बीज एवं रोपण सामग्री उप-मिशन
Sub-Mission on Seeds and Planting Material (SMSP)
किसानों को प्रमाणित बीज 50–60% सब्सिडी पर मिलते हैं — अनाज के बीज (गेहूँ, धान, मक्का) पर 50% और दलहन, तिलहन व चारे के बीज पर 60% छूट — 1 एकड़ तक, बीज ग्राम कार्यक्रम और ज़िला कृषि विभाग की बीज वितरण मुहिम के ज़रिए।
- अनाज बीज सब्सिडी
- 50% (गेहूँ, धान, मक्का)
- दलहन / तिलहन / चारा बीज सब्सिडी
- 60%
- प्रति किसान अधिकतम क्षेत्र
- 1 एकड़ प्रति सीज़न
- योजना की स्थिति
- सक्रिय
- योजना का प्रकार
- केंद्र प्रायोजित (कृषोन्नति योजना)
- आवेदन का तरीका
- ऑफ़लाइन — ज़िला कृषि कार्यालय से
- मंत्रालय
- कृषि एवं किसान कल्याण
- बीज मिनीकिट
- मुफ़्त — नई क़िस्मों की परख के लिए
परिचय
एसएमएसपी कृषोन्नति योजना के तहत एक केंद्र प्रायोजित योजना है। इसका काम सीधा है — हर किसान को इतने सस्ते दाम पर प्रमाणित, ज़्यादा पैदावार वाले बीज उपलब्ध कराना कि "पिछली फ़सल का बचा बीज" बोने की मजबूरी ख़त्म हो। भारत का बीज प्रतिस्थापन दर (SRR) — यानी बोए गए कुल बीज में प्रमाणित बीज का हिस्सा — अनाज में अभी क़रीब 33% और दलहन-तिलहन में 25% के आसपास है। एसएमएसपी इसे जितना ऊपर ले जाए, उसी ज़मीन से पैदावार उतनी बढ़ती है।
यह योजना बीज की पूरी श्रृंखला पर काम करती है। ऊपर — ICAR और कृषि विश्वविद्यालय प्रजनक (breeder) बीज बनाते हैं। बीच में — राज्य बीज निगम और राष्ट्रीय बीज निगम आधार व प्रमाणित बीज तैयार करते हैं, और इसके लिए आधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट, परीक्षण प्रयोगशालाएँ और एयर-कंडीशंड भंडारण बनाए जाते हैं। किसान के सिरे पर — बीज ग्राम (Seed Village) कार्यक्रम चलता है: चुने हुए गाँवों को आधार बीज, बीज उत्पादन की ट्रेनिंग, और स्थानीय स्तर पर बीज बनाने-सँभालने का ढांचा दिया जाता है ताकि अगले सीज़न की बीज आपूर्ति पैदल दूरी पर हो।
सरकारी डिपो, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) या सूचीबद्ध डीलर से एसएमएसपी के तहत प्रमाणित बीज ख़रीदने पर किसान को अनाज के बीज बाज़ार भाव से लगभग आधी क़ीमत पर (50% सब्सिडी) और दलहन-तिलहन के बीज उससे भी कम पर (60% सब्सिडी) मिलते हैं — 1 एकड़ प्रति किसान प्रति सीज़न तक। जिन नई क़िस्मों को सरकार किसानों से आज़माना चाहती है, उनके लिए मुफ़्त बीज मिनीकिट बाँटे जाते हैं — थोड़ी-सी मात्रा ताकि किसान एक छोटे प्लॉट पर उगाकर अपनी पुरानी क़िस्म से तुलना कर सके।
योजना में एक राष्ट्रीय बीज आरक्षित (National Seed Reserve) भी रखा जाता है — प्रमाणित बीज का बफ़र स्टॉक, जो बाढ़, सूखे या कीट-हमले से बीच सीज़न में फ़सल बर्बाद होने पर तुरंत किसानों तक पहुँचाया जा सके, बिना नई ख़रीद प्रक्रिया की प्रतीक्षा किए।
योजना की मुख्य बातें
प्रमाणित बीज पर 50–60% सब्सिडी
अनाज के बीज (गेहूँ, धान, मक्का) पर 50% और दलहन, तिलहन व चारे के बीज पर 60% छूट — 1 एकड़ प्रति किसान प्रति सीज़न तक।
बीज ग्राम (Seed Village) कार्यक्रम
चुने गाँवों को आधार बीज, प्रशिक्षण और प्रोसेसिंग-भंडारण ढांचा मिलता है ताकि गाँव में ही प्रमाणित बीज तैयार हो — दूर डिपो जाने की ज़रूरत नहीं।
नई क़िस्मों की मुफ़्त मिनीकिट
ज़्यादा पैदावार या रोग-रोधी नई क़िस्म की छोटी पैकेट, मुफ़्त बाँटी जाती है ताकि किसान पूरा खेत लगाने से पहले छोटे प्लॉट पर आज़माकर देख ले।
राष्ट्रीय बीज आरक्षित
प्रमाणित बीज का बफ़र स्टॉक — बाढ़, सूखे या कीट-हमले के बाद दोबारा बुआई के लिए तुरंत उपलब्ध, बिना नई ख़रीद प्रक्रिया के।
आधुनिक बीज अवसंरचना
मॉड्यूलर बीज प्रोसेसिंग प्लांट, परीक्षण प्रयोगशालाएँ और नियंत्रित-तापमान भंडारण — जिनसे राज्यों में प्रमाणित बीज की गुणवत्ता एक जैसी बनी रहे।
बीज प्रतिस्थापन दर (SRR) बढ़ाना
लक्ष्य: अनाज का SRR ~33% से 50% और दलहन-तिलहन का SRR ~25% से 40% तक ले जाना — हर बढ़ा अंक उसी ज़मीन पर ज़्यादा पैदावार लाता है।
आपको क्या मिलता है
आधी या उससे कम क़ीमत पर प्रमाणित बीज
अनाज के बीज पर 50% और दलहन-तिलहन-चारे के बीज पर 60% सब्सिडी, या 1 क्विंटल बीज का सरकारी मूल्य — जो कम हो — 1 एकड़ तक।
नई क़िस्मों की मुफ़्त परख
ज़्यादा पैदावार वाली, रोग-रोधी या मौसम-सहनशील क़िस्मों की बीज मिनीकिट मुफ़्त बाँटी जाती है — किसान अपनाने से पहले आज़माकर देखे।
गाँव में ही बीज उपलब्ध
बीज ग्राम गाँव के भीतर प्रमाणित बीज तैयार और भंडारित करता है — बुआई के वक़्त दूर सरकारी डिपो की दौड़ नहीं लगानी पड़ती।
आपदा में तत्काल बीज सहायता
राष्ट्रीय बीज आरक्षित से प्राकृतिक आपदा के बाद प्रभावित ज़िलों में तेज़ी से प्रमाणित बीज पहुँचाया जाता है — नई ख़रीद प्रक्रिया का इंतज़ार नहीं।
कौन पात्र है
दोनों सूचियाँ अधिसूचित परिचालन दिशानिर्देशों से हैं — बाईं सूची पूरी करना काफ़ी नहीं है, अगर दाईं सूची की कोई भी बात आपके परिवार पर लागू होती है।
आप पात्र हैं अगर
- सभी श्रेणी के किसान — लघु, सीमांत, मध्यम और बड़े — एसएमएसपी के तहत सब्सिडी वाले प्रमाणित बीज पाने के पात्र हैं
- लघु और सीमांत किसानों तथा कम बीज प्रतिस्थापन दर वाले ज़िलों को प्राथमिकता दी जाती है
- किसान उस ज़िले या ब्लॉक में होना चाहिए जहाँ राज्य ने इस सीज़न के लिए एसएमएसपी लक्ष्य आवंटित किए हों
- बीज सरकारी डिपो, कृषि विज्ञान केंद्र या सूचीबद्ध बीज एजेंसी से ख़रीदना ज़रूरी — खुले बाज़ार के दुकानदार से नहीं
- बीज ग्राम कार्यक्रम में: गाँव को राज्य कृषि विभाग द्वारा चुना गया हो और भाग लेने वाले किसान बताई गई विधि से बीज फ़सल उगाने को तैयार हों
ज़मीन होते हुए भी अपात्र
- जो किसान उसी फ़सल और सीज़न के लिए पहले से किसी अन्य केंद्रीय योजना से पूरी बीज सब्सिडी ले रहा हो — एक एकड़ पर दोहरा लाभ नहीं
- खुले बाज़ार के ग़ैर-सूचीबद्ध प्राइवेट दुकानदार से पूरी क़ीमत पर ख़रीदे बीज — सब्सिडी सिर्फ़ तय चैनलों से बहती है
- प्रति किसान प्रति सीज़न 1 एकड़ से ज़्यादा क्षेत्र पर सब्सिडी वाला बीज
- बिना टैग, बिना प्रमाणन, बिना लेबल वाले बीज लॉट जो बीज परीक्षण पास नहीं हुए
यह योजना कहाँ लागू है
पूरे भारत में लागू केंद्रीय योजना — हर राज्य और केंद्र-शासित प्रदेश के पात्र किसानों के लिए खुली है।
ज़रूरी दस्तावेज़
शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — कुछ भी न छूटे तो ऑनलाइन फॉर्म दस मिनट में भर जाता है।
B1 खसरा / भूमि रिकॉर्ड
आपके B1 खसरा या राजस्व ऋण पुस्तिका की फ़ोटोकॉपी — जिस ज़मीन पर बीज बोना है उसका प्रमाण।
आधार कार्ड
पहचान प्रमाण; सब्सिडी ट्रैकिंग में आधार से दोहरे दावे रुकते हैं।
बैंक पासबुक
पहले पन्ने की फ़ोटोकॉपी — खाता संख्या और IFSC — अगर किसी घटक में सब्सिडी प्रतिपूर्ति के रूप में दी जाती है।
मोबाइल नंबर
ज़िला कृषि कार्यालय में पंजीकृत — बीज उपलब्धता, वितरण तारीख़ और मिनीकिट ट्रायल की SMS सूचना के लिए।
आवेदन कैसे करें, कदम-दर-कदम
चाहे खुद ऑनलाइन पंजीकरण करें या CSC पर बैठकर — यही छह कदम लागू होते हैं।
- 1
अपने RAEO से बीज उपलब्धता पूछें
बुआई के सीज़न से पहले अपने ब्लॉक के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO) या ज़िला कृषि अधिकारी से संपर्क करें — पता करें कि आपके इलाक़े में इस सीज़न किन फ़सलों और क़िस्मों के सब्सिडी वाले बीज आवंटित हैं।
- 2
दस्तावेज़ इकट्ठे करके जमा करें
अपना B1 खसरा (फ़ोटोकॉपी), आधार, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर लेकर RAEO या ज़िला कृषि कार्यालय में जाएँ।
- 3
बीज आवंटन पाएँ
लक्ष्य तय होने और दस्तावेज़ सत्यापन के बाद, आपको 1 एकड़ तक प्रमाणित बीज — सब्सिडी दर पर (अनाज 50%, दलहन/तिलहन/चारा 60%) — आवंटित किया जाता है।
- 4
तय केंद्र से बीज ख़रीदें
अपने आवंटन पर्ची में बताए गए सरकारी बीज डिपो, कृषि विज्ञान केंद्र या सूचीबद्ध एजेंसी से बीज लें — सिर्फ़ सब्सिडी वाली क़ीमत देनी होगी।
- 5
बुआई करें
प्रमाणित बीज अपने आवंटित क्षेत्र में बोएँ। बीज ग्राम ब्लॉकों में विस्तार कर्मचारी फ़सल वृद्धि के दौरान पैदावार ट्रैक करने के लिए आ सकते हैं।
महत्वपूर्ण तिथियाँ
योजना शुरू
अप्रैल 2014
कृषोन्नति योजना पुनर्गठन के तहत
बजट 2026-27
₹11,200 करोड़ कृषोन्नति योजना आवंटन का हिस्सा
2025-26 से 40% बढ़ोतरी
आवेदन का समय
हर बुआई सीज़न से पहले
ख़रीफ़ लक्ष्य ~अप्रैल-मई; रबी लक्ष्य ~सितंबर-अक्टूबर
बीज मिनीकिट वितरण
जारी — नई क़िस्में आने पर
तथ्य आख़िरी बार जाँचे गए
27 सितंबर 2026
PIB, myscheme.gov.in और ज़िला NIC पोर्टल के आधार पर
अपनी पात्रता जाँचें
सवाल सीधे अधिसूचित मानदंडों से हैं। आपकी दी गई जानकारी आपके फोन से बाहर नहीं जाती।
6 में से 0 जवाब दिए
यह जाँच आधिकारिक परिचालन दिशानिर्देशों के मानदंड लागू करती है, पर यह मार्गदर्शन भर है — अंतिम फ़ैसला केवल राज्य सरकार का भूमि रिकॉर्ड सत्यापन है।
डाउनलोड
केवल आधिकारिक दस्तावेज़ — नीचे की हर चीज़ सरकार के अपने सर्वर पर है।
आधिकारिक लिंक और हेल्पलाइन
पोर्टल को ही बुकमार्क करें — कोई भी तीसरी वेबसाइट भुगतान न जारी कर सकती है, न रोक सकती है, न तेज़ कर सकती है।
- सीडनेट इंडिया पोर्टलseednet.gov.in — बीज उपलब्धता, क़िस्म कैटलॉग और राज्यों में बीज प्रमाणन डेटा
- कृषि एवं किसान कल्याण विभागमंत्रालय पोर्टल — कृषोन्नति योजना के तहत एसएमएसपी इसी विभाग में आती है
- राष्ट्रीय बीज निगमNSC — केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम जो एसएमएसपी के तहत आधार और प्रमाणित बीज उत्पादित व वितरित करता है
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बीज एवं रोपण सामग्री उप-मिशन (SMSP) क्या है?
एसएमएसपी भारत सरकार की कृषोन्नति योजना के तहत चलने वाली योजना है जो किसानों को सस्ते प्रमाणित बीज उपलब्ध कराती है और बीज प्रोसेसिंग प्लांट, परीक्षण प्रयोगशालाएँ, भंडारण और बीज ग्राम जैसा ढांचा खड़ा करती है। मक़सद यह है कि किसान कम पैदावार वाले पुराने बचे बीज की जगह प्रमाणित, ज़्यादा उपज वाली क़िस्में बोएँ — ताकि उसी ज़मीन से ज़्यादा फ़सल निकले।
एसएमएसपी में बीज पर कितनी सब्सिडी मिलती है?
अनाज के प्रमाणित बीज (गेहूँ, धान, मक्का) पर 50% और दलहन, तिलहन व चारे के प्रमाणित बीज पर 60% सब्सिडी — या 1 क्विंटल बीज का सरकारी मूल्य, जो कम हो — 1 एकड़ प्रति किसान प्रति सीज़न तक। बीज ग्राम घटक में दलहन, तिलहन, चारा और हरी खाद के बीज 75% तक सब्सिडी पर बाँटे गए हैं।
एसएमएसपी बीज सब्सिडी के लिए कौन पात्र है?
सभी श्रेणी के किसान — लघु, सीमांत, मध्यम और बड़े — पात्र हैं। प्राथमिकता लघु-सीमांत किसानों और कम बीज प्रतिस्थापन दर वाले ज़िलों को मिलती है। किसान उस ब्लॉक में होना चाहिए जहाँ राज्य ने इस सीज़न लक्ष्य आवंटित किए हों, और बीज तय सरकारी चैनल से ख़रीदना ज़रूरी है।
एसएमएसपी में सब्सिडी वाले बीज के लिए आवेदन कैसे करें?
कोई केंद्रीय ऑनलाइन आवेदन नहीं है। बुआई के सीज़न से पहले अपने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO) या ज़िला कृषि अधिकारी से मिलें — आधार, B1 खसरा, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर लेकर जाएँ। वे बताएँगे कि आपके ब्लॉक में किन फ़सलों के सब्सिडी बीज उपलब्ध हैं और 1 एकड़ तक बीज आवंटित करेंगे।
बीज ग्राम (Seed Village) कार्यक्रम क्या है?
चुने हुए गाँवों को आधार बीज, बीज उत्पादन की ट्रेनिंग, और प्रोसेसिंग-भंडारण का ढांचा दिया जाता है ताकि वे स्थानीय स्तर पर प्रमाणित बीज तैयार कर सकें। इससे अगले सीज़न की बीज आपूर्ति गाँव के भीतर ही होती है और आसपास के किसानों को दूर सरकारी डिपो नहीं जाना पड़ता।
बीज मिनीकिट क्या होती है, और क्या इसकी क़ीमत देनी पड़ती है?
बीज मिनीकिट नई ज़्यादा-उपज वाली, रोग-रोधी या मौसम-सहनशील क़िस्म की छोटी पैकेट होती है, जो किसानों को मुफ़्त बाँटी जाती है ताकि वे छोटे प्लॉट पर उगाकर पुरानी क़िस्म से तुलना कर सकें। यह कृषि विज्ञान केंद्रों और राज्य कृषि विभागों के ज़रिए बाँटी जाती है।
बीज प्रतिस्थापन दर (SRR) क्या है और यह क्यों मायने रखती है?
SRR का मतलब है कि बोए गए कुल बीज में कितने प्रतिशत प्रमाणित बीज हैं (बजाय पिछली फ़सल से बचाए बीज के)। प्रमाणित बीज जेनेटिक रूप से शुद्ध, रोग-मुक्त और अंकुरण के लिए लैब-परीक्षित होता है। भारत का अनाज SRR क़रीब 33% और दलहन-तिलहन SRR क़रीब 25% है। एसएमएसपी का लक्ष्य अनाज SRR 50% और दलहन-तिलहन SRR 40% तक ले जाना है।
क्या एसएमएसपी सभी राज्यों में उपलब्ध है?
एसएमएसपी पूरे भारत में लागू योजना है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर राज्य कृषि विभाग तय करते हैं कि किस ज़िले-ब्लॉक में कितना लक्ष्य रखना है। हर सीज़न में हर ब्लॉक में आवंटन हो, ज़रूरी नहीं। बुआई से पहले अपने ज़िला कृषि कार्यालय या RAEO से पूछ लें।
राष्ट्रीय बीज आरक्षित (National Seed Reserve) क्या है?
राष्ट्रीय बीज निगम और राज्य बीज निगमों द्वारा रखा गया प्रमाणित बीज का बफ़र स्टॉक — जब बाढ़, सूखे या कीट-हमले से बीच सीज़न में फ़सल बर्बाद हो और किसानों को दोबारा बुआई के लिए तुरंत बीज चाहिए, तो यह बिना नई ख़रीद प्रक्रिया के तेज़ी से भेजा जाता है।
क्या 1 एकड़ से ज़्यादा के लिए सब्सिडी वाला बीज मिल सकता है?
एसएमएसपी सब्सिडी प्रति किसान प्रति सीज़न 1 एकड़ तक सीमित है। अतिरिक्त क्षेत्र के लिए आप किसी भी अधिकृत डीलर से पूरी क़ीमत पर प्रमाणित बीज ख़रीद सकते हैं।
एसएमएसपी की हेल्पलाइन क्या है?
एसएमएसपी की कोई एक राष्ट्रीय हेल्पलाइन नहीं है। किसी भी सवाल के लिए अपने ब्लॉक के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO), ज़िला कृषि अधिकारी, या निकटतम कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें।
अब भी कोई सवाल है?
आम सवालों के जवाब ऊपर FAQs में हैं। आपके अपने आवेदन से जुड़ी किसी भी बात के लिए मंत्रालय की हेल्पलाइन undefined ही आधिकारिक जवाब है — और सही दिशा दिखाने में हमें खुशी होगी।
