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उत्तर प्रदेशअनुदानसक्रियअपडेट 8 सितंबर 2026

खेत तालाब योजना

अपने ही खेत में वर्षा जल जमा करने वाला तालाब खोदने पर 50% अनुदान — छोटे तालाब पर लगभग ₹52,500, मध्यम पर लगभग ₹1,14,200 — जो खुदाई की प्रगति के साथ DBT से तीन किस्तों में आपके बैंक खाते में आता है।

संचालक: कृषि विभाग (भूमि एवं जल संरक्षण अनुभाग), उत्तर प्रदेश सरकार

अनुदान दर
अधिसूचित लागत का 50%
अनुदान राशि
~₹52,500 छोटा · ~₹1,14,200 मध्यम
भुगतान
DBT, काम के चरण अनुसार तीन किस्तें
कब से
2016–17, पहले बुन्देलखण्ड

परिचय

खेत तालाब सूखे के मौसम के ख़िलाफ़ एक सस्ता बचाव है: यह बरसात का बहता पानी रोक लेता है जो वरना बह जाता, और सीज़न में आगे एक-दो जान बचाने वाली सिंचाई के लिए बचा रहता है। सालों में, एक ब्लॉक भर में बने तालाब भूजल स्तर भी ऊपर उठाते हैं — इसीलिए योजना उन ब्लॉकों को चुनती है जो भूजल के लिहाज़ से "अतिदोहित" या "क्रिटिकल" श्रेणी में आते हैं।

योजना 2016–17 में बुन्देलखण्ड के लिए शुरू हुई और योगी आदित्यनाथ सरकार में इसे और व्यापक रूप से लागू किया गया। पहले फेज़ में बुन्देलखण्ड के सात ज़िलों — झाँसी, जालौन, ललितपुर, बाँदा, चित्रकूट, हमीरपुर और महोबा — के हर विकासखण्ड में ₹12.20 करोड़ से 2,000 तालाब बने। दूसरे फेज़ में इसे लगभग 73 ज़िलों के 167 चिन्हित अतिदोहित व क्रिटिकल ब्लॉकों तक बढ़ाया गया, ₹27.88 करोड़ से और 3,384 तालाब। यह राज्य द्वारा, RKVY के तहत केंद्र की मदद से चलती है।

दो अधिसूचित तालाब आकार हैं, दोनों 3 मीटर गहरे: छोटा तालाब 22×20×3 मी०, अनुमानित लागत ₹1,05,000, और मध्यम तालाब 35×30×3 मी०, ₹2,28,400। अनुदान इसी अधिसूचित लागत का सपाट 50% है — छोटे पर लगभग ₹52,500 और मध्यम पर लगभग ₹1,14,200 — और यह किसान के बैंक खाते में DBT से तीन किस्तों में आता है, काम कितना बढ़ा उससे जुड़ी, अंत में एकमुश्त नहीं। बाक़ी आधा और पूरी लागत शुरू में किसान को जुटानी होती है।

एक शर्त पर कई आवेदक अटक जाते हैं: विभाग के अपने रिकॉर्ड के अनुसार, आपके पास पहले से एक चालू सूक्ष्म सिंचाई सेट — ड्रिप या स्प्रिंकलर — होना चाहिए, जो पिछले सात साल में कृषि या उद्यान विभाग के ज़रिए लगा हो और अब भी चल रहा हो। तालाब उसी सिस्टम को पानी देने के लिए है। आवेदन पारदर्शी किसान सेवा पोर्टल (upagriculture.com) पर ऑनलाइन करें, "खेत तालाब" विकल्प चुनें, और ज़िला प्रशासन लाभार्थी सूची को मंज़ूरी देता है, जिसमें अनुसूचित जाति/जनजाति, अल्पसंख्यक और लघु/सीमांत किसानों को प्राथमिकता मिलती है। एक किसान एक ही तालाब के लिए पात्र है।

विभाग के भूमि संरक्षण अनुभाग के RTI आँकड़े (दिसंबर 2025 में OpIndia द्वारा प्रकाशित) योजना को शुरुआत से अब तक 37,403 तालाब और ₹311.43 करोड़ ख़र्च पर रखते हैं, सालाना सबसे ज़्यादा 6,306 तालाब 2022–23 में। बुन्देलखण्ड आज भी सबसे बड़ा हिस्सा लेता है — अकेले झाँसी में 6,200 से ज़्यादा तालाब हैं। कई किसान तैयार तालाब में मछली पालकर उसी गड्ढे से दूसरी आय भी लेते हैं।

आपको क्या मिलता है

लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।

  • तालाब की अधिसूचित लागत का आधा — 22×20×3 मी० छोटे तालाब पर लगभग ₹52,500, 35×30×3 मी० मध्यम पर लगभग ₹1,14,200।
  • जमा बरसाती पानी सूखे में एक-दो सुरक्षात्मक सिंचाई देता है, जब नहर या ट्यूबवेल का पानी कम पड़ता है।
  • एक ब्लॉक भर में फैले तालाब समय के साथ भूजल स्तर ऊपर उठाते हैं — इसीलिए क्रिटिकल ब्लॉक चुने गए।
  • तालाब में मछली पालकर उसी गड्ढे से दूसरी आय ली जा सकती है।
  • पैसा सीधे आपके बैंक में DBT से आता है, खुदाई सत्यापित होते-होते तीन चरणों में।

कौन पात्र है

राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।

आप पात्र हैं अगर

  • उस साल योजना में शामिल ज़िले और ब्लॉक में खेती योग्य ज़मीन वाला किसान (बुन्देलखण्ड और लगभग 73 ज़िलों के 167 चिन्हित अतिदोहित / क्रिटिकल भूजल ब्लॉक)
  • पारदर्शी किसान सेवा पोर्टल (upagriculture.com) पर "खेत तालाब" विकल्प के साथ पंजीकृत
  • पिछले सात साल में कृषि या उद्यान विभाग के ज़रिए लगा एक चालू ड्रिप या स्प्रिंकलर सेट पहले से हो
  • पहले खेत तालाब अनुदान न लिया हो — एक किसान, एक तालाब
  • ज़िला-अनुमोदित सूची में अनुसूचित जाति/जनजाति, अल्पसंख्यक और लघु/सीमांत किसानों को प्राथमिकता

शामिल नहीं

  • बिना चालू सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप या स्प्रिंकलर) सिस्टम वाले किसान
  • जिस किसान का इस या मिलती-जुलती योजना के तहत पहले ही तालाब बन चुका हो
  • उस साल के लिए अधिसूचित ज़िलों और ब्लॉकों के बाहर की ज़मीन

ज़रूरी दस्तावेज़

शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।

  • आधार कार्ड
  • भूमि रिकॉर्ड (खतौनी)
  • बैंक पासबुक (DBT के लिए)
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो
  • मौजूदा ड्रिप / स्प्रिंकलर लगे होने का प्रमाण (विभागीय कार्यादेश या बिल)

आवेदन कैसे करें

केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।

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    ऑनलाइन पंजीकरण और बुकिंग करें

    upagriculture.com (पारदर्शी किसान सेवा योजना) पर भूमि व बैंक विवरण के साथ पंजीकरण करें और "खेत तालाब" के तहत आवेदन करें, छोटा या मध्यम आकार चुनें। बुकिंग केवल ऑनलाइन है।

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    ज़िला मंज़ूरी

    ज़िला प्रशासन लाभार्थी सूची बनाकर मंज़ूर करता है, जिसमें अनुसूचित जाति/जनजाति, अल्पसंख्यक और लघु/सीमांत किसानों को प्राथमिकता मिलती है। आपको आपका स्वीकृत तालाब आकार और लागत मानक बताया जाता है।

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    मानक अनुसार खुदाई

    तालाब को अधिसूचित माप — 22×20×3 मी० या 35×30×3 मी० — और पूरी 3 मीटर गहराई तक बनाएँ। एक क्षेत्रीय अधिकारी चरणों में निरीक्षण करता है।

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    DBT से तीन किस्तें

    50% अनुदान आपके बैंक खाते में सत्यापित प्रगति से जुड़ी तीन किस्तों में जारी होता है, पूरा होने के बाद एकमुश्त नहीं।

अगर कुछ गड़बड़ हो

नाम सूची में न हो, या भुगतान अटका हो — विभाग ने ख़ुद जो रास्ता बताया है, वह यहाँ है।

  • बुकिंग लंबित रह जाए, लाभार्थी सूची में बिना कारण नाम न आए, या स्वीकृत किस्त खाते में न पहुँचे — तो पहले ब्लॉक के भूमि संरक्षण / कृषि कार्यालय और फिर ज़िला कृषि अधिकारी (भूमि संरक्षण) के पास बात रखें। अपना ऑनलाइन आवेदन नंबर और निरीक्षण रिपोर्ट संभालकर रखें।
  • विभाग से आगे, उत्तर प्रदेश की जनसुनवाई (IGRS) का इस्तेमाल करें — पोर्टल jansunwai.up.nic.in या जनसुनवाई-समाधान ऐप — या CM हेल्पलाइन 1076 (टोल-फ्री, 24×7)। दोनों CM कार्यालय के लोक शिकायत विभाग की एक ही व्यवस्था में जाते हैं; ट्रैक व दोबारा खोलने के लिए शिकायत नंबर संभालकर रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

असल में कितना पैसा मिलता है?

अधिसूचित लागत का 50% — छोटे 22×20×3 मी० तालाब पर लगभग ₹52,500 और मध्यम 35×30×3 मी० तालाब पर लगभग ₹1,14,200। बाक़ी आधा आप देते हैं, और पूरी लागत शुरू में जुटानी होती है क्योंकि अनुदान बाद में चरणों में आता है।

क्या अनुदान एकमुश्त मिलता है?

नहीं। यह आपके बैंक खाते में DBT से तीन किस्तों में आता है, खुदाई कितनी बढ़ी और निरीक्षण में पास हुई उससे जुड़ी।

क्या पहले से ड्रिप या स्प्रिंकलर सिस्टम ज़रूरी है?

हाँ। विभाग के अपने रिकॉर्ड के अनुसार, आपके पास एक चालू सूक्ष्म सिंचाई सेट — ड्रिप या स्प्रिंकलर — होना चाहिए, जो पिछले सात साल में कृषि या उद्यान विभाग के ज़रिए लगा हो और अब भी चल रहा हो। तालाब उसी को पानी देने के लिए है।

योजना किन ज़िलों में चल रही है?

यह बुन्देलखण्ड के सात ज़िलों — झाँसी, जालौन, ललितपुर, बाँदा, चित्रकूट, हमीरपुर और महोबा — में शुरू हुई और लगभग 73 ज़िलों के 167 "अतिदोहित" व "क्रिटिकल" भूजल ब्लॉकों तक बढ़ी। अपने ब्लॉक के लिए मौजूदा साल की सूची upagriculture.com पर देखें।

क्या तालाब में मछली पालन कर सकते हैं?

हाँ। पानी भर जाने पर कई किसान इसमें मछली पालकर दूसरी आय लेते हैं। योजना का घोषित मकसद जल भंडारण और सिंचाई है, पर मछली पर कोई रोक नहीं।

पहले तालाब खोदूँ या पहले आवेदन करूँ?

पहले आवेदन करके मंज़ूर सूची में आएँ। मंज़ूरी से पहले खुदाई करने पर तालाब अधिसूचित आकार और लागत मानक से मेल न खाने का जोखिम रहता है, और किस्तें सिर्फ़ सत्यापित, स्वीकृत काम के बदले जारी होती हैं।

क्या एक किसान को दो तालाब मिल सकते हैं?

नहीं। योजना के तहत एक किसान एक ही तालाब के लिए पात्र है।

तथ्य 8 सितंबर 2026 को upagriculture.com से जाँचे गए। संपादकीय नीति.