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मध्यमअपडेट 9 अक्टूबर 2026

गुलाब

Rosa spp. (incl. Rosa × hybrida, R. indica, R. damascena)

भारत की सबसे मूल्यवान फूल फ़सल और सबसे चौड़े बाज़ारों के समूह वाली — वही झाड़ी रोज़मर्रा के ढीला-फूल कारोबार (माला, पूजा, सजावट), प्रीमियम कटे-फूल व गुलदस्ता कारोबार, और गुलाब-तेल, गुलकंद व गुलाब-जल उद्योग को खिला सकती। एक बारहमासी रोपाई जो आठ-दस साल फलती, यह दो फ़ैसलों पर टिकती जिन्हें ज़्यादातर शुरुआती ग़लत करते: एक कठोर रूटस्टॉक पर सही प्रकार का एक कलमी (बडेड) पौधा, और एक वार्षिक छँटाई ऐसी समयबद्ध कि बड़ी फूलन एक त्योहार, शादी या वैलेंटाइन खिड़की में पड़े।

A deep-red rose in full bloom with unopened buds and the characteristic serrated compound leaves on a rose bush

त्वरित सारांश

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त्वरित सारांश

गुलाब (Rosa प्रजातियाँ) भारत में सबसे ऊँचे-मूल्य व सबसे व्यापक रूप से उगाई व्यावसायिक फूल फ़सल है, स्थिर साल भर माँग और तेज़ त्योहार, शादी व वैलेंटाइन-डे भाव-उछाल से ढोई। इसे तीन काफ़ी अलग बाज़ारों को उगाया जाता: माला, मंदिर-अर्पण व सजावट को सुगंधित ढीले फूल (सबसे बड़ा आयतन, दक्षिण में व मैदानों भर बड़े हद खुले खेत में उगाए); गुलदस्ते व निर्यात को लंबे सीधे डंठल वाले प्रीमियम कटे फूल, बेंगलुरु पट्टी व पहाड़ियों में पॉलीहाउस व शेड-नेट के तहत उगाए; और हिमाचल प्रदेश, कन्नौज (उत्तर प्रदेश) व कश्मीर में गुलाब-तेल, इत्र, गुलाब-जल व गुलकंद को सुगंधित डमास्क गुलाब।

एक गुलाब रोपाई एक बारहमासी है जो लगभग आठ-दस साल फलती, इसलिए आप जो पौधा लगाते वह एक दशक को मायने रखता। ज़्यादातर व्यावसायिक गुलाब कलमी (बडेड) होते — चुनी किस्म की एक कलम एक कठोर रूटस्टॉक पर चढ़ाई (एडवर्ड गुलाब / Rosa indica भारत के ज़्यादातर हिस्से में आम रूटस्टॉक है) — जो एक कमज़ोर अपनी-जड़ कलम से कहीं बेहतर एक ओजस्वी, लंबे-जीवी, रोग-सहनशील पौधा देता। डमास्क तेल-गुलाब आमतौर स्थानीय किस्म की कलमों या सकर से उगाए जाते।

जो एक क्रिया एक गुलाब फ़सल का मुनाफ़ा तय करती वह छँटाई है। एक वार्षिक (मैदानों में, अक्टूबर) कड़ी या मध्यम छँटाई पुरानी लकड़ी हटाती और एक मज़बूत नई फूलन मजबूर करती जो लगभग छह-आठ हफ़्ते बाद फूलती — तो छँटाई उस खिड़की से पीछे की ओर समयबद्ध होती जिसे उत्पादक लक्ष्य करता (दशहरा–दिवाली, शादी-सीज़न, या कटे गुलाबों को वैलेंटाइन डे)। छँटाई से परे, गुलाब एक धूपदार, बहुत अच्छी जल-निकासी वाला, उपजाऊ प्लॉट, एक स्थिर संतुलित खाद, साफ़ पानी जो पत्तों को कभी गीला न करे, और अपनी तीन परिभाषित समस्याओं पर नज़र चाहता — पत्तों पर काला धब्बा व चूर्णिल आसिता, और ख़राब छँटी या कमज़ोर लकड़ी पर शीर्ष-क्षय (डाईबैक)।

गुलाब गेंदे से ज़्यादा माँगदार व ज़्यादा पूँजी-भारी है — कलमी पौधे, एक लंबी स्थापना, रोग-दबाव व (कटे फूलों को) एक पॉलीहाउस — पर यह कहीं ज़्यादा भी कमाता, और ढीला-फूल फ़सल APMC बाज़ारों पर एक भाव-निर्धारित वस्तु के रूप में सच में कारोबार होती। एक अच्छे कलमी पौधे, समयबद्ध छँटाई व स्थिर रोग-नियंत्रण के साथ उगाया, यह वह फूल फ़सल है जो कौशल को सबसे ज़्यादा इनाम देती और जिसके बाज़ारों का समूह सबसे गहरा, सबसे विविध है।

फसल प्रकार
बारहमासी फूल झाड़ी (ढीला फूल, कटा फूल व तेल), कलमी
सीज़न
साल भर फूलन; छँटाई फूलन समयबद्ध करती (मैदान: अक्टूबर)
उपयुक्त राज्य
कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश
फलन जीवन
एक रोपाई से ~8–10 साल
जल आवश्यकता
मध्यम; स्थिर नमी, उत्कृष्ट जल-निकासी, पत्ते गीले नहीं
तापमान
हल्का, ~15–28°C सबसे अच्छा; ठंडे मौसम में बड़े अच्छे-रंग फूल
मिट्टी
उपजाऊ, बहुत अच्छी जल-निकासी बलुई दोमट से दोमट, जैविक-समृद्ध, pH ~6–7.5
कठिनाई स्तर
मध्यम — छँटाई समय, कलमी पौधा व रोग-नियंत्रण मुनाफ़ा तय करते
अपेक्षित उपज
ढीले फूल ऊँचा आयतन; कटे गुलाब पॉलीहाउस में ~100–150 डंठल/वर्ग मी/साल
मुख्य जोखिम
ग़लत छँटाई समय, जलभराव/कमज़ोर पौधा, काला धब्बा व चूर्णिल आसिता

परिचय

गुलाब (Rosa प्रजातियाँ व हाइब्रिड) भारत में सबसे मूल्यवान व सबसे व्यापक रूप से उगाई व्यावसायिक फूल फ़सल है, स्थिर साल भर माँग और तेज़ त्योहार, शादी व वैलेंटाइन-डे भाव-उछाल को क़ीमती। यह एक साथ तीन अलग बाज़ार खिलाने में असामान्य है: सुगंधित ढीले फूल (माला, पूजा, सजावट), लंबे-डंठल प्रीमियम कटे फूल (गुलदस्ते, निर्यात), और तेल, इत्र, गुलाब-जल व गुलकंद को सुगंधित डमास्क गुलाब।

इसे देश भर उगाया जाता — कर्नाटक (अग्रणी कट-गुलाब उत्पादक, बेंगलुरु के आसपास), तमिलनाडु, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान व पहाड़ियाँ — एक खुले-खेत ढीला-फूल फ़सल के रूप में, कटे फूलों को पॉलीहाउस/शेड-नेट के तहत, और हिमाचल प्रदेश, कन्नौज व कश्मीर में एक डमास्क तेल-फ़सल के रूप में। ढीला गुलाब APMC बाज़ारों पर एक भाव-निर्धारित वस्तु के रूप में सच में कारोबार होता।

एक गुलाब रोपाई एक बारहमासी है जो आठ-दस साल फलती, इसलिए यह पौधे व छँटाई पर टिकती। ज़्यादातर व्यावसायिक गुलाब एक ओजस्वी, लंबे-जीवी पौधे को एक कठोर रूटस्टॉक (एडवर्ड गुलाब / Rosa indica) पर कलमी किए जाते, और एक वार्षिक छँटाई ऐसी समयबद्ध कि बड़ी फूलन एक ऊँची-माँग खिड़की में पड़े। इसके परिभाषित जोखिम काला धब्बा, चूर्णिल आसिता व शीर्ष-क्षय हैं — सब एक अच्छी-उगाई, अच्छी जल-निकासी, खुली रोपाई पर प्रबंधनीय।

फसल की समयरेखा, बुवाई से कटाई तक

पूरे सीज़न की एक झलक — हर अवस्था की पूरी जानकारी के लिए नीचे संबंधित सेक्शन पर जाएँ।

  1. वर्ष 0

    कलमी पौधे लगाना

    कलमी पौधे (एक कठोर रूटस्टॉक पर कलम किस्म) ठंडे सीज़न में एक अच्छी जल-निकासी, खाद वाले, धूपदार प्लॉट में चुनी दूरी पर लगाए जाते, और पहले कुछ महीनों भर स्थापित होते।

  2. महीने 3–6

    स्थापना व ढाँचा

    युवा पौधा अपना मुख्य शाखाओं का ढाँचा बनाता; हल्की सिरा-छँटाई व सधाई इसे आकार देतीं, और पहले फूल दूसरे सीज़न से तोड़े जा सकते।

  3. वार्षिक · छँटाई

    छँटाई (मैदान: अक्टूबर)

    सबसे अहम क्रिया — एक वार्षिक कड़ी या मध्यम छँटाई पुरानी, कमज़ोर व क्रॉस करती लकड़ी हटाती और एक मज़बूत नई फूलन मजबूर करती, उस त्योहार/शादी/वैलेंटाइन खिड़की से पीछे की ओर समयबद्ध जिसे उत्पादक पाना चाहता।

  4. छँटाई के ~6–8 हफ़्ते बाद

    फूलन व फूलना

    छँटी झाड़ी एक मज़बूत नई फूलन फेंकती जो लगभग छह-आठ हफ़्ते बाद फूलती; इस अवधि भर एक संतुलित खाद व स्थिर नमी फूल-संख्या व आकार बनाते।

  5. फूलन सीज़न

    बार-बार तुड़ाई

    फूल ठंडी सुबह तोड़े जाते — ढीले फूल पूरे खिले, कटे फूल कसी-कली "पेंट-ब्रश" अवस्था पर — फूलन भर बार-बार, जो अच्छे प्रबंधन से साल का ज़्यादातर भाग फैलाई जा सकती।

  6. वर्ष 2–10

    उत्पादक फलन जीवन

    रोपाई वार्षिक छँटाई, खाद व रोग-नियंत्रण के साथ लगभग आठ-दस साल फलती, जिसके बाद ओज घटता व झाड़ी बदली जाती।

उपयुक्त राज्य

जिन राज्यों में यह फसल बड़े पैमाने पर उगाई जाती है, वे नीचे हाइलाइट हैं। आपके खेत के लिए अंतिम सलाह हमेशा आपका नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र ही देगा।

  • जम्मू और कश्मीर
  • हिमाचल प्रदेश
  • पंजाब
  • उत्तराखंड
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • उत्तर प्रदेश
  • राजस्थान
  • बिहार
  • झारखंड
  • पश्चिम बंगाल
  • सिक्किम
  • असम
  • अरुणाचल प्रदेश
  • मेघालय
  • नागालैंड
  • मणिपुर
  • मिज़ोरम
  • त्रिपुरा
  • गुजरात
  • मध्य प्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • महाराष्ट्र
  • ओडिशा
  • गोवा
  • तेलंगाना
  • आंध्र प्रदेश
  • कर्नाटक
  • केरल
  • तमिलनाडु
  • पुदुचेरी
  • लद्दाख
  • चंडीगढ़
  • लक्षद्वीप
  • अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह
  • दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव

यहाँ उगाई जाती है

जलवायु की ज़रूरतें

फ़सल मौसम जितनी ही छँटाई-कैलेंडर से तय होती: छँटाई ऐसी करें कि फूलन एक ऑफ़-पीक अधिशेष के बजाय एक त्योहार, शादी या वैलेंटाइन खिड़की में फूले, और रोपाई खुली व सूखे-पत्ते रखें काला धब्बा व आसिता दबाने को।

  • आदर्श तापमान

    एक हल्के-मौसम की फ़सल जो लगभग 15–28°C पर सबसे अच्छा फूलती, ठंडे मौसम में सबसे बड़े, सबसे अच्छे-रंग, सबसे सुगंधित फूल देती (यही वजह है कि सर्दी फ़सल व वैलेंटाइन कट-फूल फ़सल सबसे अहम हैं)। बहुत ऊँची गरमी फूलन छोटा करती, रंग फीका करती व आकार घटाती; कड़ा पाला सबसे ठंडे इलाक़ों में कोमल बढ़वार नुक़सानता।

  • वर्षा

    सिंचाई पर उगाई; इसे स्थिर नमी चाहिए पर उत्कृष्ट जल-निकासी, और भारी लगातार बारिश नापसंद करती जो मिट्टी-जनित रोग पौधों पर छींटती व काला धब्बा व शीर्ष-क्षय बढ़ाती। बरसात एक खुली गुलाब फ़सल पर सबसे कठिन है।

  • नमी

    मध्यम नमी ठीक, पर लंबा गीला, नम, स्थिर मौसम ठीक वही है जो काला धब्बा व चूर्णिल आसिता चलाता — हवा-आवाजाही, दूरी व सूखे पत्ते ख़ूब मायने रखते।

  • धूप

    एक पूर्ण-धूप फ़सल — कम-से-कम पाँच-छह घंटे सीधी धूप सबसे ज़्यादा फूल व सबसे अच्छा रंग व सुगंध देती। छायादार या भीड़े पौधे पत्तेदार बढ़ते, ख़राब फूलते व रोग थामते।

मिट्टी की ज़रूरतें

भरपूर जैविक पदार्थ वाला एक गहरा, उपजाऊ, बहुत अच्छी जल-निकासी, धूपदार प्लॉट आदर्श है; भारी या गीली ज़मीन पर, उठी क्यारियाँ व एक कठोर रूटस्टॉक एक दशक फलने वाली रोपाई और दो-तीन साल में शीर्ष-क्षय से मरने वाली के बीच का फ़र्क़ हैं।

  • उपयुक्त मिट्टी

    मिट्टियों की श्रृंखला पर उगती पर जैविक पदार्थ-समृद्ध एक उपजाऊ, गहरी, बहुत अच्छी जल-निकासी बलुई दोमट से दोमट पर सबसे अच्छा करती। भारी, जलभराव-प्रवण चिकनी मिट्टी जड़ व कॉलर सड़न व शीर्ष-क्षय कराती और एक छोटे-जीवी, अस्वस्थ रोपाई का सबसे आम कारण है; बहुत ग़रीब बलुई मिट्टी को भारी खाद चाहिए।

  • pH स्तर

    एक थोड़ी अम्लीय से उदासीन मिट्टी पसंद करती, लगभग pH 6–7.5; दृढ़ क्षारीय मिट्टियाँ लोहा-हरिमाहीनता (युवा पत्तों का पीलापन) कराती।

  • जल निकासी

    उत्कृष्ट जल-निकासी ज़रूरी है — गुलाब जलभराव नहीं झेलेगा, और जड़ों के आसपास खड़ा पानी एक दशक चलने वाली एक बारहमासी रोपाई पर जल्दी जड़ सड़न व शीर्ष-क्षय कराता। भारी ज़मीन पर, उठी क्यारियों या मेड़ों पर लगाएँ।

  • जैविक तत्व

    गड्ढे में मिलाई व हर साल टॉप-ड्रेस की उदार अच्छी सड़ी गोबर खाद या कम्पोस्ट को दृढ़ प्रतिक्रिया; अच्छी जैविक पदार्थ एक ओजस्वी, लंबे-जीवी, मुक्त-फूलने वाली झाड़ी को केंद्रीय है।

खेत की तैयारी

क्षेत्र चाहे जो हो, चार कदम वही रहते हैं — बस समय बुवाई के अनुसार बदलता है।

  1. 1

    एक गहरा, अच्छी जल-निकासी, खाद वाला प्लॉट तैयार करें

    गहरा जोतें व उदार अच्छी सड़ी FYM या कम्पोस्ट मिलाएँ; भारी या गीली ज़मीन पर उठी क्यारियाँ या मेड़ें बनाएँ ताकि एक दशक-लंबी रोपाई की जड़ों के आसपास पानी कभी न जमे।

  2. 2

    रोपाई गड्ढे खोदें व भरें

    कुछ हफ़्ते पहले चुनी दूरी पर गड्ढे खोदें, उन्हें धूप में रखें, और टॉपसॉइल को अच्छी सड़ी खाद, हड्डी-चूर्ण व थोड़े सिंगल सुपर फॉस्फेट से मिलाकर फिर भरें ताकि युवा कलमी पौधा तेज़ी से स्थापित हो।

  3. 3

    अच्छे कलमी पौधे लें

    एक प्रतिष्ठित नर्सरी से चुनी किस्म के स्वस्थ, सही-किस्म कलमी पौधे एक कठोर रूटस्टॉक (एडवर्ड गुलाब / Rosa indica) पर ख़रीदें; एक मज़बूत कलमी पौधा एक कमज़ोर अपनी-जड़ कलम से कहीं ज़्यादा जीता व उपज देता।

बीज की जानकारी

मुख्य किस्मों की तुलना — अवधि, उपज, रोग-प्रतिरोध या आप किस मक़सद से उगा रहे हैं, इसके आधार पर चुनें।

किस्मअवधिउपजरोग-प्रतिरोधसर्वश्रेष्ठ राज्यकिसके लिए उपयुक्त

अर्का सवी

एक ICAR-IIHR (बेंगलुरु) स्प्रे/फ्लोरिबंडा-प्रकार गुलाब जो खुले-खेत ढीला-फूल उत्पादन को पहचाना गया, बहुत भारी उपज (लगभग 30 टन/एकड़/साल) व एक उपयोगी 5–6-दिन शेल्फ-जीवन के साथ रिपोर्ट — महँगे विदेशी ढीला-फूल प्रकारों को एक किफ़ायती भारतीय विकल्प के रूप में नस्ल।

बारहमासी; ~8–10 साल फलती, छँटाई के साथ साल भर फूलतीबहुत ऊँची ढीला-फूल उपज (~30 टन/एकड़/साल रिपोर्ट)खुले में अच्छा खेत-प्रदर्शनकर्नाटक व दक्षिणी ढीला-फूल पट्टीखुले-खेत व्यावसायिक ढीला-फूल उत्पादन

अर्का परिमला

एक ICAR-IIHR सुगंधित, लाल-बैंगनी ढीला-फूल गुलाब जो लगभग 5.5–6.0 लाख ढीले फूल प्रति एकड़ प्रति साल देने व थ्रिप्स व काला धब्बा के प्रति मध्यम प्रतिरोधी होने को रिपोर्ट — माला व पूजा कारोबार को एक अच्छी भारतीय ढीला-फूल किस्म।

बारहमासी; छँटाई के साथ ~8–10 साल फलती~5.5–6.0 लाख ढीले फूल/एकड़/सालथ्रिप्स व काला धब्बा के प्रति मध्यम प्रतिरोधीकर्नाटक व दक्षिण भारतमाला व पूजा को सुगंधित ढीले फूल

पूसा महक

एक ICAR-IARI (नई दिल्ली) सुगंधित हाइब्रिड-टी गुलाब जो 2018 में उत्तरी मैदानों को जारी हुआ, किस्म Century Two के खुली-परागित पौधों से एक चयन — उत्तरी जलवायु को उपयुक्त एक सुगंधित भारतीय बाग़/कट गुलाब।

बारहमासी; छँटाई के साथ ~8–10 साल फलतीसुगंधित फूलों की अच्छी फूल-उपजउत्तरी मैदानों को उपयुक्त खेत-सहनशीलताउत्तरी मैदान (दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश)उत्तर में सुगंधित बाग़ व कट-फूल इस्तेमाल

एडवर्ड गुलाब (पन्नीर)

क्लासिक दक्षिण भारतीय सुगंधित ढीला-फूल गुलाब (Rosa indica var. odorata, "रोज़ एडुआर्ड" / पन्नीर गुलाब), माला, पूजा व गुलाब-जल को व्यावसायिक रूप से उगाया, और भारत में अन्य गुलाबों की कलम-चढ़ाई को सबसे व्यापक इस्तेमाल रूटस्टॉक भी — हालाँकि इसकी पंखुड़ियाँ जल्दी झड़तीं, जो एक हैंडलिंग चुनौती है।

बारहमासी; लंबे-जीवी, एक रूटस्टॉक के रूप में भी इस्तेमालसुगंधित ढीले फूलों का ऊँचा आयतनकठोर, व्यापक रूप से अनुकूलित (एक रूटस्टॉक के रूप में क़ीमती)तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेशसुगंधित ढीले फूल, गुलाब-जल, व एक कलम-रूटस्टॉक के रूप में

ग्रस एन टेप्लिट्ज़

एक पुराना, गहरा-क्रिमसन, तीव्र सुगंधित बाग़ गुलाब जो भारत के ज़्यादातर हिस्से में पारंपरिक मुख्य सुगंधित ढीला-फूल किस्म बन गया, माला, पूजा व आवश्यक-तेल निष्कर्षण को उगाया — अब भी एक कठोर, मुक्त-फूलने वाली स्थानीय पसंद के रूप में व्यापक रूप से लगाया।

बारहमासी; कठोर व मुक्त-फूलने वालाभारी, लगातार सुगंधित ढीले फूलकठोर व व्यापक रूप से अनुकूलितभारत भर एक पारंपरिक सुगंधित किस्म के रूप में उगायापारंपरिक सुगंधित ढीले फूल, माला व तेल

डमास्क गुलाब (ज्वाला / हिमरोज़)

सुगंधित तेल-गुलाब (Rosa damascena), हिमाचल प्रदेश, कन्नौज (UP) व कश्मीर में गुलाब-तेल, इत्र, गुलाब-जल व गुलकंद को उगाया। CSIR-IHBT, पालमपुर ने दो किस्में जारी कीं — उप-उष्णकटिबंधीय मैदानों, निचली व मध्य पहाड़ियों (1200 मी तक) को ज्वाला और हल्की-से-ठंडी शीतोष्ण पहाड़ियों (1200–2500 मी) को हिमरोज़ — लगभग 25–30 क्विं/हे फूल व 650–800 ग्राम/हे आवश्यक तेल देती।

बारहमासी तेल फ़सल; एक छोटी, तीव्र बसंत फूलन~25–30 क्विं/हे फूल; ~650–800 ग्राम/हे आवश्यक तेलकठोर; किस्म के हिसाब पहाड़ व मैदान स्थितियों को अनुकूलितहिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश (कन्नौज), जम्मू-कश्मीरगुलाब-तेल, इत्र, गुलाब-जल व गुलकंद

डच / ग्रीनहाउस कट-फूल गुलाब

विदेशी लंबे-डंठल हाइब्रिड-टी कट गुलाब (First Red, Grand Gala, Taj Mahal, Samurai व अन्य डच किस्में जैसे प्रकार) पॉलीहाउस व शेड-नेट के तहत, मुख्यतः बेंगलुरु पट्टी में, प्रीमियम गुलदस्ता व निर्यात कारोबार को उगाए — ऊँची-लागत, ऊँचा-मूल्य व वैलेंटाइन डे को समयबद्ध।

संरक्षित खेती के तहत बारहमासी; साल भर फलन~100–150 डंठल/वर्ग मी/साल लंबे-डंठल कटे फूलकिस्म-निर्भर; कवर के तहत गहनता से प्रबंधितकर्नाटक (बेंगलुरु पट्टी), महाराष्ट्र व पहाड़ियाँऊँचे-मूल्य लंबे-डंठल कटे फूल व निर्यात
बीज दर
गुलाब व्यावसायिक फूलों को बीज से नहीं उगाया — इसे कलमी पौधों (एक कठोर रूटस्टॉक पर कलम किस्म) से या, डमास्क तेल-गुलाबों को, कलमों या सकर से लगाया जाता। रोपण घनत्व ढीला-फूल झाड़ी गुलाबों को लगभग 15,000–25,000 पौधे/हेक्टेयर से पॉलीहाउस के तहत कट गुलाबों को लगभग 40,000–60,000 पौधे/हेक्टेयर तक चलता।
प्रमाणित बीज
एक प्रतिष्ठित नर्सरी, एक ICAR संस्थान (IIHR, IARI) या एक विशेषज्ञ उत्पादक से एक कठोर रूटस्टॉक पर एक नामित किस्म के स्वस्थ, सही-किस्म कलमी पौधे ख़रीदें; प्रकार को बाज़ार से मिलाएँ — खुले खेत को एक ओजस्वी ढीला-फूल किस्म (अर्का सवी, एडवर्ड गुलाब), पॉलीहाउस कट फूलों को एक लंबे-डंठल विदेशी, या तेल को एक डमास्क किस्म (ज्वाला/हिमरोज़)।
दूरी
खुले-खेत झाड़ी/ढीला-फूल गुलाबों को लगभग 60 × 60 सेमी से 75 × 75 सेमी; पॉलीहाउस के तहत कट गुलाबों को नज़दीक (लगभग 30 × 45 सेमी, उठी क्यारियों पर)। डमास्क तेल-गुलाब चौड़ी दूरी पर एक बाड़ के रूप में उगाए जाते।
बीज उपचार
बीज-बोया नहीं; इसके बजाय, केवल साफ़, स्वस्थ, रोग-मुक्त कलमी पौधे लगाएँ, रोग-प्रवण ज़मीन पर लगाने से पहले जड़ें एक फफूँदनाशी में डुबोएँ, और एक दशक-लंबी रोपाई में जड़ सड़न व शीर्ष-क्षय ले जाने से बचने को एक स्वच्छ, अच्छी जल-निकासी क्यारी से शुरू करें।

बुवाई गाइड

गहरा न लगाएँ (कली-संगम दबाना सड़न बुलाता), उठी क्यारियों बिना जलभराव-प्रवण ज़मीन पर न लगाएँ, और वार्षिक छँटाई न छोड़ें या ग़लत-समय करें — छँटाई, न कि रोपाई तारीख़, तय करती कि झाड़ी कब व कितनी भारी फूलती।

सबसे अच्छा समय
कलमी पौधे ठंडे सीज़न में लगाएँ — मैदानों में मोटे तौर सितंबर–अक्टूबर या फ़रवरी–मार्च, और पहाड़ियों में बसंत — ताकि वे गरमी से पहले स्थापित हों। डमास्क तेल-गुलाब ठंडे/बरसाती सीज़न में जड़दार कलमों के रूप में लगाए जाते। फूलना स्वयं रोपाई तारीख़ से नहीं बल्कि वार्षिक छँटाई से तय होता, जो माँग खिड़की से पीछे की ओर समयबद्ध होती।
क़तार की दूरी
60–75 सेमी (खुला खेत); पॉलीहाउस कट गुलाबों को ~90 सेमी क्यारियाँ
पौधे की दूरी
60–75 सेमी (खुला खेत); ~30 सेमी (पॉलीहाउस कट गुलाब)
बुवाई की गहराई
कलमी पौधा कली-संगम मिट्टी रेखा के ठीक ऊपर रखकर लगाएँ, कसकर व सींचकर
तरीक़ा
स्वस्थ कलमी पौधे ठंडे सीज़न में कली-संगम मिट्टी-स्तर के ऊपर तैयार, खाद वाले गड्ढों में लगाएँ; सींचें, ज़रूरत हो तो सहारा दें, और ढाँचा सधाएँ। फूलन मजबूर करने को वार्षिक छँटाई करें (मैदानों में अक्टूबर में कड़ी), लक्ष्य बाज़ार खिड़की को समयबद्ध।

खाद कार्यक्रम

बुवाई के समय एक साथ पूरी खाद डालने से बँटी हुई मात्रा बेहतर है — खासकर नाइट्रोजन का बड़ा हिस्सा हवा में उड़ जाता है या रिसकर बह जाता है।

  1. 1

    आधारीय / छँटाई पर

    रोपाई पर व हर वार्षिक छँटाई के बाद

    छँटाई के बाद, जब नई फूलन शुरू होती, जड़-क्षेत्र में उदार अच्छी सड़ी FYM (10–15 किग्रा/पौधा/साल) साथ पूरी फॉस्फोरस व पोटैशियम व नाइट्रोजन का भाग मिलाएँ — साल की मुख्य खाद।

  2. 2

    फूलन टॉप-ड्रेसिंग

    जैसे नई फूलन बढ़ती व कलियाँ बनतीं

    छँटी झाड़ी अपनी फूलन फेंकते व कलियाँ बनाते नाइट्रोजन (पोटैशियम के साथ) टॉप-ड्रेस करें, फूल-संख्या व आकार बनाने को; नाइट्रोजन एक ही बार देने के बजाय बाँटें।

  3. 3

    सूक्ष्म-पोषक सुधार

    क्षारीय मिट्टियों पर / लक्षण दिखते

    एक पर्ण लोहा (और, जहाँ ज़रूरत, जिंक) छिड़काव क्षारीय मिट्टियों पर आम युवा पत्तों के शिरा-बीच पीलेपन को सुधारता, पत्ते गहरे व उत्पादक रखते।

सिंचाई कार्यक्रम

  1. 1. रोपाई / छँटाई के बाद

    स्थापित होने / फूलन शुरू होने तक नियमित

    रोपाई के बाद व हर छँटाई के तुरंत बाद नियमित सींचें नई फूलन चलाने को; जड़-क्षेत्र नम रहना चाहिए पर कभी जलभराव नहीं।

  2. 2. फूलन व फूलना

    हर 5–8 दिन (पॉलीहाउस के तहत ज़्यादा)

    फूलन व फूलने भर स्थिर, एक-समान नमी फूल-संख्या, आकार व डंठल लंबाई ऊँची रखती; कली पर जल-तनाव फूल गिराता व विकृत करता।

  3. 3. विश्राम / दुबली अवधि

    फूलनों के बीच घटाई

    एक फूलन के बाद व अगली छँटाई से पहले विश्राम-अवधि में सिंचाई घटाई जाती, पौधे को नरम, रोग-प्रवण बढ़वार धकेले बिना चलते रखते।

महत्वपूर्ण अवस्थाएँ

  • स्थापना व छँटाई के बाद
  • कली-निर्माण व फूलन

पानी बचाने के तरीक़े

  • ड्रिप सिंचाई ख़ासतौर पसंद है — यह पत्ते गीले किए बिना जड़-क्षेत्र एक-समान नम रखती, जो काला धब्बा व चूर्णिल आसिता दबाने का सबसे बड़ा एकल तरीक़ा है।
  • पौधों के आसपास जैविक पदार्थ की एक मल्च नमी बचाती, खरपतवार दबाती व जड़ें ठंडी रखती।
  • कभी इस तरह फ्लड-सिंचाई न करें कि पानी कॉलर के आसपास बैठे — जलभराव एक लंबे-जीवी रोपाई पर जड़ सड़न व शीर्ष-क्षय कराता।

खरपतवार प्रबंधन

आम खरपतवार

अंतर-कतारों व पौधों के आसपास घास व चौड़ी-पत्ती खरपतवार, जो एक लंबे-जीवी रोपाई से होड़ करते और छूटने पर कीट व रोग थामते

जैविक नियंत्रण

  • पौधों के आसपास नियमित उथली गुड़ाई व हाथ-निराई, टॉप-ड्रेसिंग व मिट्टी-चढ़ाई के साथ समयबद्ध, सतही जड़ों को नुक़सान बिना क्यारी साफ़ रखती।
  • पौधों के आसपास एक जैविक मल्च खरपतवार दबाती, नमी बचाती व जड़ें ठंडी रखती।
  • एक साफ़, खरपतवार-मुक्त, खुली रोपाई रोग व कीट दबाव भी घटाती।

रासायनिक नियंत्रण

  • गुलाब/सजावटी को स्वीकृत एक पूर्व-अंकुरण खरपतवारनाशी बड़ी रोपाइयों पर, पौधों के आसपास सावधानी से इस्तेमाल हो सकता; उत्पाद अपने स्थानीय KVK या बाग़वानी कार्यालय से पुष्ट करें।

पोषक तत्व की कमी की पहचान

हर पोषक तत्व की कमी पौधे पर असल में कैसी दिखती है — ताकि ग़लत स्प्रे करने से पहले आप कमी और रोग में फ़र्क़ कर सकें।

ध्यान देने योग्य रोग

लक्षण, संभावित कारण और असल में क्या इलाज करता है — सिर्फ़ किसी स्प्रे का नाम नहीं।

ध्यान देने योग्य कीट

नुक़सान दिखने से पहले क्या देखें, और रसायन से पहले जैविक विकल्प क्या हैं।

आम ग़लतियाँ जिनसे बचें

जो ग़लतियाँ किसानों को सबसे ज़्यादा नुक़सान पहुँचाती हैं, खेत में जितनी बार दिखती हैं उसी क्रम में — हमेशा वैसे नहीं जैसा आप सोचें।

  1. 1

    वार्षिक छँटाई छोड़ना या ग़लत-समय करना।

    नुक़सान क्यों होता है

    छँटाई, न कि रोपाई तारीख़, तय करती कि झाड़ी कब व कितनी भारी फूलती — नई फूलन लगभग छह-आठ हफ़्ते बाद फूलती। एक बिना-छँटी झाड़ी लंबी-पतली बढ़ती व ख़राब फूलती; एक ग़लत-समय छँटाई वह त्योहार या वैलेंटाइन खिड़की चूक जाती जो मुनाफ़ा ढोती। अपने लक्ष्य बाज़ार से पीछे की ओर छाँटें।

  2. 2

    एक कलमी पौधे के बजाय एक कमज़ोर अपनी-जड़ कलम लगाना।

    नुक़सान क्यों होता है

    एक कठोर रूटस्टॉक (एडवर्ड गुलाब / Rosa indica) पर एक कलमी पौधा एक कमज़ोर अपनी-जड़ कलम से कहीं ज़्यादा ओजस्वी, लंबे-जीवी व रोग-सहनशील है — एक दशक फलने वाली रोपाई पर, जो पौधा आप शुरू करते वह दस साल को मायने रखता।

  3. 3

    उठी क्यारियों बिना जलभराव-प्रवण ज़मीन पर लगाना।

    नुक़सान क्यों होता है

    गुलाब खड़ा पानी नहीं झेलेगा — यह जड़ सड़न व शीर्ष-क्षय कराता जो एक लंबे-जीवी रोपाई को दो-तीन साल में मार देते। भारी या गीली ज़मीन पर, उठी क्यारियों या मेड़ों पर लगाएँ व उत्कृष्ट जल-निकासी सुनिश्चित करें।

  4. 4

    ऊपरी सिंचाई व एक भीड़ा, बंद छत्र।

    नुक़सान क्यों होता है

    गीले पत्ते व स्थिर, भीड़ी बढ़वार ठीक वही हैं जो काला धब्बा व चूर्णिल आसिता, फ़सल के परिभाषित रोग, चलाते। जड़ों पर सींचें (ड्रिप), हवा-आवाजाही को दूरी व छँटाई करें, व गिरे पत्ते साफ़ करें।

  5. 5

    मृत ठूँठ छोड़ना व छँटाई-घाव ख़राब काटना।

    नुक़सान क्यों होता है

    रूखे कट व मृत ठूँठ शीर्ष-क्षय का प्रवेश-बिंदु हैं, जो फिर शाखें सिरे से नीचे मारता। एक बाहर-मुख कली के ठीक ऊपर तेज़ औज़ारों से साफ़ छाँटें, बड़े कट सील करें, व मृत लकड़ी हटाएँ।

कटाई

ठंडी सुबह तोड़ें जब फूल कसावदार हों व सबसे लंबा टिकें। ढीले फूल (माला, पूजा, तेल) पूरे खिले तोड़े जाते; गुलदस्तों को कटे फूल कसी-कली "पेंट-ब्रश" अवस्था पर (रंग दिखता, पंखुड़ियाँ बस खुलना शुरू) एक लंबे सीधे डंठल के साथ काटे जाते, ताकि वे फूलदान में खुलें। डमास्क तेल-गुलाब भोर में पूर्ण-खिले तोड़े व उसी दिन आसवित किए जाते, चूँकि फूल गरम व मुरझाते तेल खो जाता। फूलन भर बार-बार तोड़ें।

तैयार होने के संकेत

  • ढीले फूल: पूरे खिले, पूरा आकार व रंग
  • कटे फूल: रंग दिखती कसी-कली "पेंट-ब्रश" अवस्था
  • तेल/डमास्क गुलाब: भोर में पूर्ण-खिले, उसी दिन आसवित
  • सबसे लंबे जीवन को ठंडी सुबह तोड़े

उपकरण

  • साफ़ कटों को तेज़ सेकेटर (कट फूलों व शीर्ष-क्षय टालने को ज़रूरी)
  • कट-फूल डंठलों को साफ़ पानी की बाल्टियाँ, छाया में रखी
  • ढीले फूलों को ठंडी व छायादार रखी बास्केट या क्रेट

अपेक्षित उपज

एक अच्छी-उगाई खुले-खेत फ़सल को एक भारी, लगातार ढीला-फूल उपज (जैसे अर्का सवी लगभग 30 टन/एकड़/साल रिपोर्ट), पॉलीहाउस के तहत लगभग 100–150 लंबे-डंठल कटे फूल प्रति वर्ग मीटर प्रति साल, और एक डमास्क तेल फ़सल को मोटे तौर 25–30 क्विं/हे फूल।

कटाई के बाद व भंडारण

  • भंडारण

    ढीले फूल अत्यधिक नाशवान व एक-दो दिन में बिकते, ठंडे व छायादार रखे। कटे फूल डंठल-लंबाई से श्रेणीबद्ध, गुच्छित, एक परिरक्षक घोल में पल्स किए व एक ठंडी शृंखला (आदर्श रूप से प्रशीतित) में रखे जाते — ठंडी शृंखला ही कट गुलाबों को एक दूर या निर्यात बाज़ार तक चलने व पहुँचने देती। तेल को डमास्क फूल बिल्कुल भंडारित नहीं होते; वे उसी दिन आसवित होते जिस दिन तोड़े जाते।

  • पैकेजिंग

    ढीले फूल हवादार बास्केट या क्रेट में; कटे फूल श्रेणीबद्ध, गुच्छित (आमतौर दस या बीस में), स्लीव किए व डंठल व फूलों की रक्षा को एक ठंडी शृंखला में सीधे बॉक्स किए।

  • परिवहन

    ढीले फूल दिन की ठंडक में जल्दी बाज़ार जाते; कटे फूल प्रशीतित व सीधे जाते; तेल-गुलाब तुड़ाई के घंटों में खेत से सीधे आसवन इकाई ले जाए जाते।

  • भंडारण अवधि

    ठंडे रखे ताज़े ढीले फूलों को एक-दो दिन; एक ठंडी शृंखला में रखे व ले जाए कट गुलाबों को एक हफ़्ता या ज़्यादा; तेल-गुलाबों को लगभग शून्य, जो तोड़े गए दिन आसवित होने चाहिए।

मंडी भाव

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मुनाफ़ा कैलकुलेटर

आपकी अपनी लागत, अपेक्षित उपज और बिक्री भाव — हमारी नहीं।

पैसा कहाँ जाता है

नीचे कैलकुलेटर की डिफ़ॉल्ट लागत के अनुसार प्रति एकड़ कुल लागत में हर मद का हिस्सा — वहाँ अपने आँकड़े बदलने पर यह तस्वीर पूरी तरह आप पर लागू नहीं रहेगी, पर क्रम शायद ही बदलता है।

  • मज़दूरी40% (₹20,000)
  • ज़मीन का किराया18% (₹9,000)
  • खाद12% (₹6,000)
  • कीटनाशक और खरपतवारनाशक10% (₹5,000)
  • सिंचाई8% (₹4,000)
  • ब्याज5% (₹2,500)
  • बीज4% (₹2,000)
  • मशीन3% (₹1,500)

आधिकारिक डाउनलोड

केवल सरकार और ICAR के दस्तावेज़ — नीचे की हर चीज़ किसी आधिकारिक सर्वर पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

गुलाब में छँटाई इतनी अहम क्यों है?

क्योंकि छँटाई, न कि रोपाई तारीख़, तय करती कि झाड़ी कब व कितनी भारी फूलती। एक वार्षिक कड़ी या मध्यम छँटाई (मैदानों में, अक्टूबर) पुरानी, कमज़ोर व क्रॉस करती लकड़ी हटाती और एक मज़बूत नई फूलन मजबूर करती जो लगभग छह-आठ हफ़्ते बाद फूलती। तो उत्पादक छँटाई को उस खिड़की से पीछे की ओर समयबद्ध करते जिसे वे लक्ष्य कर रहे — दशहरा–दिवाली, शादी-सीज़न, या कटे गुलाबों को वैलेंटाइन डे। एक झाड़ी जो कभी नहीं छँटी लंबी-पतली बढ़ती व ख़राब फूलती।

मुझे कलमी गुलाब लगाने चाहिए या कलमें?

व्यावसायिक फूलों को, कलमी पौधे लगाएँ — चुनी किस्म की एक कलम एक कठोर रूटस्टॉक पर चढ़ाई (एडवर्ड गुलाब / Rosa indica भारत में आम रूटस्टॉक है)। एक कलमी पौधा एक कमज़ोर अपनी-जड़ कलम से कहीं ज़्यादा ओजस्वी, लंबे-जीवी व रोग-सहनशील है, जो आठ-दस साल फलने वाली रोपाई पर मायने रखता। डमास्क तेल-गुलाब अपवाद हैं व आमतौर स्थानीय किस्म की कलमों या सकर से उगाए जाते।

गुलाब के मुख्य रोग क्या हैं, व मैं उन्हें कैसे नियंत्रित करूँ?

पत्तों पर काला धब्बा व चूर्णिल आसिता, और शाखों पर शीर्ष-क्षय, तीन परिभाषित समस्याएँ हैं। काला धब्बा (काले झालरदार धब्बे, जल्दी पत्ती-गिरना) व चूर्णिल आसिता (नरम बढ़वार पर सफ़ेद परत) दोनों गीले पत्तों व स्थिर, भीड़ी बढ़वार से चलते — तो ड्रिप से जड़ों पर सींचें, हवा-आवाजाही को दूरी व छँटाई करें, गिरे पत्ते साफ़ करें, व पहले संकेत पर एक सुझाया फफूँदनाशी छिड़कें। शीर्ष-क्षय (शाखें सिरे से मरतीं) बड़े हद ख़राब छँटाई व कमज़ोर या जलभराव पौधों का परिणाम है — साफ़ छाँटें, अच्छी खाद व निकास दें, व कोई मृत ठूँठ न छोड़ें।

क्या एक गुलाब फ़सल माला, गुलदस्ते व गुलाब-तेल आपूर्ति कर सकती?

वही पौधे नहीं — तीनों बाज़ार अलग प्रकार इस्तेमाल करते। खुले-खेत सुगंधित झाड़ी गुलाब (अर्का सवी, एडवर्ड गुलाब, ग्रस एन टेप्लिट्ज़) माला, पूजा व सजावट को ढीले फूल देते; पॉलीहाउस के तहत लंबे-डंठल विदेशी हाइब्रिड टी गुलदस्तों व निर्यात को कटे फूल देते; और डमास्क गुलाब (ज्वाला, हिमरोज़) ख़ासतौर गुलाब-तेल, इत्र, गुलाब-जल व गुलकंद को उगाए जाते। जिस बाज़ार को आप लक्ष्य कर रहे उसको किस्म व उगाने की प्रणाली चुनें।

क्या गुलाब का MSP या मंडी भाव है?

गुलाब का कोई MSP नहीं, पर कई फूलों के विपरीत यह APMC बाज़ारों पर एक भाव-निर्धारित वस्तु के रूप में सच में कारोबार होता, Agmarknet पर ("Rose (Loose)" व संबंधित प्रविष्टियों के रूप में) कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र व गोवा जैसे राज्यों में रिपोर्ट किया, बेंगलुरु के KR मार्केट जैसे बड़े थोक फूल बाज़ार दैनिक भाव तय करते। भाव त्योहार, शादी व वैलेंटाइन-डे माँग से तेज़ी से झूलते, इसलिए एक फ़सल की योजना से पहले वर्तमान भाव अपने नज़दीकी फूल बाज़ार से जाँचें।

एक गुलाब रोपाई कब तक फलती रहती है?

एक अच्छी-उगाई रोपाई को मोटे तौर आठ-दस साल, वार्षिक छँटाई, खाद व रोग-नियंत्रण के साथ, जिसके बाद झाड़ियाँ ओज खोतीं व बदली जातीं। चूँकि यह एक लंबे-जीवी बारहमासी है, जो पौधा आप लगाते व जगह की जल-निकासी एक दशक को मायने रखते — अच्छी जल-निकासी, उठी ज़मीन पर अच्छे कलमी पौधों से शुरू करें।

अब भी कोई सवाल है?

आम सवालों के जवाब ऊपर FAQs में हैं। आपके खेत और मिट्टी से जुड़ी किसी भी ख़ास बात के लिए आपका नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र ही आधिकारिक जवाब है।