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शिमला मिर्चरबीखुली-परागितअपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

California Wonder

क्लासिक आयातित खुली-परागित किस्म जिससे ज़्यादातर भारतीय बेल-पेपर प्रकार जुड़े — एक सघन पौधा, मोटी-दीवार, 4-पालि, चौकोर हरे फल के साथ जो लाल पकता है।

सीज़नरबी
पकने की अवधिपहली कटाई रोपाई के ~70–75 दिन बाद
अपेक्षित उपज15–20 टन/हेक्टेयर (खुला खेत)
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
पहली कटाई रोपाई के ~70–75 दिन बाद
बीज दर
नर्सरी बुवाई को 400–500 ग्राम/हेक्टेयर (लगभग 160–200 ग्राम/एकड़)
अपेक्षित उपज
15–20 टन/हेक्टेयर (खुला खेत)
उपयुक्त मिट्टी
दोमट

इस किस्म के बारे में

कैलिफ़ोर्निया वंडर वह लंबे समय से स्थापित खुली-परागित बेल पेपर किस्म है जिससे ज़्यादातर भारतीय शिमला मिर्च प्रजनन जुड़ा है। सघन, मध्यम-लंबा पौधा मोटी-दीवार, चार-पालि, चौकोर हरे फल रखता जो पौधे पर छोड़ने पर लाल पकता, और चूँकि यह खुली-परागित है, एक स्वस्थ फ़सल से बीज बचाया जा सकता। यह खुले-खेत हरे-फल बाज़ार को व्यापक उगाई जाती रहती और अक्सर अन्य शिमला मिर्च किस्मों को वर्णित करने को संदर्भ प्रकार इस्तेमाल होती है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधिपहली कटाई रोपाई के ~70–75 दिन बाद
    उपज क्षमता15–20 टन/हेक्टेयर (खुला खेत)
    रोग-प्रतिरोधकोई विशेष प्रतिरोध नहीं; सामान्य विषाणु व मिल्ड्यू निगरानी
    मिट्टीदोमट
    सीज़नरबी

बुवाई व खेती

  • बुवाई का समयनर्सरी सितंबर में बोई; मैदानों में अक्टूबर–नवंबर रोपी जाती
  • बीज दरनर्सरी बुवाई को 400–500 ग्राम/हेक्टेयर (लगभग 160–200 ग्राम/एकड़)
  • दूरीकतारों के बीच 60–75 सेमी, पौधों के बीच 45–60 सेमी

उपज व अवधि

पकने की अवधि

पहली कटाई रोपाई के ~70–75 दिन बाद

अपेक्षित उपज

15–20 टन/हेक्टेयर (खुला खेत)

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • कोई विशेष प्रतिरोध नहीं; सामान्य विषाणु व मिल्ड्यू निगरानी

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • खुली-परागित — एक स्वस्थ फ़सल से बीज बचाया जा सकता
  • व्यापक उपलब्ध व उगाने वालों व ख़रीदारों दोनों को अच्छी समझी
  • मोटी-दीवार, एक-समान, चौकोर हरा फल

ध्यान रखने योग्य बातें

  • पत्ती-मोड़ विषाणु या बैक्टीरियल विल्ट को कोई विशेष प्रतिरोध नहीं — मानक वाहक व जल-निकासी प्रबंधन फिर भी चाहिए
  • आधुनिक F1 हाइब्रिडों से कम उपज

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • उत्तर प्रदेश
  • कर्नाटक
  • महाराष्ट्र
  • पंजाब