मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना
मीटर वाले कृषि पंप के बिजली बिल का 60% राज्य भरता है, हर माह ₹1,000 तक, सीधे डिस्कॉम बिल पर।
संचालक: ऊर्जा विभाग, राजस्थान सरकार (JVVNL, AVVNL व JdVVNL के ज़रिए)
- सब्सिडी
- बिल का 60%, हर माह ₹1,000 तक
- सालाना सीमा
- ₹12,000/वर्ष, बची सीमा आगे बढ़ती है
- कनेक्शन प्रकार
- सिर्फ़ मीटर वाला कृषि पंप
- लागू
- डिस्कॉम बिल पर कटौती
- शर्त
- पुराना बिजली बकाया चुकाना ज़रूरी
परिचय
राजस्थान ने यह योजना मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में जून 2021 में मंज़ूर की, ताकि ट्यूबवेल चलाने की बिजली लागत घटे। मीटर वाले कृषि कनेक्शन पर किसान को बिल राशि का 60% राज्य भरता है, अधिकतम ₹1,000 प्रति माह — साल में ₹12,000। जहाँ बिल छोटा हो, सब्सिडी उसे पूरा कवर कर देती है और किसान कुछ नहीं देता।
यह बैंक ट्रांसफ़र नहीं, बिल छूट है: राशि सीधे डिस्कॉम बिल से घटती है, जो खेत कनेक्शनों के लिए हर दो महीने में बनता है। महीने की ₹1,000 सीमा का जो हिस्सा आप इस्तेमाल नहीं करते, वह उसी वित्तीय वर्ष में आगे बढ़ जाता है, तो हल्का महीना भारी महीने की भरपाई कर सकता है।
पंजीकरण एक बार होता है — उपभोक्ता संख्या, आधार और बैंक खाता e-Mitra केंद्र या डिस्कॉम कार्यालय पर जोड़ें, फिर छूट हर बिल पर अपने आप दिखती है। एक शर्त अहम है: पुराना बिजली बकाया पहले चुकाना होगा। बकाया वाला कनेक्शन तब तक सब्सिडी नहीं पाता जब तक बकाया न चुके।
योजना सिर्फ़ मीटर वाले कृषि कनेक्शनों पर लागू है, अनमीटर्ड फ्लैट-रेट पर नहीं। यह 2021 से लगातार चल रही है — अगस्त 2022 तक करीब 12.7 लाख उपभोक्ता लगभग ₹1,324 करोड़ ले चुके थे, और राज्य इसके लिए हर साल करीब ₹1,450 करोड़ रखता है — और राजस्थान की दूसरी बिजली-राहत योजनाओं के साथ-साथ चलती है।
आपको क्या मिलता है
लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।
- खेत बिजली बिल का 60% राज्य भरता है, हर माह ₹1,000 तक।
- छोटा बिल पूरा कवर हो जाता है, तो उस चक्र में किसान शून्य देता है।
- महीने की बची सीमा उसी वित्तीय वर्ष में आगे बढ़ती है।
- एक बार पंजीकरण — फिर छूट हर बिल पर, हर महीने कागज़ी काम नहीं।
- छूट सीधे डिस्कॉम बिल पर, अलग बैंक दावे से नहीं।
कौन पात्र है
राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।
आप पात्र हैं अगर
- राजस्थान में मीटर टैरिफ़ पर कृषि पंप कनेक्शन रखने वाला किसान
- कनेक्शन किसान के अपने नाम पर और नियमित उपयोग में हो
- ग़ैर-सरकारी (निजी) कृषि उपभोक्ता
- कनेक्शन पर कोई बिजली बकाया न हो
- उपभोक्ता संख्या, आधार और बैंक खाता डिस्कॉम के पास योजना में जुड़े हों
शामिल नहीं
- अनमीटर्ड फ्लैट-रेट कृषि कनेक्शन
- व्यावसायिक, औद्योगिक या ग़ैर-कृषि कनेक्शन
- सरकारी / संस्थागत कृषि कनेक्शन
- बकाया वाला कनेक्शन, जब तक बकाया न चुके
ज़रूरी दस्तावेज़
शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।
- आधार कार्ड
- बिजली कनेक्शन / उपभोक्ता संख्या (K-नंबर)
- भूमि रिकॉर्ड जो कृषि उपयोग दिखाए
- बैंक पासबुक
आवेदन कैसे करें
केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।
- 1
कनेक्शन मीटर है यह पक्का करें
अपने डिस्कॉम (JVVNL, AVVNL या JdVVNL) से पुष्टि करें कि खेत पंप कनेक्शन मीटर कृषि टैरिफ़ पर बिल हो रहा है।
- 2
बकाया चुकाएँ और पंजीकरण करें
कोई भी लंबित बिल चुकाएँ, फिर उपभोक्ता संख्या, आधार और बैंक खाता e-Mitra केंद्र या डिस्कॉम कार्यालय पर जोड़ें।
- 3
छूट बिल पर दिखे
अगले द्विमासिक बिल से राशि का 60% (हर माह ₹1,000 तक) घटता है, बची सीमा साल में आगे बढ़ती है।
अगर कुछ गड़बड़ हो
नाम सूची में न हो, या भुगतान अटका हो — विभाग ने ख़ुद जो रास्ता बताया है, वह यहाँ है।
- पंजीकरण के बाद भी छूट बिल पर न दिखे, या राशि ग़लत लगे, तो अपने डिस्कॉम उप-मंडल के कनिष्ठ अभियंता और फिर सहायक / अधिशासी अभियंता के पास, और डिस्कॉम शिकायत लाइन 1912 पर बात रखें। बिल और पंजीकरण रसीद संभालकर रखें।
- हल न हो तो राजस्थान संपर्क का इस्तेमाल करें — CM हेल्पलाइन 181 (मुफ्त, 24×7), पोर्टल sampark.rajasthan.gov.in (ऑनलाइन दर्ज करने के लिए SSO आईडी), या कोई भी संपर्क केंद्र। ट्रैक करने के लिए शिकायत आईडी संभालकर रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या यह मुफ्त बिजली योजना जैसा ही है?
नहीं। यह मीटर बिल का 60% भरती है, हर माह ₹1,000 की सीमा में — असीमित मुफ्त बिजली नहीं। छोटा बिल छूट के बाद शून्य भी हो सकता है।
अगर मेरा कनेक्शन अनमीटर्ड है तो?
तो पात्र नहीं। यह योजना सिर्फ़ मीटर वाले कृषि कनेक्शनों के लिए है; अनमीटर्ड फ्लैट-रेट कनेक्शन इससे बाहर है।
मेरा बिजली बिल बकाया है। क्या फिर भी सब्सिडी मिलेगी?
बकाया चुकाने तक नहीं। छूट आपके बिल पर तभी दिखने लगती है जब पुराना बकाया चुक जाए।
क्या हर महीने आवेदन करना होगा?
नहीं। पंजीकरण एक बार होता है; उसके बाद छूट हर बिल पर अपने आप लगती है।
किसी महीने मेरा बिल ₹1,000 से कम था। क्या बाक़ी रकम चली जाती है?
नहीं। ₹1,000 महीने की सीमा का बचा हिस्सा उसी वित्तीय वर्ष में आगे बढ़ता है और भारी महीने की भरपाई कर सकता है।
सब्सिडी कैसे मिलती है — बैंक में या बिल पर?
बिल पर। डिस्कॉम इसे आपकी देय राशि से घटा देता है; यह अलग बैंक ट्रांसफ़र नहीं है।
तथ्य 8 सितंबर 2026 को energy.rajasthan.gov.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.
