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गाजररबीयूरोपीय (समशीतोष्ण) खुली-परागित प्रकारअपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Nantes

क्लासिक समशीतोष्ण यूरोपीय प्रकार — बेलनाकार, कुंद-सिरा, चमकीली नारंगी, मीठी, लगभग बिना-गूदा-केंद्र जड़ें। इसे रंग के लिए ठंडा मौसम चाहिए और आसानी से फूल पर नहीं जाती, पर गरम मैदानों में ख़राब उपज देती और मुख्यतः पहाड़ों में उगाई जाती।

सीज़नरबी
पकने की अवधि100–120 दिन
अपेक्षित उपज10–15 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीगहरी, ढीली, पत्थर-रहित बलुई दोमट से दोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
गाजर
प्रकार
यूरोपीय (समशीतोष्ण) खुली-परागित प्रकार
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
100–120 दिन
अपेक्षित उपज
10–15 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
गहरी, ढीली, पत्थर-रहित बलुई दोमट से दोमट

इस किस्म के बारे में

नैंट्स (व इसकी "अर्ली नैंट्स" प्रजातियाँ) मानक समशीतोष्ण, यूरोपीय-प्रकार गाजर है — बेलनाकार, कुंद सिरे के साथ, चमकीले नारंगी छिलके व गूदे, मीठी, कुरकुरी और लगभग कोई अलग केंद्र नहीं। इसे अपना रंग व मिठास विकसित करने को सच्चा ठंडा मौसम (लगभग 15–21°C) चाहिए, इसलिए भारत में यह एक पहाड़ी फ़सल है, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, कश्मीर व नीलगिरि में उगाई जाती और बसंत में बोई जाती। यह आसानी से फूल पर नहीं जाती, पर गरम मैदानों में यह फीकी, छोटी व कम-उपज रहती — मैदानों को इसके बजाय एक एशियाई लाल प्रकार चाहिए।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारयूरोपीय (समशीतोष्ण) खुली-परागित प्रकार
    अवधि100–120 दिन
    उपज क्षमता10–15 टन/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधकोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं
    मिट्टीगहरी, ढीली, पत्थर-रहित बलुई दोमट से दोमट
    सीज़नरबी

बुवाई व खेती

  • बुवाई का समयपहाड़ों में बसंत (मार्च–जून)

उपज व अवधि

पकने की अवधि

100–120 दिन

अपेक्षित उपज

10–15 टन/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • कोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • चमकीली नारंगी, मीठी, कुरकुरी, लगभग बिना-केंद्र जड़ें — श्रेष्ठ टेबल व सलाद प्रकार
  • आसानी से फूल पर नहीं जाती
  • पहाड़ों को अच्छी तरह उपयुक्त जहाँ ठंडा मौसम उपलब्ध

ध्यान रखने योग्य बातें

  • रंग के लिए सच्चा ठंडा मौसम चाहिए — गरम मैदानों में फीकी, छोटी व कम-उपज रहती
  • पहाड़ों में भी एशियाई लाल प्रकारों से कम उपज; पकने में ज़्यादा समय
  • समशीतोष्ण प्रकार मैदानों में शायद ही बीज बनाते, इसलिए हर साल बीज ख़रीदना पड़ता

उपयुक्त क्षेत्र

पहाड़ों के लिए एक समशीतोष्ण यूरोपीय गाजर — हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, कश्मीर व नीलगिरि — जहाँ इसे रंग के लिए चाहिए ठंडा मौसम उपलब्ध है। यह गरम मैदानों में ख़राब उपज देती।

  • हिमाचल प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • जम्मू और कश्मीर
  • तमिलनाडु