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बेर (इंडियन जुजुब)खरीफ़खुली-परागितअपडेट किया गया 7 सितंबर 2026

Umran

बड़े, लंबे-अंडाकार फल (लगभग 32.5 ग्राम), मोटे छिलके व लगभग 96% पल्प-प्राप्ति वाली एक बहुत भारी-उपज किस्म — आमतौर प्रति परिपक्व पेड़ 150–200 किग्रा फल पर उद्धृत।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधिवर्ष 2–3 से फल (कलमी/टॉप-वर्क)
अपेक्षित उपजबहुत ऊँची — आमतौर 150–200 किग्रा/पेड़
उपयुक्त मिट्टीबलुई / हल्की मिट्टी

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
वर्ष 2–3 से फल (कलमी/टॉप-वर्क)
अपेक्षित उपज
बहुत ऊँची — आमतौर 150–200 किग्रा/पेड़
उपयुक्त मिट्टी
बलुई / हल्की मिट्टी

इस किस्म के बारे में

उमरान को व्यापक रूप से भारत में उगाई जाने वाली सबसे ऊँची-उपज नामित व्यावसायिक बेर किस्म माना जाता, आमतौर प्रति परिपक्व पेड़ 150–200 किग्रा फल पर उद्धृत — फ़सल के सामान्य रेंज से काफ़ी ऊपर। इसका फल बड़ा व लंबा-अंडाकार है, प्रत्येक लगभग 32.5 ग्राम पर बताया गया, मोटे छिलके के साथ जो इसे अच्छी सँभाल व परिवहन-टिकाऊपन देता, और असामान्य रूप से ऊँची लगभग 96% पल्प-प्राप्ति, यानी फल के वज़न का बहुत कम हिस्सा गुठली या बर्बादी में जाता। सरासर उपज, फल-आकार व पल्प-दक्षता का यह संयोजन उमरान को उस किसान के लिए डिफ़ॉल्ट चुनाव बनाता जिसका मुख्य लक्ष्य एक व्यावसायिक बेर बाग़ से अधिकतम टनेज है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधिवर्ष 2–3 से फल (कलमी/टॉप-वर्क)
    उपज क्षमताबहुत ऊँची — आमतौर 150–200 किग्रा/पेड़
    रोग-प्रतिरोधअलग से दर्ज नहीं
    मिट्टीबलुई / हल्की मिट्टी
    सीज़नखरीफ़

उपज व अवधि

पकने की अवधि

वर्ष 2–3 से फल (कलमी/टॉप-वर्क)

अपेक्षित उपज

बहुत ऊँची — आमतौर 150–200 किग्रा/पेड़

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • अलग से दर्ज नहीं

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • नामित बेर किस्मों में सबसे ऊँची आमतौर उद्धृत प्रति-पेड़ उपज, 150–200 किग्रा/पेड़।
  • मोटा छिलका व लगभग 96% पल्प-प्राप्ति इसे कच्ची उपज के साथ-साथ मज़बूत सँभाल-टिकाऊपन व प्रसंस्करण-दक्षता देते।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • सबसे ऊँची-उपज किस्म होने के नाते, बाग़-प्रबंधन (पतलापन, पोषण) को सच में उस उपज-स्तर को सहारा देना चाहिए वरना फल-आकार व गुणवत्ता पर असर पड़ सकता।
  • मिठास व TSS प्रोफ़ाइल गुणवत्ता-मापदंड को ध्यान में रखकर विकसित थार-सीरीज़ रिलीज़ों जितना ख़ासतौर दर्ज नहीं।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • राजस्थान
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • उत्तर प्रदेश