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गाजररबीयूरोपीय (ठंडे इलाके की) खुले परागण की किस्मअंतिम अपडेट: 20 अक्टूबर 2026

Nantes

ठंडे इलाके की जानी-मानी यूरोपीय गाजर: छोटी, बेलनाकार, चमकदार नारंगी, मीठी जड़ें जिनका बीच का हिस्सा भी रंगीन है। अच्छा रंग चढ़ने के लिए इसे ठंडा मौसम चाहिए। राष्ट्रीय सूची में बुवाई मध्य अक्टूबर से दिसंबर की शुरुआत तक और उपज लगभग 12 टन/हेक्टेयर दी है।

सीज़नरबी
पकने की अवधि90–100 दिन
अपेक्षित उपजलगभग 12 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीगहरी, भुरभुरी, बिना पत्थर वाली बलुई दोमट से दोमट मिट्टी

ज़रूरी तथ्य

फसल
गाजर
प्रकार
यूरोपीय (ठंडे इलाके की) खुले परागण की किस्म
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
90–100 दिन
अपेक्षित उपज
लगभग 12 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
गहरी, भुरभुरी, बिना पत्थर वाली बलुई दोमट से दोमट मिट्टी
रोग-प्रतिरोध
किसी खास रोग-प्रतिरोध का दावा नहीं

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।

इस किस्म के बारे में

Nantes (और इसकी Early Nantes जैसी नस्लें) ठंडे इलाके की मानक यूरोपीय किस्म की गाजर है। जड़ छोटी, बेलनाकार, कुंद सिरे वाली, चमकदार नारंगी, मीठी और कुरकुरी होती है, और बीच का हिस्सा गूदे जैसे रंग का होता है। रंग और मिठास आने के लिए इसे ठंडा मौसम चाहिए, लगभग 15–21°C। राष्ट्रीय सूची में बुवाई मध्य अक्टूबर से दिसंबर की शुरुआत तक, पकने में 90–100 दिन और उपज लगभग 12 टन/हेक्टेयर दी है। पहाड़ों में इसे बसंत में बोया जाता है। यह जल्दी बीज पर नहीं जाती, पर गर्म मौसम में जड़ें फीकी और छोटी रह जाती हैं। मैदानों में ज़्यादा उपज चाहने वाले किसान इसकी जगह एशियाई लाल किस्म लेते हैं।

क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?

आपका ख़रीदार सलाद के लिए छोटी, मीठी, चमकदार नारंगी गाजर माँगता है तो नैंट्स चुनिए। शर्त यह है कि आप उसे सच में ठंडा मौसम दे सकें (मैदानों में मध्य अक्टूबर से दिसंबर की शुरुआत, या पहाड़ों में बसंत)। यह 90–100 दिन लेती है और लगभग 12 टन/हेक्टेयर देती है। उपज (लगभग 30 टन/हेक्टेयर) और मंडी के लिए गहरी लाल जड़ें चाहिए तो पूसा केसर लीजिए। नारंगी गाजर ज़्यादा उपज के साथ चाहिए, पर हाइब्रिड बीज ख़रीदना मंज़ूर है तो पूसा नयनज्योति लीजिए।

बुवाई और खेती

  • बुवाई का समयमैदानों में मध्य अक्टूबर से दिसंबर की शुरुआत तक; पहाड़ों में बसंत (मार्च–जून)

फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • छोटी, चमकदार नारंगी, मीठी, कुरकुरी जड़ें जिनका बीच का हिस्सा भी रंगीन है। खाने और सलाद की मानक गाजर।
  • जल्दी बीज पर नहीं जाती।
  • जहाँ और जिन हफ़्तों में सच में ठंड रहती है, वहाँ ठीक बैठती है।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • रंग चढ़ने के लिए ठंडा मौसम चाहिए। गर्म मौसम में जड़ें फीकी और छोटी रहती हैं और उपज गिर जाती है।
  • लगभग 12 टन/हेक्टेयर की उपज पूसा केसर से बहुत कम है, जिसकी सूची में उपज लगभग 30 टन/हेक्टेयर है।
  • ठंडे इलाके की किस्में मैदानों में बीज कम ही बनाती हैं, इसलिए बीज हर साल ख़रीदना पड़ता है।

उपयुक्त क्षेत्र

ठंडे मौसम की यूरोपीय गाजर। राष्ट्रीय सूची में मैदानों के लिए बुवाई मध्य अक्टूबर से दिसंबर की शुरुआत तक दी है। पहाड़ों में इसे बसंत में बोया जाता है।

  • हिमाचल प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • जम्मू और कश्मीर
  • तमिलनाडु

सिर्फ़ तारीख़ नहीं, तापमान भी देखिए

नैंट्स में रंग और मिठास ठंडे मौसम में आती है, लगभग 15–21°C पर। ऊपर दी तारीख़ें, मध्य अक्टूबर से दिसंबर की शुरुआत, मैदानों के लिए एक अंदाज़ा हैं। अक्टूबर के आख़िर तक गर्मी बनी रहे तो तारीख़ देखकर बोने के बजाय बुवाई एक हफ़्ता टाल दीजिए।

गर्म मिट्टी में बोई गाजर कम उगती है और फिर फीकी जड़ें बनाती है। इसी वजह से नैंट्स को पहाड़ों की फसल कहा जाता है।

पौधे उगने तक क्यारी नम रखिए, गीली नहीं। पौधों में दो-तीन असली पत्ते आ जाएँ तो छँटाई करके बराबर दूरी कर दीजिए, क्योंकि भीड़ में जड़ें छोटी रह जाती हैं।

क्या अपनी रोपाई सामग्री ख़ुद रख सकते हैं?

यह खुली-परागित किस्म है, इसलिए अपनी अच्छी फ़सल का बीज दोबारा बोया जा सकता है। बीज सिर्फ़ रोग-मुक्त पौधों से लीजिए, ठीक से सुखाइए, ठंडी-सूखी जगह रखिए, और हर तीन-चार साल में नया प्रमाणित बीज ले आइए ताकि किस्म बिगड़े नहीं।

दूसरी किस्मों से तुलना

गाजर की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।

किस्मकिसके लिए ठीकपकने की अवधिउपजराज्य
Hisar GairicCCS HAU की लंबी जड़ों वाली लाल गाजर, जिसका बीच का हिस्सा भी रंगीन है, हरियाणा के लिएअलग से आँकड़ा प्रकाशित नहींलगभग 30 टन/हेक्टेयरहरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश
Nantesयही पेजसलाद और खाने की छोटी, मीठी, चमकदार नारंगी ठंडे मौसम की गाजर90–100 दिनलगभग 12 टन/हेक्टेयरहिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू और कश्मीर, तमिलनाडु
Pusa Asita (black carrot)IARI की काली, एंथोसायनिन से भरपूर गाजर, कांजी, जूस और प्राकृतिक रंग के लिए95–100 दिनलगभग 30 टन/हेक्टेयरउत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान
Pusa KesarIARI की पूरे भारत की मानक लाल गाजर: गहरी लाल, अंदर-बाहर रंगीन, 80–90 दिन80–90 दिनलगभग 30 टन/हेक्टेयरउत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान
Pusa NayanjyotiIARI की नारंगी, बिना सख़्त हिस्से वाली गाजर हाइब्रिड, दिल्ली-NCR और हिमाचल प्रदेश के लिएअलग से आँकड़ा प्रकाशित नहीं35–45 टन/हेक्टेयरदिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश
Pusa RudhiraIARI की सुधरी लाल गाजर: 85–90 दिन, देर से बीज पर जाना और लगभग 33 टन/हेक्टेयर85–90 दिनलगभग 33 टन/हेक्टेयरउत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, बिहार, राजस्थान, दिल्ली
Pusa VrishtiIARI की गर्मी सहने वाली गाजर जो जुलाई से बोई जा सकती है, जल्दी के बाज़ार के लिएलगभग 85–90 दिनलगभग 25 टन/हेक्टेयरउत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा

इस फ़सल के कैलकुलेटर

आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और गाजर का भाव क्या चल रहा है।

सब्सिडी और सरकारी मदद

गाजर के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या नैंट्स मैदानों में उगाई जा सकती है?

हाँ, ठंडे मौसम में। राष्ट्रीय सूची में मैदानों के लिए बुवाई मध्य अक्टूबर से दिसंबर की शुरुआत तक दी है। जड़ों को गर्म मौसम मिले तो वे फीकी और छोटी रहती हैं, इसलिए जल्दी मत बोइए।

नैंट्स की उपज पूसा केसर से कितनी कम है?

नैंट्स की सूची में उपज लगभग 12 टन/हेक्टेयर है और पूसा केसर की लगभग 30 टन/हेक्टेयर। नैंट्स स्वाद, आकार और रंग पर बिकती है, वज़न पर नहीं, इसलिए तभी फ़ायदे में है जब ख़रीदार प्रति किलो ज़्यादा दे।

नैंट्स कटाई में कितने दिन लेती है?

राष्ट्रीय सूची में पकने में 90–100 दिन दिए हैं। यह पूसा केसर के 80–90 दिन और पूसा रुधिर के 85–90 दिन से ज़्यादा है।

नैंट्स का बीज हर साल क्यों ख़रीदना पड़ता है?

ठंडे इलाके की किस्में मैदानों में बीज कम ही बनाती हैं। फूलने के लिए इन्हें लंबी ठंड चाहिए, इसलिए बीज आम तौर पर ठंडे इलाकों में बनता है। हर मौसम भरोसेमंद डीलर से लेबल वाला बीज ख़रीदिए।

क्या बिक्री के लिए नैंट्स लाल गाजर से बेहतर है?

हर बाज़ार के लिए नहीं। नैंट्स छोटी, मीठी और नारंगी है, सलाद और रेस्तराँ के लिए। पूसा केसर जैसी एशियाई लाल किस्में लगभग 30 टन/हेक्टेयर देती हैं और मैदानों की मंडी आम तौर पर यही माँगती है। लगाने से पहले अपने ख़रीदार से पूछ लीजिए।