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Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
शिमला मिर्चसभी सीज़नहाइब्रिडअंतिम अपडेट: 20 अक्टूबर 2026

Indra (F1 hybrid)

Syngenta की प्राइवेट F1 हाइब्रिड, जिसे कंपनी खरीफ़, रबी और गर्मी में पूरे भारत के लिए सुझाती है। पौधा मध्यम ऊँचा और झाड़ीदार है, और गहरा हरा, चमकदार, मोटी दीवार वाला फल लगभग 170 ग्राम का होता है। कंपनी 12–15 टन/एकड़ उपज बताती है।

सीज़नसभी सीज़न
पकने की अवधिरोपाई के 50–55 दिन बाद फल लगना शुरू; पके, सख़्त हरे फल की तुड़ाई 60–70 दिन से
अपेक्षित उपजSyngenta के अनुसार 12–15 टन/एकड़ (लगभग 30–37 टन/हेक्टेयर)
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
हाइब्रिड
सीज़न
सभी सीज़न
पकने की अवधि
रोपाई के 50–55 दिन बाद फल लगना शुरू; पके, सख़्त हरे फल की तुड़ाई 60–70 दिन से
बीज दर
Syngenta के अनुसार 250–300 ग्राम प्रति एकड़ (लगभग 620–740 ग्राम प्रति हेक्टेयर)
अपेक्षित उपज
Syngenta के अनुसार 12–15 टन/एकड़ (लगभग 30–37 टन/हेक्टेयर)
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
रोग-प्रतिरोध
मज़बूत पौधा; किसी रोग-प्रतिरोध का दावा नहीं
जारी
Syngenta की प्राइवेट हाइब्रिड; सरकारी संस्थान की जारी की हुई नहीं

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।

इस किस्म के बारे में

इंद्रा Syngenta की प्राइवेट F1 हाइब्रिड शिमला मिर्च है। कंपनी इसे खरीफ़, रबी और गर्मी में पूरे भारत के लिए सुझाती है, और ठंड तथा गर्मी दोनों में अच्छा फल लगना और ज़्यादा जगह चलना बताती है। पौधा मध्यम ऊँचा और झाड़ीदार है, बढ़वार मज़बूत है, गाँठों के बीच दूरी कम है और घने गहरे हरे पत्ते फल को छाया देते हैं। फल गहरा हरा, चमकदार और मोटी दीवार का है, लगभग 170 ग्राम का, 10–12 सेमी लंबा, 10 सेमी गोलाई वाला, 3–4 खानों का। Syngenta के अनुसार रोपाई के 50–55 दिन बाद फल लगना शुरू होता है और फल लंबे सफ़र में टिकता है। कंपनी मौसम और खेती के तरीक़े के हिसाब से औसत उपज 12–15 टन/एकड़ बताती है। ये कंपनी के अपने आँकड़े हैं। इंद्रा का कोई स्वतंत्र परीक्षण प्रकाशित नहीं है।

क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?

हाइब्रिड बीज का पैसा दे सकते हैं और दूर के बाज़ार में बेचते हैं तो इंद्रा चुनिए। Syngenta गहरा हरा, चमकदार, मोटी दीवार वाला, लगभग 170 ग्राम का फल बताती है जो सफ़र में टिकता है, और 12–15 टन/एकड़ (लगभग 30–37 टन/हेक्टेयर) उपज देती है। रोपाई के 50–55 दिन बाद फल लगना शुरू होता है। सरकारी संस्थान का बीज चाहिए जो खुद रख सकें तो अर्का मोहिनी लीजिए। सबसे सस्ती खुले परागण की हरी किस्म चाहिए तो कैलिफ़ोर्निया वंडर लीजिए। लाल फल चाहिए तो बोम्बी लीजिए। पेच यह है कि इंद्रा का हर आँकड़ा Syngenta का है, कोई स्वतंत्र परीक्षण प्रकाशित नहीं है।

बुवाई और खेती

  • बुवाई का समयगर्मी, रबी और खरीफ़; Syngenta इसे तीनों मौसम के लिए सुझाती है
  • बीज दरSyngenta के अनुसार 250–300 ग्राम प्रति एकड़ (लगभग 620–740 ग्राम प्रति हेक्टेयर)
  • दूरीSyngenta के अनुसार 150 x 45 सेमी (कतार से पौधा), प्रति एकड़ 12,000–14,000 पौधे
  • उर्वरकSyngenta प्रति एकड़ कुल 80:100:120 किग्रा N:P:K और 8–10 टन गोबर खाद बताती है। आधी N और पूरी P व K आधार खुराक में दीजिए, फिर 25% N 30 दिन पर और 25% N 50 दिन पर (Syngenta के पाठ में ये दिन बुवाई से गिने गए हैं)
  • कटाईपूरे पके, सख़्त हरे फल की तुड़ाई 60–70 दिन से शुरू होती है, फिर हर 5 से 7 दिन पर। समय पर तुड़ाई से पौधे में फूल आते रहते हैं

फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • Syngenta ठंड और गर्मी दोनों में अच्छा फल लगना और पूरे भारत में चलना बताती है।
  • मज़बूत पौधा, गाँठों के बीच कम दूरी, और घने पत्ते जो फल को छाया देते हैं।
  • मोटी दीवार का, चमकदार, लगभग 170 ग्राम का फल जो सफ़र में टिकता है।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • हाइब्रिड बीज महँगा है और हर मौसम में नया ख़रीदना पड़ता है।
  • Syngenta पत्ती मुड़न विषाणु से बचाव का दावा नहीं करती, इसलिए नर्सरी से ही सफ़ेद मक्खी और थ्रिप्स पर नियंत्रण रखिए।
  • हर आँकड़ा Syngenta का है। उसके पेज पर प्रति एकड़ 12,000–14,000 पौधे और 150 x 45 सेमी दूरी, दोनों दिए हैं। ये आपस में मेल नहीं खाते (150 x 45 सेमी पर प्रति एकड़ लगभग 60,000 पौधे आते हैं)। इसलिए क्यारियों की बनावट Syngenta के कृषि सलाहकार से पूछ लीजिए।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।

  • महाराष्ट्र
  • आंध्र प्रदेश
  • तेलंगाना
  • कर्नाटक
  • गुजरात
  • राजस्थान
  • मध्य प्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • बिहार
  • झारखंड
  • पश्चिम बंगाल
  • हरियाणा
  • हिमाचल प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • ओडिशा
  • पंजाब
  • तमिलनाडु

फल शुरू होने के हिसाब से अपना पैसे का आना-जाना तय कीजिए

Syngenta के अनुसार रोपाई के 50–55 दिन बाद फल लगना शुरू होता है, और पूरे पके हरे फल की तुड़ाई 60–70 दिन से होती है। दूसरी गिनती कहाँ से शुरू होती है, यह नहीं बताया। रोपाई से शुरू होती हो तो आपकी तुड़ाई कैलिफ़ोर्निया वंडर से 20 से 40 दिन पहले शुरू होगी, जिसे IARI की सूची में 90–100 दिन का बताया है।

यह बढ़त तभी काम की है जब आप उसका इस्तेमाल कर सकें। पहला फल आते ही तुड़ाई के मज़दूर, क्रेट और ख़रीदार तैयार रखिए, और देख लीजिए कि आपकी मंडी में शुरू के मौसम का भाव बाद वाले से ऊँचा रहता है।

फिर हाइब्रिड बीज के अतिरिक्त ख़र्च की तुलना उन अतिरिक्त हफ़्तों की बिक्री के पैसे से कीजिए। हिसाब रुपये प्रति एकड़ में, डीलर के असली बीज भाव से लगाइए, ब्रोशर से नहीं।

रोपाई सामग्री कहाँ से आती है

यह हाइब्रिड है, इसलिए अपनी फ़सल से रखा बीज अगली बार वैसा नहीं उगता। पौधों की ऊँचाई, पकने का समय और उपज — सब ऊपर-नीचे हो जाती है। हर सीज़न नया प्रमाणित बीज ख़रीदिए और बोरे का टैग कटाई तक सँभालकर रखिए।

दूसरी किस्मों से तुलना

शिमला मिर्च की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।

किस्मकिसके लिए ठीकपकने की अवधिउपजराज्य
Arka BasantICAR-IIHR की छोटी, क्रीम रंग की, नुकीली शिमला मिर्च जो पकने पर नारंगी-लाल हो जाती हैपूरा चक्र लगभग 150–160 दिनलगभग 15 टन/हेक्टेयरकर्नाटक
Arka GauravICAR-IIHR की जीवाणु उकठा सहने वाली हरी शिमला मिर्च, जो पकने पर नारंगी-पीली हो जाती हैपूरा चक्र लगभग 150 दिनलगभग 16 टन/हेक्टेयरकर्नाटक, आंध्र प्रदेश
Arka MohiniICAR-IIHR की मोटी दीवार वाली, गहरी हरी, चौकोर शिमला मिर्च जो पकने पर लाल होती है, उपज लगभग 20 टन/हेक्टेयरपूरा चक्र लगभग 160 दिनलगभग 20 टन/हेक्टेयरकर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु
Bomby / Orobelle (coloured F1 hybrids)Syngenta की रंगीन F1 शिमला मिर्च, उन किसानों के लिए जो लाल या पीला फल बेच सकते हैं और पौधों को सहारा देते हैंपके हरे फल की तुड़ाई 60–70 दिन से; लाल (बोम्बी) या पीला (ओरोबेल) रंग आने में और समय लगता हैSyngenta के अनुसार बोम्बी 12 टन/एकड़ (लगभग 30 टन/हेक्टेयर); ओरोबेल का आँकड़ा प्रकाशित नहींमहाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, गुजरात, राजस्थान, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा, पंजाब
California Wonderसीधी खुले परागण की हरी शिमला मिर्च, जिससे भारत की कई शिमला मिर्च किस्में निकली हैं और जिसका बीज खुद रखा जा सकता हैपहली तुड़ाई रोपाई के लगभग 90–100 दिन बाद15–20 टन/हेक्टेयर (खुला खेत)उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पंजाब
Indra (F1 hybrid)यही पेजमज़बूत पौधे और एक-से 170 ग्राम के फल वाली प्राइवेट F1 हरी शिमला मिर्च, दूर के बाज़ार में बेचने वाले किसानों के लिएरोपाई के 50–55 दिन बाद फल लगना शुरू; पके, सख़्त हरे फल की तुड़ाई 60–70 दिन सेSyngenta के अनुसार 12–15 टन/एकड़ (लगभग 30–37 टन/हेक्टेयर)महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा, पंजाब, तमिलनाडु
Yolo Wonderकैलिफ़ोर्निया वंडर जैसी खुले परागण की हरी शिमला मिर्च, जिसका फल थोड़ा गहरा और कुछ लंबा होता हैपहली तुड़ाई रोपाई के लगभग 70–80 दिन बाद15–20 टन/हेक्टेयर (खुला खेत)उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र

इस फ़सल के कैलकुलेटर

आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और शिमला मिर्च का भाव क्या चल रहा है।

सब्सिडी और सरकारी मदद

शिमला मिर्च के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या इंद्रा का बीज खुद रखा जा सकता है?

नहीं। इंद्रा F1 हाइब्रिड है, इसलिए आपकी फसल का बीज वैसा नहीं निकलेगा और उपज गिर जाएगी। हर मौसम नया बीज ख़रीदिए।

इंद्रा में फल कितनी जल्दी आने लगते हैं?

Syngenta के अनुसार रोपाई के 50–55 दिन बाद फल लगना शुरू होता है, और पूरे पके हरे फल की तुड़ाई 60–70 दिन से होती है। IARI की सूची में कैलिफ़ोर्निया वंडर की पहली तुड़ाई 90–100 दिन पर है। इंद्रा के दिनों को कंपनी के आँकड़े मानिए और पहली फसल में अपनी तारीख़ें लिख लीजिए।

इंद्रा कितनी उपज देती है?

Syngenta मौसम और खेती के तरीक़े के हिसाब से औसत 12–15 टन/एकड़ बताती है, यानी लगभग 30–37 टन/हेक्टेयर, फल लगभग 170 ग्राम का। यह कंपनी का अपना दायरा है, इसलिए इसे लक्ष्य मानिए। अर्का मोहिनी की IIHR की सूची में उपज लगभग 20 टन/हेक्टेयर है, जो अलग परीक्षण का आँकड़ा है।

इंद्रा का कितना बीज और कितने पौधे चाहिए?

Syngenta प्रति एकड़ 250–300 ग्राम बीज बताती है, यानी लगभग 620–740 ग्राम प्रति हेक्टेयर, और प्रति एकड़ 12,000–14,000 पौधे। उसकी 150 x 45 सेमी की दूरी पर इससे कहीं ज़्यादा पौधे आएँगे, इसलिए बीज मँगाने से पहले क्यारियों की बनावट Syngenta के कृषि सलाहकार से पूछ लीजिए।

इंद्रा किन राज्यों और मौसमों के लिए सुझाई गई है?

Syngenta इसे पूरे भारत के लिए सुझाती है और खरीफ़ और गर्मी के लिए 18 राज्य गिनाती है, जिनमें महाराष्ट्र, कर्नाटक, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु शामिल हैं। रबी के लिए भी ज़्यादातर राज्य दिए हैं। अपने इलाके में इसे उगा चुके किसानों से पूछ लीजिए।

स्रोत: Indra — Variety Capsicum, Syngenta India (traits, agronomy, expected yield), Sweet Pepper — Syngenta India (plant and fruit description of Indra, Bomby and Orobelle). संपादकीय नीति.