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Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
गाजररबीखुली-परागितअपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Pusa Asita (black carrot)

एक IARI किस्म, गहरी बैंगनी-काली जड़ों के साथ जो एंथोसायनिन से भरपूर, टेबल के बजाय कांजी, जूस व प्राकृतिक-रंग बाज़ार के लिए उगाई जाती; जड़ें लंबी व स्वयं-रंगी।

सीज़नरबी
पकने की अवधि100–110 दिन
अपेक्षित उपज20–25 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीगहरी, ढीली, पत्थर-रहित बलुई दोमट से दोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
गाजर
प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
100–110 दिन
अपेक्षित उपज
20–25 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
गहरी, ढीली, पत्थर-रहित बलुई दोमट से दोमट
जारी
ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली द्वारा जारी

इस किस्म के बारे में

पूसा असिता ICAR-IARI, नई दिल्ली की एक काली (गहरी बैंगनी) गाजर है, एक ऊँचे एंथोसायनिन-अंश से भर-भर रंगी। यह एक टेबल गाजर के बजाय एक विशेष फ़सल के रूप में उगाई जाती — मुख्य बाज़ार परंपरागत किण्वित पेय कांजी, काली-गाजर जूस, और एक प्राकृतिक खाद्य रंग के रूप में उपयोग हैं। जड़ें लंबी व स्वयं-रंगी और लाल प्रकारों जैसी उसी अक्टूबर–नवंबर खिड़की की बुवाई से लगभग 100–110 दिन में पकतीं।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधि100–110 दिन
    उपज क्षमता20–25 टन/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधकोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं
    मिट्टीगहरी, ढीली, पत्थर-रहित बलुई दोमट से दोमट
    सीज़नरबी

उपज व अवधि

पकने की अवधि

100–110 दिन

अपेक्षित उपज

20–25 टन/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • कोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • गहरी बैंगनी-काली, एंथोसायनिन-भरपूर जड़ें — एक असली श्रेष्ठ व विशेष फ़सल
  • कांजी, जूस व प्राकृतिक-खाद्य-रंग व्यापार से मज़बूत माँग
  • लंबी, स्वयं-रंगी जड़ें जो लाल प्रकारों के उसी कैलेंडर पर बढ़तीं

ध्यान रखने योग्य बातें

  • एक विशेष फ़सल — ख़रीदार (कांजी बनाने वाला, जूस इकाई, रंग प्रसंस्करणकर्ता) आमतौर बड़े रक़बे की बुवाई से पहले तय करना होता
  • लाल एशियाई प्रकारों से पकने में थोड़ी ज़्यादा, और कोई विशेष रोग प्रतिरोध नहीं

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • उत्तर प्रदेश
  • पंजाब
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • राजस्थान