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बेर (इंडियन जुजुब)खरीफ़खुली-परागितअंतिम अपडेट: 20 अक्टूबर 2026

Thar Bhubhraj

राजस्थान के भरतपुर ज़िले के भूसावर के स्थानीय बेर पेड़ों से छाँटी गई किस्म, जो बीकानेर के ICAR-CIAH की सूची में है। जल्दी पकने वाली, दिसंबर के आख़िरी हफ़्ते से जनवरी के पहले हफ़्ते तक तैयार, बहुत रसीला, मीठा फल, TSS 22 से 23%, और 6 साल पर लगभग 35 किग्रा प्रति पेड़।

सीज़नखरीफ़
फल कब सेकलम लगे पौधे में 2–3वें साल से फल आने लगते हैं
अपेक्षित उपज6 साल पर लगभग 35 किग्रा प्रति पेड़ (ICAR-CIAH)
उपयुक्त मिट्टीबलुई / हल्की मिट्टी

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
खरीफ़
फल कब से
कलम लगे पौधे में 2–3वें साल से फल आने लगते हैं
अपेक्षित उपज
6 साल पर लगभग 35 किग्रा प्रति पेड़ (ICAR-CIAH)
उपयुक्त मिट्टी
बलुई / हल्की मिट्टी
रोग-प्रतिरोध
रोगों का कोई आँकड़ा नहीं छपा
जारी
भरतपुर ज़िले के भूसावर की स्थानीय सामग्री से छाँटी गई; बीकानेर के ICAR-CIAH की सूची में। Indian Horticulture 54(1), 2009 में नई बेर के रूप में बताई गई; जारी होने का साल नहीं मिला

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।

इस किस्म के बारे में

Thar Bhubhraj बीकानेर के ICAR-CIAH में पहचानी गई बेर किस्म है। इसे राजस्थान के भरतपुर ज़िले के भूसावर के आसपास के स्थानीय बेर पेड़ों से छाँटा गया, क्रॉस से नहीं बनाया गया। CIAH इसे जल्दी पकने वाली किस्म कहता है, जिसकी रोपाई के 6 साल पर औसत उपज क्षमता 35 किग्रा प्रति पेड़ है। फल दिसंबर के आख़िरी हफ़्ते से जनवरी के पहले हफ़्ते तक तैयार हो जाते हैं, और बारी-बारी की तुड़ाई जनवरी के तीसरे हफ़्ते तक चल सकती है। फल बहुत रसीला और मीठा है, TSS 22 से 23%। इसका फल का वज़न या जारी होने का साल हमें नहीं मिला। इसकी मिठास ही इसे उगाने की वजह है, इसलिए प्रीमियम बेर की तरह बेचने से पहले अपना फल जाँचिए।

क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?

जल्दी का ताज़ा बेर स्वाद के दम पर बेचते हैं तो Thar Bhubhraj चुनिए। ICAR-CIAH बीकानेर इसे राजस्थान के भरतपुर ज़िले के भूसावर की स्थानीय सामग्री से छाँटी गई किस्म बताता है। यह किस्म दिसंबर के आख़िरी हफ़्ते से जनवरी के पहले हफ़्ते तक तैयार होती है। फल बहुत रसीला और मीठा है, TSS 22 से 23% है, और 6 साल पर 35 किग्रा प्रति पेड़ मिलता है। यह मिठास Bawal के ट्रायल के Gola (19.4%) और Umran (17.0%) से ऊपर है, हालाँकि जगह और तरीक़े अलग थे। ज़्यादा टन के लिए इसे मत चुनिए, क्योंकि Bawal में Kaithli ने 119.9 किग्रा दिया। फल का वज़न या जारी होने का साल नहीं छपा है।

बुवाई और खेती

फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • जल्दी: दिसंबर के आख़िरी हफ़्ते से जनवरी के पहले हफ़्ते तक तैयार, तुड़ाई जनवरी के तीसरे हफ़्ते तक चल सकती है (ICAR-CIAH)।
  • बहुत रसीला, मीठा फल, TSS 22 से 23% (ICAR-CIAH)।
  • राजस्थान के सूखे हालात में पहले से उग रहे स्थानीय पेड़ों से छाँटी गई।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • 6 साल पर 35 किग्रा प्रति पेड़ Bawal में Kaithli के 119.9 और 88.3 किग्रा की तुलना में छोटी फसल है।
  • फल का वज़न या जारी होने का साल नहीं मिला, और मिठास का आँकड़ा आपकी ज़मीन पर साबित नहीं है।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।

  • राजस्थान

प्रीमियम बेर का भाव रखने से पहले मिठास जाँचिए

Thar Bhubhraj की ख़ूबी मिठास है: ICAR-CIAH TSS 22 से 23% बताता है। TSS का मतलब है कुल घुलनशील ठोस, यानी फल के रस का घुला हुआ हिस्सा, ज़्यादातर चीनी। इसे हाथ के रिफ्रैक्टोमीटर से पढ़ा जाता है, रोशनी की ओर पकड़ी जाने वाली छोटी नली, और यह डिग्री Brix में दिखता है।

बेर में चीनी जगह, साल और तुड़ाई के समय फल कितना पका है, इससे बदलती है। CIAH की अपनी 2021 की रिपोर्ट Thar Sevika को तीन पकाव पर 21.2 से 23.25 Brix पर दिखाती है। दूसरी किस्मों के जो आँकड़े हमारे पास हैं (Bawal में Umran और Gola के 17.0% से 19.4%, Jodhpur में Seb का 16.8 Brix) वे सब अलग जगहों के हैं। इसलिए Thar Bhubhraj का 22 से 23% आपकी ज़मीन पर उनसे आगे निकलेगा, यह साबित नहीं है। इसे वह स्तर मानिए जहाँ किस्म पहुँच सकती है, वादा नहीं।

इसलिए ज़्यादा भाव माँगने से पहले जाँचिए। पहले फल वाले मौसम में एक ही पेड़ से तीन पकाव पर फल तोड़िए, हर एक का Brix नापिए और चखिए। नमूने कुछ ख़रीदारों के पास ले जाइए और पूछिए कि वे क्या देंगे। आपका अपना फल 22% या उसके पास निकले तभी उसे मीठे, प्रीमियम बेर की तरह बेचिए। नहीं तो प्रति पेड़ 35 किग्रा अकेले लागत नहीं उठा पाएगा।

रोपाई सामग्री कहाँ से आती है

यह मूलवृंत पर चढ़ाई गई (बडिंग से बनी) किस्म है, बीज से उगाई गई नहीं। इसके फल के बीज से यही किस्म नहीं उगती, इसलिए इसका बीज रखा नहीं जा सकता। पौधे पंजीकृत नर्सरी या सरकारी फ़ार्म से ख़रीदिए, तभी पौधा सही किस्म का और रोग-मुक्त मिलेगा।

दूसरी किस्मों से तुलना

बेर (इंडियन जुजुब) की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।

किस्मकिसके लिए ठीकफल कब सेउपजराज्य
Banarasi Karakaपूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मैदानों के उन किसानों के लिए जो बड़े फल का बेर चाहते हैं और पास में दूसरी किस्म भी लगाएँगेकलम लगे पौधे में 2–3वें साल से फल आने लगते हैंतीन ट्रायल में 25.5 से 130 किग्रा प्रति पेड़ (कानपुर, पश्चिम बंगाल, हरियाणा)उत्तर प्रदेश
Golaराजस्थान, हरियाणा और पंजाब के उन किसानों के लिए जो जल्दी पकने वाला मीठा बेर चाहते हैं और Kaithli से कम उपज सह सकते हैंकलम लगे पौधे में 2–3वें साल से फल आने लगते हैंसूखी ज़मीन के ट्रायल में लगभग 41 से 69 किग्रा प्रति पेड़राजस्थान, हरियाणा, पंजाब
Kaithliराजस्थान और मध्य प्रदेश की सूखी, बारानी रेतीली ज़मीन के उन किसानों के लिए जो पेड़ से ज़्यादा से ज़्यादा फल लेना चाहते हैंकलम लगे पौधे में 2–3वें साल से फल आने लगते हैंसूखी ज़मीन के ट्रायल में लगभग 41 से 120 किग्रा प्रति पेड़राजस्थान, मध्य प्रदेश
Seb (Apple Ber)उन किसानों के लिए जो ताज़े फल के ख़रीदारों को बेचते हैं, जो गोल, सेब जैसे बेर के पैसे देते हैं, और जल्दी की फसल चाहते हैंकलम लगे पौधे में 2–3वें साल से फल आने लगते हैंअच्छी; बड़े फल के लिए कद्र की जाती हैराजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश
Thar Bhubhrajयही पेजराजस्थान के सूखे इलाक़े के उन किसानों के लिए जो जल्दी का, बहुत मीठा ताज़ा बेर बेचते हैं और मध्यम उपज सह लेते हैंकलम लगे पौधे में 2–3वें साल से फल आने लगते हैं6 साल पर लगभग 35 किग्रा प्रति पेड़ (ICAR-CIAH)राजस्थान
Thar Maltiसूखे इलाक़े के उन किसानों के लिए जो ताज़ा बिक्री या प्रोसेसिंग के लिए ज़्यादा फल देने वाली देर की बेर चाहते हैं। और जो पहले कुछ पेड़ों पर उसका पाला सहना परख लेंगेदेर से पकने वाली: फल लगने के 145–150 दिन बाद पकता है (ICAR-CIAH)65–70 किग्रा प्रति पौधा (ICAR-CIAH; पौधे की उम्र नहीं बताई)राजस्थान
Thar Sevikaराजस्थान के सूखे इलाक़े के उन किसानों के लिए जो बेर की जल्दी की फसल चाहते हैं और प्रति पेड़ मध्यम उपज से संतुष्ट हैंकलम लगे पौधे में 2–3वें साल से फल आने लगते हैं; जल्दी पकने वाली किस्म6 साल पर लगभग 34 किग्रा प्रति पेड़ (ICAR-CIAH)राजस्थान
Umranउन किसानों के लिए जो पेड़ों को सिंचाई और खाद दे सकते हैं और देर की फसल के लिए बड़ा, गूदेदार फल चाहते हैंकलम लगे पौधे में 2–3वें साल से फल आने लगते हैंअक्सर 150 से 200 किग्रा प्रति पेड़ बताया जाता है; ट्रायल में 37 से 48 किग्रा आयाराजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश

इस फ़सल के कैलकुलेटर

आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और बेर (इंडियन जुजुब) का भाव क्या चल रहा है।

सब्सिडी और सरकारी मदद

बेर (इंडियन जुजुब) के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Thar Bhubhraj कहाँ से आया है?

ICAR-CIAH बीकानेर इसे राजस्थान के भरतपुर ज़िले के भूसावर इलाक़े में मिली स्थानीय सामग्री से छाँटी गई किस्म बताता है। यानी यह मौजूद पेड़ों में से चुना गया, Thar Sevika की तरह क्रॉस से नहीं बना। संस्थान CIAH बीकानेर (केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान) है, CAZRI नहीं, जो जोधपुर में है। जारी होने का साल हमें नहीं मिला।

दूसरे बेर के मुक़ाबले Thar Bhubhraj कितना मीठा है?

CIAH 22 से 23% TSS बताता है। हमारे पास बाक़ी आँकड़े हैं: Gola 19.4% और 17.6%, Umran 17.0% और 16.8% (Bawal, हरियाणा), और Seb 16.8 Brix (Jodhpur)। हर आँकड़ा अलग जगह, साल और पेड़ की उम्र का है, इसलिए यह अंतर संकेत है, नापी हुई जीत नहीं। मिठास से आपका भाव तय होना है तो अपने फल को हाथ के रिफ्रैक्टोमीटर से ख़ुद नापिए।

Thar Bhubhraj का एक पेड़ कितना फल देता है?

CIAH रोपाई के 6 साल पर औसत उपज क्षमता 35 किग्रा प्रति पेड़ बताता है। तुलना के लिए TNAU सामान्य बेर के लिए साल में 70 से 80 किग्रा प्रति पेड़ बताता है, और Bawal में Kaithli ने 119.9 किग्रा और 88.3 किग्रा दिया। इसलिए छोटी फसल की उम्मीद रखिए और भाव गुणवत्ता पर तय कीजिए। पूरा ब्लॉक लगाने से पहले बराबरी का हिसाब निकाल लीजिए।

Thar Bhubhraj जल्दी पकता है या देर से?

जल्दी। CIAH कहता है कि फल दिसंबर के आख़िरी हफ़्ते से जनवरी के पहले हफ़्ते तक तैयार होते हैं, और बारी-बारी की तुड़ाई जनवरी के तीसरे हफ़्ते तक चल सकती है। यह हरियाणा के Bawal में Gola के 2 फरवरी वाले आरंभ से लगभग 5 हफ़्ते पहले है, हालाँकि जगहें अलग हैं। Thar Sevika भी जल्दी की है, पर CIAH उसकी तारीख़ें नहीं देता। किसी ख़रीदार को जल्दी के फल का वादा करने से पहले तीन मौसम तक अपनी तारीख़ें दर्ज कीजिए।

Thar Bhubhraj के पौधे कहाँ मिलेंगे?

पहले ICAR-CIAH बीकानेर या अपने KVK से पूछिए। CIAH की वेबसाइट पर बीज और पौधों का पन्ना है जिसमें बिक्री की सूचनाएँ और दर-सूचियाँ हैं, इसलिए वहीं पूछिए कि Thar Bhubhraj के पौधे उपलब्ध हैं या नहीं। कलमी पौधे ख़रीदिए और बिल पर किस्म का नाम लिखवाइए। TNAU की सामान्य बेर सलाह है कि जुलाई-अगस्त में, 7 x 7 मी पर, 60 x 60 x 60 सेमी के गड्ढों में रोपाई करें।

स्रोत: ICAR-CIAH Bikaner — varieties identified at institute level (ber), Ber (Ziziphus mauritiana) — TNAU Agritech Portal, Horticulture, Saini et al., Performance of selected ber cultivars under rainfed conditions, Annals of Arid Zone 33(4), 1994, ICAR-CIAH Annual Report 2021 (ber varieties, training systems and fruit maturity stages). संपादकीय नीति.