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राजस्थानजीवन व दुर्घटना सुरक्षासक्रियअपडेट 7 सितंबर 2026

मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना

दुधारू और काम आने वाले पशुओं का मुफ़्त बीमा — गाय, भैंस या ऊँट पर ₹40,000 तक, बकरी-भेड़ पर ₹4,000 तक, किसान को कोई प्रीमियम नहीं देना।

संचालक: राज्य बीमा एवं भविष्य निधि विभाग, राजस्थान सरकार (नोडल: पशुपालन विभाग)

गाय / भैंस / ऊँट
₹40,000 तक कवर
बकरी / भेड़ (मादा)
₹4,000 तक कवर
प्रीमियम
100% राज्य सरकार देती है
शुरुआत
13 दिसंबर 2024

परिचय

दुधारू पशु की मौत किसान परिवार पर सबसे भारी आर्थिक चोट होती है — एक साथ संपत्ति और आगे की कमाई, दोनों चली जाती हैं। राजस्थान ने इसी जोखिम को कवर करने के लिए 13 दिसंबर 2024 को मंगला पशु बीमा योजना शुरू की, जिसमें पूरा प्रीमियम राज्य सरकार भरती है, यानी पशुपालक को बीमा कराने के लिए कुछ नहीं देना पड़ता।

योजना उन्हीं पशुओं का बीमा करती है जो ज़्यादातर परिवार पालते हैं — दुधारू गाय, दुधारू भैंस, मादा बकरी-भेड़ और ऊँट — मौत और स्थायी अपंगता पर। कवर पशु के प्रकार और एक परिवार कितने पशु बीमा करा सकता है, दोनों पर सीमित है, ताकि यह घर के काम आने वाले पशुओं की रक्षा करे, न कि बिना सीमा का भुगतान बने।

पंजीकरण हर साल पोर्टल या MMPBY ऐप पर तय अवधि में होता है — पहला दौर 13 दिसंबर 2024 से 12 जनवरी 2025 तक था (बाद में बढ़ाया गया)। पहले चरण में 21 लाख पशुओं का लक्ष्य रखा गया (करीब 5-5 लाख गाय, भैंस, भेड़ और बकरी, और 1 लाख ऊँट), और 2025-26 के राज्य बजट में लाभार्थियों की संख्या लगभग दोगुनी कर दी गई। चूँकि माँग लक्ष्य से कहीं ज़्यादा रहती है, असल में कवर होने वाले पशु वैध पंजीकरणों में से पारदर्शी लॉटरी से चुने जाते हैं।

जो परिवार अवधि चूक जाता है, उसे अगले दौर का इंतज़ार करना पड़ता है। एक बार पशु बीमित होने पर, उसकी मौत या स्थायी अपंगता का दावा बीमा कंपनी सत्यापन के करीब 21 कार्यदिवस के भीतर निपटाकर पशुपालक के पंजीकृत बैंक खाते में भेजती है।

आपको क्या मिलता है

लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।

  • मुफ़्त बीमा — पूरा प्रीमियम राज्य सरकार भरती है, किसान को नहीं।
  • दुधारू गाय, दुधारू भैंस या ऊँट की मौत या स्थायी अपंगता पर ₹40,000 तक कवर।
  • मादा बकरी या भेड़ पर ₹4,000 तक कवर।
  • एक परिवार के लिए सीमा: 2 दुधारू गाय, या 2 भैंस, या 1 गाय + 1 भैंस, साथ में 10 तक बकरी/भेड़ या 10 तक ऊँट — यानी बिना अलग से बीमा पॉलिसी लिए काम आने वाला पूरा झुंड सुरक्षित।
  • दावे बीमा कंपनी सत्यापन के करीब 21 कार्यदिवस के भीतर निपटाती है, और भुगतान पशु के पंजीकृत ईयर-टैग रिकॉर्ड के आधार पर होता है, सिर्फ़ काग़ज़ी दावे पर नहीं।

कौन पात्र है

राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।

आप पात्र हैं अगर

  • राजस्थान का स्थायी निवासी, वैध जन-आधार कार्ड धारक
  • राज्य में पात्र पशु — दुधारू गाय, दुधारू भैंस, मादा बकरी, मादा भेड़ या ऊँट — पालता हो
  • पशु पर ईयर टैग लगा हो और पंजीकरण के समय टैग नंबर दर्ज हो
  • योजना वर्ष की तय अवधि के भीतर पंजीकरण पूरा हो

शामिल नहीं

  • बिना ईयर टैग या अपंजीकृत टैग नंबर वाले पशु
  • परिवार की तय सीमा से ज़्यादा पशु
  • पंजीकरण अवधि बंद होने के बाद किया गया आवेदन

ज़रूरी दस्तावेज़

शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।

  • जन-आधार कार्ड
  • पशु का ईयर-टैग नंबर
  • पशुपालक के बैंक खाते का विवरण
  • OTP सत्यापन के लिए मोबाइल नंबर

आवेदन कैसे करें

केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।

  1. 1

    पंजीकरण अवधि में पंजीकरण करें

    जन-आधार और पशु के ईयर-टैग नंबर से mmpby.rajasthan.gov.in या MMPBY ऐप पर तय अवधि में पात्र पशु को पंजीकृत करें।

  2. 2

    लॉटरी चयन और ईयर-टैग जाँच

    पंजीकरण लक्ष्य से ज़्यादा होने पर कवर होने वाले पशु लॉटरी से चुने जाते हैं। फिर बीमा पक्का होने से पहले ईयर-टैग नंबर को पशु डेटाबेस से मिलाकर जाँचा जाता है।

  3. 3

    मौत या अपंगता पर दावा करें

    पशु की मौत या स्थायी अपंगता होने पर विभाग या बीमा कंपनी के पास दावा दर्ज करें; सत्यापन के बाद राशि पंजीकृत बैंक खाते में जमा होती है।

अगर कुछ गड़बड़ हो

नाम सूची में न हो, या भुगतान अटका हो — विभाग ने ख़ुद जो रास्ता बताया है, वह यहाँ है।

  • दावा ख़ारिज हो या 21 कार्यदिवस से ज़्यादा टले, या ईयर टैग ग़लत दर्ज हो, तो स्थानीय पशु चिकित्सा अधिकारी और ज़िले के संयुक्त निदेशक, पशुपालन के पास, और योजना हेल्पलाइन 1800-180-6268 पर बात रखें। पंजीकरण संख्या, ईयर-टैग नंबर और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट संभालकर रखें।
  • हल न हो तो राजस्थान संपर्क का इस्तेमाल करें — CM हेल्पलाइन 181 (मुफ्त, 24×7), पोर्टल sampark.rajasthan.gov.in (ऑनलाइन दर्ज करने के लिए SSO आईडी चाहिए), या ग्राम पंचायत, पंचायत समिति या ज़िला स्तर का कोई भी संपर्क केंद्र। ट्रैक करने के लिए शिकायत आईडी संभालकर रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या मुझे कोई प्रीमियम देना होगा?

नहीं। पूरा प्रीमियम राज्य सरकार भरती है — पशुपालक को पंजीकरण के लिए कुछ नहीं देना पड़ता।

मेरी बकरी पर ईयर टैग नहीं है, क्या फिर भी पंजीकरण हो सकता है?

नहीं। पंजीकरण के लिए दर्ज नंबर वाला ईयर टैग ज़रूरी है — बिना टैग वाले पशु का बीमा नहीं होता।

एक परिवार कितने पशुओं का बीमा करा सकता है?

2 दुधारू गाय, या 2 भैंस, या 1 गाय + 1 भैंस, साथ में 10 तक बकरी/भेड़ या 10 तक ऊँट — प्रति परिवार इतनी ही सीमा है।

मैंने पंजीकरण किया पर मेरा पशु कवर नहीं हुआ, क्यों?

पंजीकरण लक्ष्य से कहीं ज़्यादा होते हैं, इसलिए कवर होने वाले पशु लॉटरी से चुने जाते हैं। अगर आपका नहीं निकला, तो अगले दौर में फिर पंजीकरण करें।

दावे में कितना समय लगता है?

बीमा कंपनी वैध दावा सत्यापन के करीब 21 कार्यदिवस के भीतर निपटाकर पशुपालक के पंजीकृत बैंक खाते में भेजती है।

ईयर टैग गिर जाए तो?

पशु चिकित्सा अधिकारी को बताएँ और पशु को फिर से टैग कराकर नंबर रिकॉर्ड में अपडेट कराएँ। अगर शव पर लगा टैग पंजीकृत नंबर से मेल न खाए तो दावा अटक सकता है।

तथ्य 7 सितंबर 2026 को mmpby.rajasthan.gov.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.