Bomby / Orobelle (coloured F1 hybrids)
रंगीन शिमला मिर्च के लिए Syngenta की दो प्राइवेट F1 हाइब्रिड। बोम्बी का पौधा ऊँचा है, उसे सहारा देना पड़ता है, और चमकदार लाल फल हरा भी बेचा जा सकता है। ओरोबेल का चौकोर फल हरे से पीला होता है और खुले खेत और नेट हाउस के लिए बताया गया है।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- शिमला मिर्च
- प्रकार
- हाइब्रिड
- सीज़न
- सभी सीज़न
- पकने की अवधि
- पके हरे फल की तुड़ाई 60–70 दिन से; लाल (बोम्बी) या पीला (ओरोबेल) रंग आने में और समय लगता है
- बीज दर
- Syngenta के अनुसार 250–300 ग्राम प्रति एकड़ (लगभग 620–740 ग्राम प्रति हेक्टेयर)
- अपेक्षित उपज
- Syngenta के अनुसार बोम्बी 12 टन/एकड़ (लगभग 30 टन/हेक्टेयर); ओरोबेल का आँकड़ा प्रकाशित नहीं
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- रोग-प्रतिरोध
- ओरोबेल: Syngenta "कई प्रतिरोध" कहती है पर किसी का नाम नहीं लेती। बोम्बी: कोई दावा नहीं
- जारी
- Syngenta की प्राइवेट हाइब्रिड; सरकारी संस्थान की जारी की हुई नहीं
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।
इस किस्म के बारे में
बोम्बी और ओरोबेल Syngenta की प्राइवेट F1 हाइब्रिड हैं। बोम्बी का पौधा मज़बूत, ठोस और ऊँचा है और उसे सहारा देना पड़ता है। यह जल्दी वाली हाइब्रिड है, अच्छी शाखाएँ निकालती है और घने पत्ते फल को छाया देते हैं। फल कच्चे में गहरा हरा होता है और पकने पर चमकदार लाल हो जाता है, मध्यम आकार का, चौकोर, लगभग 130–150 ग्राम का, 10–11 सेमी लंबा और 10 सेमी गोलाई का, 3–4 खानों वाला। Syngenta के अनुसार यह हरे और लाल, दोनों ताज़े फल की कटाई के लिए ठीक है, लंबे सफ़र में टिकती है, और औसत उपज 12 टन/एकड़ है। ओरोबेल चौकोर फल वाली हाइब्रिड है जो पकने पर हरे से पीली होती है और ठंडे मौसम में भी अच्छी फल पकड़ती है। फल लगभग चौकोर, 10 x 9 सेमी का, मध्यम मोटी दीवार का और औसतन लगभग 150 ग्राम का है। Syngenta इसे खुले खेत और नेट हाउस के लिए बताती है, और उसके शिमला मिर्च वाले पेज पर ग्रीनहाउस या प्लास्टिक के नीचे भी लिखा है। पौधे की ताक़त मध्यम-मज़बूत है, और Syngenta ने इसकी कोई उपज प्रकाशित नहीं की। ये कंपनी के अपने आँकड़े हैं।
क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?
चमकदार लाल फल चाहिए और ऊँचे पौधे को सहारा देने को तैयार हैं तो बोम्बी चुनिए। Syngenta के अनुसार इसे हरा या लाल बेचा जा सकता है, यह लंबे सफ़र में टिकती है और 12 टन/एकड़ (लगभग 30 टन/हेक्टेयर) देती है। खुले खेत या नेट हाउस के लिए चौकोर, हरे से पीला होने वाला फल चाहिए तो ओरोबेल चुनिए। इसकी कोई उपज Syngenta ने प्रकाशित नहीं की। सिर्फ़ हरा फल बेचते हैं तो इंद्रा लीजिए। हाइब्रिड बीज का ख़र्च परेशान करता है तो अर्का मोहिनी लीजिए। पेच यह है कि रंग के लिए ज़्यादा भाव देने वाला ख़रीदार चाहिए, और यहाँ का हर आँकड़ा Syngenta का अपना है।
बुवाई और खेती
- बुवाई का समयगर्मी, रबी और खरीफ़। Syngenta रबी के लिए कम राज्य गिनाती है, इसलिए उसके पेज पर अपना राज्य देख लीजिए
- बीज दरSyngenta के अनुसार 250–300 ग्राम प्रति एकड़ (लगभग 620–740 ग्राम प्रति हेक्टेयर)
- दूरीSyngenta के अनुसार 150 x 45 सेमी (कतार से पौधा)। बोम्बी को सहारा देना पड़ता है
- उर्वरकSyngenta प्रति एकड़ कुल 80:100:120 किग्रा N:P:K और 8–10 टन गोबर खाद बताती है। आधी N और पूरी P व K आधार खुराक में दीजिए, फिर 25% N 30 दिन पर और 25% N 50 दिन पर (Syngenta के पाठ में ये दिन बुवाई से गिने गए हैं)
फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- बोम्बी को हरा या लाल बेचा जा सकता है, और यह लंबे सफ़र में टिकती है।
- ओरोबेल ठंडे मौसम में अच्छी फल पकड़ती है और खुले खेत और नेट हाउस के लिए बताई गई है।
- Syngenta दोनों को पूरे भारत के लिए सुझाती है।
ध्यान रखने योग्य बातें
- रंगीन फल ज़्यादा तभी कमाता है जब उसका भाव देने वाला ख़रीदार हो। बीज लेने से पहले भाव और हफ़्ते की मात्रा पूछ लीजिए।
- हाइब्रिड बीज महँगा है और हर मौसम में नया ख़रीदना पड़ता है।
- बोम्बी का पौधा ऊँचा है और उसे सहारा देना पड़ता है, जिससे मज़दूरी और सामान का ख़र्च बढ़ता है।
- Syngenta ने ओरोबेल की कोई उपज प्रकाशित नहीं की, और "कई प्रतिरोध" कहती है पर नाम नहीं बताती।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।
- महाराष्ट्र
- आंध्र प्रदेश
- तेलंगाना
- कर्नाटक
- गुजरात
- राजस्थान
- तमिलनाडु
- मध्य प्रदेश
- छत्तीसगढ़
- उत्तर प्रदेश
- बिहार
- झारखंड
- पश्चिम बंगाल
- हरियाणा
- हिमाचल प्रदेश
- उत्तराखंड
- ओडिशा
- पंजाब
बीज लेने से पहले लाल और पीले फल का ख़रीदार तय कीजिए
रंगीन शिमला मिर्च का अतिरिक्त पैसा तभी मिलता है जब वह सही ख़रीदार तक पहुँचे: रिटेल चेन, होटलों को माल देने वाला या निर्यातक। स्थानीय सब्ज़ी मंडी लाल या पीले का शायद ही ज़्यादा पैसा दे।
Syngenta के अनुसार बोम्बी हरे और लाल, दोनों ताज़े फल की कटाई के लिए ठीक है। यानी आपके पास चुनाव है: लगभग 60–70 दिन से हरा बेचिए, या रंग का इंतज़ार कीजिए। रंग के लिए पौधे पर छोड़ा फल बिकने में ज़्यादा समय लेता है, इसलिए ख़रीदार के असली भाव से हिसाब लगाइए कि कौन-सा तरीक़ा ज़्यादा देता है।
बीज मँगाने से पहले ख़रीदार से हर रंग का भाव, चाहा गया ग्रेड और हफ़्ते में कितने किलो लेगा, यह पूछ लीजिए। फिर देखिए कि भाव बीज, सहारे और अतिरिक्त हफ़्तों का ख़र्च निकाल पाता है या नहीं।
रोपाई सामग्री कहाँ से आती है
यह हाइब्रिड है, इसलिए अपनी फ़सल से रखा बीज अगली बार वैसा नहीं उगता। पौधों की ऊँचाई, पकने का समय और उपज — सब ऊपर-नीचे हो जाती है। हर सीज़न नया प्रमाणित बीज ख़रीदिए और बोरे का टैग कटाई तक सँभालकर रखिए।
दूसरी किस्मों से तुलना
शिमला मिर्च की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।
| किस्म | किसके लिए ठीक | पकने की अवधि | उपज | राज्य |
|---|---|---|---|---|
| Arka Basant | ICAR-IIHR की छोटी, क्रीम रंग की, नुकीली शिमला मिर्च जो पकने पर नारंगी-लाल हो जाती है | पूरा चक्र लगभग 150–160 दिन | लगभग 15 टन/हेक्टेयर | कर्नाटक |
| Arka Gaurav | ICAR-IIHR की जीवाणु उकठा सहने वाली हरी शिमला मिर्च, जो पकने पर नारंगी-पीली हो जाती है | पूरा चक्र लगभग 150 दिन | लगभग 16 टन/हेक्टेयर | कर्नाटक, आंध्र प्रदेश |
| Arka Mohini | ICAR-IIHR की मोटी दीवार वाली, गहरी हरी, चौकोर शिमला मिर्च जो पकने पर लाल होती है, उपज लगभग 20 टन/हेक्टेयर | पूरा चक्र लगभग 160 दिन | लगभग 20 टन/हेक्टेयर | कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु |
| Bomby / Orobelle (coloured F1 hybrids)यही पेज | Syngenta की रंगीन F1 शिमला मिर्च, उन किसानों के लिए जो लाल या पीला फल बेच सकते हैं और पौधों को सहारा देते हैं | पके हरे फल की तुड़ाई 60–70 दिन से; लाल (बोम्बी) या पीला (ओरोबेल) रंग आने में और समय लगता है | Syngenta के अनुसार बोम्बी 12 टन/एकड़ (लगभग 30 टन/हेक्टेयर); ओरोबेल का आँकड़ा प्रकाशित नहीं | महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, गुजरात, राजस्थान, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा, पंजाब |
| California Wonder | सीधी खुले परागण की हरी शिमला मिर्च, जिससे भारत की कई शिमला मिर्च किस्में निकली हैं और जिसका बीज खुद रखा जा सकता है | पहली तुड़ाई रोपाई के लगभग 90–100 दिन बाद | 15–20 टन/हेक्टेयर (खुला खेत) | उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पंजाब |
| Indra (F1 hybrid) | मज़बूत पौधे और एक-से 170 ग्राम के फल वाली प्राइवेट F1 हरी शिमला मिर्च, दूर के बाज़ार में बेचने वाले किसानों के लिए | रोपाई के 50–55 दिन बाद फल लगना शुरू; पके, सख़्त हरे फल की तुड़ाई 60–70 दिन से | Syngenta के अनुसार 12–15 टन/एकड़ (लगभग 30–37 टन/हेक्टेयर) | महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा, पंजाब, तमिलनाडु |
| Yolo Wonder | कैलिफ़ोर्निया वंडर जैसी खुले परागण की हरी शिमला मिर्च, जिसका फल थोड़ा गहरा और कुछ लंबा होता है | पहली तुड़ाई रोपाई के लगभग 70–80 दिन बाद | 15–20 टन/हेक्टेयर (खुला खेत) | उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र |
इस फ़सल के कैलकुलेटर
आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और शिमला मिर्च का भाव क्या चल रहा है।
- बीज दर कैलकुलेटरआपके शिमला मिर्च के खेत के लिए कितना बीज चाहिए — आपके बोरे के अंकुरण के हिसाब से सुधारा हुआ।
- अंकुरण कैलकुलेटरबुवाई से पहले बोरे के 100 बीज जाँचिए और देखिए कि बीज बोने लायक है या नहीं।
- बीज किस्म खोजकइस साइट की हर शिमला मिर्च किस्म को राज्य, सीज़न, अवधि और मिट्टी से छानिए।
- खाद कैलकुलेटरशिमला मिर्च की एनपीके सिफ़ारिश को अपने खेत के हिसाब से यूरिया, डीएपी और एमओपी के बोरों में बदलिए।
- फ़सल कैलेंडरआपके राज्य में शिमला मिर्च की बुवाई, निराई, सिंचाई और कटाई के महीने।
- फ़सल लाभ कैलकुलेटरबीज, मज़दूरी और लागत को इस किस्म से मिलने वाली उपज के सामने रखकर देखिए।
- मंडी भाव जाँचकव्यापारी से भाव तय करने से पहले अपनी नज़दीकी मंडी में शिमला मिर्च का आज का रेट देखिए।
सब्सिडी और सरकारी मदद
शिमला मिर्च के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या बोम्बी और ओरोबेल को पॉलीहाउस चाहिए?
Syngenta के अनुसार नहीं। वह ओरोबेल को खुले खेत और नेट हाउस के लिए बताती है, और उसके शिमला मिर्च वाले पेज पर ग्रीनहाउस या प्लास्टिक के नीचे भी लिखा है। बोम्बी पर ऐसी कोई रोक नहीं लगाई। जाली या प्लास्टिक तेज़ धूप से रंग बचा सकते हैं, पर पॉलीहाउस बीज की शर्त नहीं है।
क्या बोम्बी और ओरोबेल एक ही किस्म हैं?
नहीं। बोम्बी ऊँचा, सहारे वाला पौधा है जिसका चमकदार लाल फल लगभग 130–150 ग्राम का होता है। ओरोबेल का चौकोर फल लगभग 150 ग्राम का होता है जो हरे से पीला होता है, और पौधे की ताक़त मध्यम-मज़बूत है। दोनों साथ दी गई हैं क्योंकि दोनों रंगीन शिमला मिर्च के लिए बिकती हैं।
क्या बोम्बी या ओरोबेल का बीज खुद रखा जा सकता है?
नहीं। ये F1 हाइब्रिड हैं, इसलिए आपकी फसल का बीज वैसा नहीं निकलेगा। हर मौसम नया बीज ख़रीदिए। Syngenta प्रति एकड़ 250–300 ग्राम बीज बताती है, यानी लगभग 620–740 ग्राम प्रति हेक्टेयर।
बोम्बी और ओरोबेल से कितनी उपज की उम्मीद रखूँ?
Syngenta मौसम और खेती के तरीक़े के हिसाब से बोम्बी की औसत उपज 12 टन/एकड़ बताती है, यानी लगभग 30 टन/हेक्टेयर। ओरोबेल की कोई उपज प्रकाशित नहीं है। पॉलीहाउस के लिए 60–100 टन/हेक्टेयर के आँकड़े चलते हैं, पर उनका कोई स्रोत नहीं है, इसलिए हिसाब Syngenta के आँकड़े पर या उससे कम पर लगाइए।
मेरे रंगीन फल का रंग असमान या धूप से जला हुआ क्यों है?
पत्तों से न ढके फल पर सीधी तेज़ धूप और तापमान का बड़ा उतार-चढ़ाव आम कारण हैं। बोम्बी के घने पत्ते फल को छाया देते हैं, इसलिए पत्तों की भारी छँटाई मत कीजिए। सबसे गर्म हफ़्तों में छाया-जाली मदद करती है।
स्रोत: Bomby — Variety Capsicum, Syngenta India (traits, agronomy, expected yield), Orobelle — Variety Capsicum, Syngenta India (overview, recommended states, agronomy), Sweet Pepper — Syngenta India (plant and fruit description of Bomby, Orobelle and Indra). संपादकीय नीति.
