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आलूरबीरोपण सामग्रीअपडेट किया गया 12 अगस्त 2026

Kufri Jyoti

देश में सबसे ज़्यादा उगाई जाने वाली खाने की किस्म — जहाँ पहले आलू न उगाया हो, वहाँ के लिए सुरक्षित पहला विकल्प।

सीज़नरबी
पकने की अवधि90–100 दिन
अपेक्षित उपज250–300 क्विंटल/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
आलू
प्रकार
रोपण सामग्री
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
90–100 दिन
अपेक्षित उपज
250–300 क्विंटल/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
1968 में जारी · ICAR-CPRI, शिमला · संकरण 3069d(4) × 2814Q(1)

इस किस्म के बारे में

कुफरी ज्योति को 1968 में केंद्रीय किस्म विमोचन समिति ने जारी किया, इसे ICAR-केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (CPRI), शिमला ने 3069d(4) × 2814Q(1) के संकरण से विकसित किया। आधी सदी से ज़्यादा बीत जाने के बाद भी यह भारत की अकेली सबसे ज़्यादा उगाई जाने वाली आलू किस्म बनी हुई है, जो पहाड़ों, मैदानों व पठारों में अपनी व्यापक अनुकूलनशीलता, जल्दी कंद बनने और ज़्यादातर अन्य कुफरी किस्मों की तुलना में असामान्य रूप से धीमी बीज-क्षरण दर के लिए जानी जाती है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकाररोपण सामग्री
    अवधि90–100 दिन
    उपज क्षमता250–300 क्विंटल/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधमध्यम पछेती झुलसा सहनशीलता
    मिट्टीदोमट
    सीज़नरबी

उपज व अवधि

पकने की अवधि

90–100 दिन

अपेक्षित उपज

250–300 क्विंटल/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • किसी भी प्रमुख भारतीय आलू किस्म में सबसे व्यापक भौगोलिक अनुकूलनशीलता — पहाड़, मैदान व पठार सभी में उगती है
  • धीमी बीज-क्षरण दर, इसलिए खेत पर बचाया गया बीज ज़्यादातर कुफरी किस्मों से ज़्यादा पीढ़ियों तक उत्पादक बना रहता है
  • मोमी, हल्के स्वाद वाले कंद जो आसानी से पकते हैं और पकाने के बाद रंग नहीं बदलते — खाने व प्रसंस्करण दोनों के लिए अच्छे

ध्यान रखने योग्य बातें

  • कई नई कुफरी किस्मों से पुरानी रिलीज़, इसलिए इसका झुलसा-प्रतिरोध व उपज सीमा दोनों हाल की किस्मों से पीछे रह गए हैं
  • नम सर्दी में झुलसा के ख़िलाफ़ फफूंदनाशी कार्यक्रम अब भी ज़रूरी — "मध्यम" प्रतिरोध का मतलब पूर्ण सुरक्षा नहीं

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • उत्तर प्रदेश
  • पश्चिम बंगाल
  • बिहार
  • पंजाब

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कुफरी ज्योति अब भी इतनी व्यापक रूप से क्यों उगाई जाती है?

बहुत अलग-अलग उगाने वाले क्षेत्रों में इसकी व्यापक अनुकूलनशीलता और असामान्य रूप से धीमी बीज-क्षरण दर — किसान गुणवत्ता गिरने से पहले ज़्यादातर अन्य किस्मों से ज़्यादा समय तक खेत का बचाया बीज दोबारा बो सकते हैं।

क्या कुफरी ज्योति पछेती झुलसा के प्रति प्रतिरोधी है?

केवल मध्यम रूप से — यह पूरी तरह संवेदनशील किस्म से बेहतर टिकती है, पर नम, आर्द्र मौसम में बचाव फफूंदनाशी छिड़काव फिर भी ज़रूरी है।

स्रोत: KUFRI JYOTI variety profile — PotatoPro, ICAR-CPRI Kufri Potato Varieties — IndianPotato.com. संपादकीय नीति.