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आलूरबीरोपण सामग्रीअपडेट किया गया 15 अगस्त 2026

Kufri Bahar

सीपीआरआई शिमला से जारी — खाने और प्रसंस्करण दोनों के लिए उपयुक्त दोहरे-उद्देश्य वाली किस्म, कुफरी ज्योति के बाद उत्तरी मैदानों में सबसे ज़्यादा उगाई जाने वाली आलू किस्मों में से एक।

सीज़नरबी
पकने की अवधि90–100 दिन
अपेक्षित उपज300–350 क्विंटल/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
आलू
प्रकार
रोपण सामग्री
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
90–100 दिन
अपेक्षित उपज
300–350 क्विंटल/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
1980 में जारी · ICAR-CPRI, शिमला · संकरण कुफरी रेड × गिनेके

इस किस्म के बारे में

कुफरी बहार को 1980 में ICAR-केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (CPRI), शिमला ने कुफरी रेड × गिनेके के संकरण से जारी किया। यह अर्ध-सशक्त, इनपुट-अनुक्रियाशील मध्य-मौसम किस्म है जो गंगा के मैदानी क्षेत्र में सबसे ज़्यादा उगाई जाने वाली आलू किस्मों में से एक बन गई — इसके दोहरे-उद्देश्य वाले कंद खाने व प्रसंस्करण दोनों के लिए समान रूप से उपयुक्त हैं, और भंडारण में अच्छी टिकाऊ क्षमता के लिए भी जानी जाती है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकाररोपण सामग्री
    अवधि90–100 दिन
    उपज क्षमता300–350 क्विंटल/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधमध्यम पछेती झुलसा सहनशीलता
    मिट्टीदोमट
    सीज़नरबी

उपज व अवधि

पकने की अवधि

90–100 दिन

अपेक्षित उपज

300–350 क्विंटल/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • दोहरे-उद्देश्य वाले कंद — खाने व प्रसंस्करण दोनों के लिए अच्छे, अकेले-उद्देश्य वाली किस्मों के उलट
  • अर्ध-सशक्त, इनपुट-अनुक्रियाशील पौधा जो अच्छे प्रबंधन का बदला ठोस उपज से देता है
  • भंडारण में अच्छी टिकाऊ क्षमता व धीमी बीज-क्षरण दर

ध्यान रखने योग्य बातें

  • झुलसा से कोई अंतर्निहित सुरक्षा नहीं — अगेती व पछेती दोनों झुलसा के प्रति संवेदनशील, योजनाबद्ध छिड़काव ज़रूरी
  • इनपुट-अनुक्रियाशील होने का मतलब है कि प्रबंधन में कमी होने पर उपज कुफरी ज्योति जैसी कम-इनपुट किस्म से ज़्यादा गिरती है

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • उत्तर प्रदेश
  • पंजाब
  • बिहार
  • पश्चिम बंगाल

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कुफरी बहार को "दोहरे-उद्देश्य" वाला आलू क्या बनाता है?

इसके कंद खाने के ताज़े बाज़ार व प्रसंस्करण दोनों के लिए समान रूप से अच्छे काम करते हैं, उन किस्मों के उलट जो सिर्फ़ एक उपयोग के लिए बनी हैं — यही लचीलापन, साथ ही अच्छी भंडारण-टिकाऊ क्षमता, इसे गंगा के मैदानी क्षेत्र में व्यापक रूप से फैलने का कारण बनी।

स्रोत: KUFRI BAHAR variety profile — PotatoPro. संपादकीय नीति.