Krishna
NDUAT, फ़ैज़ाबाद की एक किस्म, विशेष रूप से अगेती-पकने वाली। चिकनी त्वचा व स्पष्ट धारियों वाला मध्यम-से-बड़ा फल, मध्यम रेशा-सामग्री, व अच्छी सर्वांगीण खाने-प्रसंस्करण गुणवत्ता।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- आंवला
- प्रकार
- ग्राफ़्टेड पौधा (उन्नत किस्म)
- सीज़न
- सभी सीज़न
- पकने की अवधि
- ग्राफ़्टेड: ~2–3 साल से फलता; फल मध्य-अक्टूबर से मध्य-नवंबर पकता
- अपेक्षित उपज
- फल औसतन लगभग 45 ग्राम हर एक; एक परिपक्व पेड़ पर लगभग 120–125 किग्रा/पेड़
- उपयुक्त मिट्टी
- सभी मिट्टी
- जारी
- नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (NDUAT), फ़ैज़ाबाद द्वारा जारी
इस किस्म के बारे में
कृष्णा नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (NDUAT), फ़ैज़ाबाद द्वारा जारी एक आंवला किस्म है, सबसे अगेती-पकने वाली नामित आंवला किस्मों में से एक होने को उल्लेखनीय, फल मध्य-अक्टूबर से मध्य-नवंबर तैयार — NA-6, कंचन या चकैया जैसी मध्य-से-देर-सीज़न किस्मों से काफ़ी आगे। इसका फल मध्यम-से-बड़ा है, औसतन लगभग 45 ग्राम हर एक, चिकनी त्वचा व स्पष्ट धारियों व एक मध्यम रेशा-सामग्री के साथ जो ताज़ा खाना व सामान्य प्रसंस्करण दोनों को सूट करती। एक परिपक्व पेड़ आमतौर सालाना लगभग 120–125 किग्रा देता, कृष्णा को उन उगाने वालों को एक ठोस, सर्वांगीण अगेती-सीज़न चुनाव बनाता जो अपनी कटाई-खिड़की कई नामित किस्मों भर फैलाना चाहतें।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- दूरीएक मानक ग्राफ़्टेड बग़ीचे को 6 × 6 मी
उपज व अवधि
पकने की अवधि
ग्राफ़्टेड: ~2–3 साल से फलता; फल मध्य-अक्टूबर से मध्य-नवंबर पकता
अपेक्षित उपज
फल औसतन लगभग 45 ग्राम हर एक; एक परिपक्व पेड़ पर लगभग 120–125 किग्रा/पेड़
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- कोई विशेष प्रतिरोध व्यापक रूप से प्रलेखित नहीं
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- सबसे अगेती-पकने वाली नामित आंवला किस्मों में से एक, कटाई-खिड़की फैलाने को उपयोगी।
- मध्यम रेशे के साथ अच्छी सर्वांगीण खाने-प्रसंस्करण गुणवत्ता।
ध्यान रखने योग्य बातें
- इसकी अगेती कटाई-खिड़की का मतलब है कि मुख्य मध्य-से-देर-सीज़न किस्मों से पहले तुड़ाई-श्रम की व्यवस्था करनी होगी।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- उत्तर प्रदेश
