लिए जारी (ICAR-IARI, नई दिल्ली); 2008 में पंजाब व हरियाणा तक बढ़ाया गया

इस किस्म के बारे में

पूसा बासमती 1121 को ICAR-IARI, नई दिल्ली ने पूसा 614-1-2 × पूसा 614-2-4-3 से विकसित किया — दोनों वंशरेखाएँ पारंपरिक बासमती 370 व टाइप 3 से जुड़ी हैं — और इसे 2003 में दिल्ली के लिए जारी किया गया, फिर 2008 में पंजाब व हरियाणा तक बढ़ाया गया। इसने पकने पर दाना लंबा होने का रिकॉर्ड बनाया: क़रीब 9 मिमी का कुटा हुआ दाना पकने पर लगभग 21–21.5 मिमी तक फैलता है, यानी लगभग 2.7 गुना — उस समय किसी बासमती किस्म में दर्ज सबसे ज़्यादा। यही एक गुण है जिस वजह से निर्यातक इसे नाम लेकर माँगते हैं, भले ही धान की उपज सामान्य किस्मों से कम हो।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधि140–145 दिन
    उपज क्षमता35–40 क्विंटल/हेक्टेयर — बासमती में उपज की जगह दाने की गुणवत्ता को तरजीह
    रोग-प्रतिरोधबकाने के प्रति अत्यधिक संवेदनशील; जीवाणु झुलसा के प्रति संवेदनशील
    मिट्टीदोमट
    सीज़नखरीफ़

बुवाई व खेती

  • बुवाई का समयनर्सरी मई के अंत से जून में बोई जाती है, रोपाई जून–जुलाई में — पंजाब, हरियाणा व पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए मानक बासमती कैलेंडर
  • बुवाई विधिअन्य बासमती किस्मों की तरह नर्सरी में तैयार कर रोपाई की जाती है, सीधी बुवाई नहीं
  • कटाईबुवाई से पकने तक (बीज-से-बीज) लगभग 140–145 दिन

मिट्टी व जलवायु

मिट्टी

उपयुक्त मिट्टी
अच्छी जल-धारण क्षमता वाली दोमट से चिकनी दोमट मिट्टी — मानक बासमती-धान मिट्टी सलाह

उपज व अवधि

पकने की अवधि

140–145 दिन

अपेक्षित उपज

35–40 क्विंटल/हेक्टेयर — बासमती में उपज की जगह दाने की गुणवत्ता को तरजीह

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

प्रबंधन सुझाव

  • बकाने के आगे बढ़ने को रोकने के लिए रोग-मुक्त, गर्म पानी या फफूंदनाशी-उपचारित नर्सरी बीज इस्तेमाल करें — इस किस्म में इसका अपना कोई खेत-प्रतिरोध नहीं है
  • जीवाणु झुलसा के इतिहास वाले खेतों से बचें, और जहाँ झुलसा दिखा हो वहाँ लगातार बासमती से हटकर फ़सल-चक्र अपनाएँ

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • किसी बासमती किस्म में अब तक दर्ज सबसे ज़्यादा पकने पर दाना-विस्तार — क़रीब 2.7 गुना, दाना 21 मिमी से ज़्यादा तक
  • वह नाम जिसे निर्यातक ख़ास तौर पर माँगते हैं — सामान्य बासमती के मुक़ाबले मंडी में असली प्रीमियम
  • पंजाब, हरियाणा व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दो दशक की खेती का अनुभव, इसलिए इसका व्यवहार अच्छी तरह समझा जा चुका है

ध्यान रखने योग्य बातें

  • धान की उपज सामान्य चावल से कम — क़रीब 35–40 क्विंटल/हेक्टेयर बनाम ग़ैर-बासमती किस्मों की 50+ — बासमती में उपज की जगह दाने की गुणवत्ता व क़ीमत को तरजीह
  • बकाने के प्रति अत्यधिक व जीवाणु झुलसा के प्रति संवेदनशील — किसी सख़्त किस्म से ज़्यादा नर्सरी स्वच्छता व खेत-सफ़ाई का ध्यान रखना ज़रूरी
  • सुझाया गया क्षेत्र पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश व दिल्ली है — पारंपरिक बासमती पट्टी, चावल के व्यापक इलाक़े नहीं

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • पंजाब
  • हरियाणा
  • उत्तर प्रदेश
  • दिल्ली

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पूसा बासमती 1121 क्या है?

ICAR-IARI, नई दिल्ली में विकसित एक बासमती चावल किस्म, जो 2003 में जारी हुई और उस समय किसी बासमती किस्म में दर्ज सबसे ज़्यादा पकने पर दाना-विस्तार के लिए जानी जाती है।

पूसा बासमती 1121 का दाना ख़ास क्यों है?

क़रीब 9 मिमी का कुटा हुआ दाना पकने पर लगभग 21–21.5 मिमी तक फैलता है — यानी क़रीब 2.7 गुना विस्तार, सामान्य बासमती से काफ़ी ज़्यादा — इसी के लिए निर्यातक प्रीमियम चुकाते हैं।

पूसा बासमती 1121 की बुवाई का समय क्या है?

नर्सरी मई के अंत से जून में बोई जाती है, रोपाई जून–जुलाई में — इसके सुझाए क्षेत्र का मानक बासमती कैलेंडर।

पूसा बासमती 1121 को पकने में कितने दिन लगते हैं?

बुवाई से पकने तक लगभग 140–145 दिन।

पूसा बासमती 1121 की अपेक्षित उपज क्या है?

लगभग 35–40 क्विंटल/हेक्टेयर — सामान्य चावल से कम, क्योंकि बासमती प्रजनन में उपज की जगह दाने की लंबाई व पकाने की गुणवत्ता को तरजीह दी जाती है।

पूसा बासमती 1121 के लिए कौन-से क्षेत्र उपयुक्त हैं?

पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश व दिल्ली — पारंपरिक बासमती-उत्पादक पट्टी।

स्रोत: Pusa Basmati 1121 — a rice variety with exceptional kernel elongation and volume expansion after cooking, Rice (2018), ICAR-IARI authors. संपादकीय नीति.