गाजररबीखुली-परागितअपडेट किया गया 6 सितंबर 2026
Pusa Nayanjyoti
एक IARI लाल एशियाई किस्म, ऊँचे कैरोटीन व अच्छी जड़-लंबाई व एकरूपता के साथ, मुख्य मैदानी सर्दी फ़सल को उपयुक्त।
सीज़नरबी
पकने की अवधि90–100 दिन
अपेक्षित उपज25–30 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीगहरी, ढीली, पत्थर-रहित बलुई दोमट से दोमट
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- गाजर
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- रबी
- पकने की अवधि
- 90–100 दिन
- अपेक्षित उपज
- 25–30 टन/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- गहरी, ढीली, पत्थर-रहित बलुई दोमट से दोमट
- जारी
- ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली द्वारा जारी
इस किस्म के बारे में
पूसा नयनज्योति ICAR-IARI, नई दिल्ली की एक उष्ण (एशियाई) लाल गाजर है, एक ऊँचे कैरोटीन-अंश के साथ-साथ अच्छी जड़-लंबाई, चिकनाई व एकरूपता के लिए चुनी गई। यह मुख्य उत्तरी-मैदान सर्दी फ़सल में बैठती, सितंबर–नवंबर बोई व लगभग 90–100 दिन में उखाड़ी, और ताज़ा बाज़ार व पोषण-केंद्रित बिक्री के लिए उगाई जाती।
मुख्य विशेषताएँ
पौध प्रकारखुली-परागित
अवधि90–100 दिन
उपज क्षमता25–30 टन/हेक्टेयर
रोग-प्रतिरोधकोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं
मिट्टीगहरी, ढीली, पत्थर-रहित बलुई दोमट से दोमट
सीज़नरबी
उपज व अवधि
पकने की अवधि
90–100 दिन
अपेक्षित उपज
25–30 टन/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- कोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- ऊँचा कैरोटीन-अंश — एक पोषण व जूस बिक्री-बिंदु
- ताज़ा सर्दी बाज़ार को लंबी, चिकनी, एक-समान जड़ें
- मानक उत्तरी-मैदान सर्दी कैलेंडर में बैठती
ध्यान रखने योग्य बातें
- कोई विशेष रोग प्रतिरोध नहीं — अल्टरनेरिया पत्ती-झुलसा पर नज़र रखनी होती
- जड़-गुणवत्ता एक गहरी, ढीली, पत्थर-रहित बीज-क्यारी पर निर्भर, जिसमें ताज़ी खाद न हो
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- उत्तर प्रदेश
- पंजाब
- हरियाणा
- बिहार
- दिल्ली
