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गाजररबीखुली-परागितअंतिम अपडेट: 20 अक्टूबर 2026

Hisar Gairic

हिसार के CCS HAU की लाल गाजर। बीच का हिस्सा भी छिलके जैसे रंग का है, कैरोटीन ज़्यादा है और जड़ें पूसा केसर से लंबी हैं। राष्ट्रीय सूची में इसे हरियाणा के लिए सुझाया गया है।

सीज़नरबी
पकने की अवधिअलग से आँकड़ा प्रकाशित नहीं
अपेक्षित उपजलगभग 30 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीगहरी, भुरभुरी, बिना पत्थर वाली बलुई दोमट से दोमट मिट्टी

ज़रूरी तथ्य

फसल
गाजर
प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
अलग से आँकड़ा प्रकाशित नहीं
अपेक्षित उपज
लगभग 30 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
गहरी, भुरभुरी, बिना पत्थर वाली बलुई दोमट से दोमट मिट्टी
रोग-प्रतिरोध
किसी खास रोग-प्रतिरोध का दावा नहीं
जारी
CCS हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार ने जारी की

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।

इस किस्म के बारे में

हिसार गैरिक हिसार के CCS हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की लाल (एशियाई) गाजर है। राष्ट्रीय सूची में इसे अंदर-बाहर एक रंग की, ज़्यादा कैरोटीन वाली और ज़्यादा उपज देने वाली बताया है, जिसकी जड़ें पूसा केसर से लंबी हैं। औसत उपज लगभग 30 टन/हेक्टेयर दी है। इसे हरियाणा के लिए सुझाया गया है। कटाई तक कितने दिन लगते हैं, इसका अलग आँकड़ा प्रकाशित नहीं है। पूसा केसर, जिससे इसकी तुलना होती है, 80–90 दिन में तैयार होती है।

क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?

आप हरियाणा में खेती करते हैं और पूसा केसर से लंबी जड़ों वाली, अंदर-बाहर रंगीन लाल गाजर चाहिए तो हिसार गैरिक चुनिए। सूची में लगभग 30 टन/हेक्टेयर दी है। पेच यह है कि कटाई तक के दिनों का अलग आँकड़ा प्रकाशित नहीं है, और सूची में इसे सिर्फ़ हरियाणा के लिए सुझाया गया है। 80–90 दिन में तैयार होने वाली पूरे भारत की मानक किस्म चाहिए तो पूसा केसर लीजिए। सूची में ज़्यादा उपज (लगभग 33 टन/हेक्टेयर) और देर से बीज पर जाने वाली किस्म चाहिए तो पूसा रुधिर लीजिए।

बुवाई और खेती

फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • बीच का हिस्सा भी छिलके जैसे रंग का है और कैरोटीन ज़्यादा है।
  • जड़ें पूसा केसर से लंबी हैं।
  • औसत उपज लगभग 30 टन/हेक्टेयर, पूसा केसर के बराबर।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • खास रोग-प्रतिरोध नहीं है, इसलिए अल्टरनेरिया पत्ती झुलसा पर नज़र रखनी होगी।
  • राष्ट्रीय सूची में इसे सिर्फ़ हरियाणा के लिए सुझाया गया है। दूसरी जगह पहले छोटी पट्टी में आज़माइए।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।

  • हरियाणा
  • पंजाब
  • राजस्थान
  • उत्तर प्रदेश

अपना हिसार गैरिक बीज उगाना हो तो

गाजर दो चरण की फसल है। पहले चरण में आप जड़ उगाते हैं। दूसरे चरण में सबसे अच्छी जड़ें, जिन्हें स्टेकलिंग कहते हैं, दोबारा लगाते हैं और वे फूलकर बीज बनाती हैं। हिसार गैरिक खुले परागण की है, इसलिए स्वस्थ पौधों का बीज असली के क़रीब रहता है।

CCS HAU के परीक्षण में 60 x 45 सेमी पर जोड़ी कतार से बीज की सबसे ज़्यादा उपज 7.62 क्विंटल/हेक्टेयर मिली, और 8 सेमी की स्टेकलिंग सबसे अच्छी रहीं, 7.01 क्विंटल/हेक्टेयर के साथ। ये एक विश्वविद्यालय के परीक्षण के आँकड़े हैं, इसलिए इन्हें शुरुआत का अंदाज़ा मानिए।

स्टेकलिंग के लिए लंबी, चिकनी, एक-से रंग की और बिना फाँक वाली जड़ें चुनिए। बीज वाला टुकड़ा जंगली गाजर और दूसरी गाजर किस्मों से दूर रखिए, क्योंकि गाजर आसानी से आपस में मिल जाती है।

क्या अपनी रोपाई सामग्री ख़ुद रख सकते हैं?

यह खुली-परागित किस्म है, इसलिए अपनी अच्छी फ़सल का बीज दोबारा बोया जा सकता है। बीज सिर्फ़ रोग-मुक्त पौधों से लीजिए, ठीक से सुखाइए, ठंडी-सूखी जगह रखिए, और हर तीन-चार साल में नया प्रमाणित बीज ले आइए ताकि किस्म बिगड़े नहीं।

दूसरी किस्मों से तुलना

गाजर की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।

किस्मकिसके लिए ठीकपकने की अवधिउपजराज्य
Hisar Gairicयही पेजCCS HAU की लंबी जड़ों वाली लाल गाजर, जिसका बीच का हिस्सा भी रंगीन है, हरियाणा के लिएअलग से आँकड़ा प्रकाशित नहींलगभग 30 टन/हेक्टेयरहरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश
Nantesसलाद और खाने की छोटी, मीठी, चमकदार नारंगी ठंडे मौसम की गाजर90–100 दिनलगभग 12 टन/हेक्टेयरहिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू और कश्मीर, तमिलनाडु
Pusa Asita (black carrot)IARI की काली, एंथोसायनिन से भरपूर गाजर, कांजी, जूस और प्राकृतिक रंग के लिए95–100 दिनलगभग 30 टन/हेक्टेयरउत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान
Pusa KesarIARI की पूरे भारत की मानक लाल गाजर: गहरी लाल, अंदर-बाहर रंगीन, 80–90 दिन80–90 दिनलगभग 30 टन/हेक्टेयरउत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान
Pusa NayanjyotiIARI की नारंगी, बिना सख़्त हिस्से वाली गाजर हाइब्रिड, दिल्ली-NCR और हिमाचल प्रदेश के लिएअलग से आँकड़ा प्रकाशित नहीं35–45 टन/हेक्टेयरदिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश
Pusa RudhiraIARI की सुधरी लाल गाजर: 85–90 दिन, देर से बीज पर जाना और लगभग 33 टन/हेक्टेयर85–90 दिनलगभग 33 टन/हेक्टेयरउत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, बिहार, राजस्थान, दिल्ली
Pusa VrishtiIARI की गर्मी सहने वाली गाजर जो जुलाई से बोई जा सकती है, जल्दी के बाज़ार के लिएलगभग 85–90 दिनलगभग 25 टन/हेक्टेयरउत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा

इस फ़सल के कैलकुलेटर

आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और गाजर का भाव क्या चल रहा है।

सब्सिडी और सरकारी मदद

गाजर के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

हिसार गैरिक या पूसा केसर: कौन-सी बोऊँ?

दोनों की सूची में उपज लगभग 30 टन/हेक्टेयर है। हिसार गैरिक की जड़ें लंबी हैं और इसे हरियाणा के लिए सुझाया गया है। पूसा केसर पूरे भारत के लिए सुझाई गई है और 80–90 दिन में तैयार होती है। हरियाणा में एक मौसम दोनों को साथ-साथ लगाकर देख लीजिए।

हिसार गैरिक के लिए अंदर-बाहर एक रंग का क्या मतलब है?

जड़ का बीच का हिस्सा बाहर जैसा ही रंगीन होता है, उसमें फीका, सख़्त हिस्सा नहीं होता। इससे बिक्री, कद्दूकस या जूस के लिए काटने पर रंग एक-सा दिखता है।

क्या हिसार गैरिक का बीज खुद उगाया जा सकता है?

यह खुले परागण की है, इसलिए हाँ, पर गाजर बीज अपने दूसरे चरण में बनाती है। CCS HAU के एक परीक्षण में 60 x 45 सेमी पर जोड़ी कतार लगाने से बीज की सबसे ज़्यादा उपज, 7.62 क्विंटल/हेक्टेयर, मिली। बीज के लिए अच्छे आकार की जड़ें चुनिए।

हिसार गैरिक कटाई में कितने दिन लेती है?

हिसार गैरिक का अलग आँकड़ा प्रकाशित नहीं है। पूसा केसर, जिससे इसकी तुलना होती है, 80–90 दिन लेती है। पहले मौसम में अपनी बुवाई और कटाई की तारीख़ें लिख लीजिए और आगे उन्हीं को मानिए।

क्या हिसार गैरिक हरियाणा के बाहर उगाई जा सकती है?

ऊपर पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश भी दिए हैं, पर राष्ट्रीय सूची में इसे सिर्फ़ हरियाणा के लिए सुझाया गया है। हरियाणा के बाहर बड़े खेत में लगाने से पहले पूसा केसर के पास एक छोटी पट्टी बोकर देखिए।

स्रोत: Checklist of Commercial Varieties of Vegetables (capsicum, carrot, cucumber, bottle gourd, bitter gourd) — TNAU Agritech national bulletin, Effect of Spacing and Steckling Size on Seed Yield in Carrot (Hisar Gairic) — Seed Research, ICAR ePubs. संपादकीय नीति.