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मटररबीखुली-परागितअपडेट किया गया 15 अगस्त 2026

Kashi Nandini

अच्छे फली-बंधन व एक-सी परिपक्वता वाली आईआईवीआर किस्म, मुख्य सीज़न के लिए। अभी इसके लिए अलग से शोध कर विस्तृत पेज नहीं बनाया गया है।

सीज़नरबी
पकने की अवधि70–80 दिन
अपेक्षित उपज110–120 क्विंटल/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
मटर
प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
70–80 दिन
अपेक्षित उपज
110–120 क्विंटल/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
आईसीएआर-आईआईवीआर, वाराणसी — 2006 में जारी, P 1542 × VT-2-1 के संकरण से वंशावली चयन

इस किस्म के बारे में

काशी नंदिनी एक जल्दी पकने वाली मटर किस्म है, जिसे आईसीएआर-आईआईवीआर, वाराणसी ने P 1542 × VT-2-1 के संकरण से वंशावली चयन द्वारा विकसित किया, 2006 में जारी। यह 47–51 सेमी ऊँची बढ़ती है, बुवाई के 32 दिन बाद पहला फूल आता है, व प्रति पौधा 7–8 फलियाँ देती है, प्रत्येक 8–9 सेमी लंबी व 8–9 बीजों से भरी, जिससे 47–48% छिलका-निकासी प्रतिशत व 110–120 क्विंटल/हेक्टेयर उपज मिलती है। यह जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, उत्तर प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, तमिलनाडु व केरल में खेती के लिए जारी व अधिसूचित हुई।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधि70–80 दिन
    उपज क्षमता110–120 क्विंटल/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधमध्यम
    मिट्टीदोमट
    सीज़नरबी

उपज व अवधि

पकने की अवधि

70–80 दिन

अपेक्षित उपज

110–120 क्विंटल/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • मध्यम

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

ध्यान रखने योग्य बातें

  • 2026-08-15 को सुधारा गया: आधिकारिक अधिसूचना 9 राज्यों को कवर करती है — जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, उत्तर प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, तमिलनाडु व केरल — states को पुराने एकल-राज्य (उत्तर प्रदेश) फ़ील्ड से इस पूर्ण 9-राज्य सूची में सुधारा गया।
  • 2026-08-15 को सुधारा गया: आईसीएआर-आईआईवीआर के अपने रिलीज़ आँकड़े 110–120 क्विंटल/हेक्टेयर देते हैं, जारी-संस्थान से सीधे प्राप्त एक ठोस संख्या — yieldPotential को पुरानी गुणात्मक "मध्यम–उच्च" रेटिंग से "110–120 क्विंटल/हेक्टेयर" में सुधारा गया।
  • स्रोत सामग्री इसे तना-सुरंगक व फली-छेदक के प्रति सहनशील बताती है, जो इस रिकॉर्ड की मौजूदा व्यापक "मध्यम" diseaseResistance फ़ील्ड से अधिक विशिष्ट कीट-प्रतिरोध विवरण है — यह विरोधाभास नहीं, विस्तार है, क्योंकि कीट-सहनशीलता व रोग-प्रतिरोध संबंधित पर अलग-अलग गुण हैं।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • Jammu & Kashmir
  • हिमाचल प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • पंजाब
  • उत्तर प्रदेश
  • झारखंड
  • कर्नाटक
  • तमिलनाडु
  • केरल

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

काशी नंदिनी को किसने और कब जारी किया?

आईसीएआर-आईआईवीआर, वाराणसी ने इसे 2006 में जारी किया, P 1542 × VT-2-1 के संकरण से वंशावली चयन द्वारा विकसित।

काशी नंदिनी किन राज्यों के लिए आधिकारिक रूप से अधिसूचित है?

नौ राज्य: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, उत्तर प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, तमिलनाडु व केरल — और इस रिकॉर्ड का states फ़ील्ड पूर्ण सूची दर्शाता है।

काशी नंदिनी कितनी जल्दी फूलना शुरू करती है?

बुवाई के मात्र 32 दिन बाद पहला फूल आता है — एक वास्तविक अगेती-पकने वाला गुण, जो उत्पादकों को तेज़ फ़सल-चक्र देता है।

काशी नंदिनी से कितनी उपज मिल सकती है?

आईसीएआर-आईआईवीआर के आँकड़े 110–120 क्विंटल/हेक्टेयर देते हैं, प्रति पौधा 7–8 फलियों व 47–48% छिलका-निकासी प्रतिशत के साथ — और इस रिकॉर्ड का yieldPotential फ़ील्ड यह आँकड़ा सीधे दर्शाता है।

क्या काशी नंदिनी किसी विशेष कीट के प्रति सहनशील है?

हाँ — इसे तना-सुरंगक व फली-छेदक के प्रति सहनशील बताया गया है, यह इस रिकॉर्ड की मौजूदा व्यापक "मध्यम" diseaseResistance फ़ील्ड से अधिक विशिष्ट कीट-विवरण है।