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फूलगोभीखरीफ़खुली-परागितअपडेट किया गया 15 अगस्त 2026

Pusa Meghna

अगेती-समूह की किस्म जो सितंबर–अक्टूबर के गरम मौसम में फूल बनाती है। अभी इसके लिए अलग से शोध कर विस्तृत पेज नहीं बनाया गया है।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधि60–75 दिन (रोपाई बाद)
अपेक्षित उपज170–180 क्विंटल/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
फूलगोभी
प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
60–75 दिन (रोपाई बाद)
अपेक्षित उपज
170–180 क्विंटल/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
आईसीएआर-आईएआरआई, नई दिल्ली द्वारा जारी — इस चरण में जाँचे गए स्रोतों में सटीक अधिसूचना-वर्ष नहीं मिला

इस किस्म के बारे में

पूसा मेघना आईसीएआर-आईएआरआई, नई दिल्ली द्वारा जारी एक अगेती-समूह की फूलगोभी है। मार्कर-सहायता प्राप्त जीन-पिरामिडिंग पर एक सीधे फ़ेच किए गए PMC अध्ययन — जिसने पूसा मेघना को इसकी स्थापित बाज़ार लोकप्रियता के कारण ही अपने लोकप्रिय आवर्ती जनक के रूप में उपयोग किया — पुष्ट करता है कि यह सफ़ेद, सघन, मध्यम आकार के फूल (350-400 ग्राम) बनाती है, औसत उपज 175 क्विंटल/हेक्टेयर के साथ, तथा लगभग 104-105 दिन में 50% फूल-परिपक्वता तक पहुँचती है। वही अध्ययन स्पष्ट रूप से कहता है कि पूसा मेघना स्वयं काली सड़न (रोग सूचकांक 4) व डाउनी मिल्ड्यू (98% रोग घटना) दोनों के प्रति संवेदनशील है — ठीक वही गुण जिन्हें ठीक करने के लिए पिरामिडिंग परियोजना इसके सुधरे व्युत्पन्नों में विकसित की गई — इस रिकॉर्ड के अपने diseaseResistance फ़ील्ड से एक वास्तविक, सीधे सोर्स किया गया टकराव।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधि60–75 दिन (रोपाई बाद)
    उपज क्षमता170–180 क्विंटल/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधकाली सड़न व डाउनी मिल्ड्यू के प्रति संवेदनशील (प्रतिरोध-प्रजनन अध्ययनों में संवेदनशील आधार जनक के रूप में उपयोग)
    मिट्टीदोमट
    सीज़नखरीफ़

उपज व अवधि

पकने की अवधि

60–75 दिन (रोपाई बाद)

अपेक्षित उपज

170–180 क्विंटल/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • अच्छी तरह स्थापित बाज़ार लोकप्रियता — इतनी लोकप्रिय कि इसे एक समर्पित रोग-प्रतिरोध प्रजनन परियोजना के आधार जनक के रूप में चुना गया
  • भरोसेमंद अगेती-सीज़न फूल बनना (104-105 दिन में 50% फूल-परिपक्वता), 350-400 ग्राम के सुसंगत फूल आकार के साथ

ध्यान रखने योग्य बातें

  • 2026-08-15 को सुधारा गया: diseaseResistance पहले "मध्यम" कहता था। एक सीधे फ़ेच किए गए PMC अध्ययन में पूसा मेघना को स्पष्ट रूप से काली सड़न व डाउनी मिल्ड्यू दोनों के प्रति संवेदनशील बताया गया है, ठोस स्क्रीनिंग आँकड़ों (रोग सूचकांक 4; 98% घटना) के साथ — इसी कमज़ोरी के कारण इसे संवेदनशील आधार जनक के रूप में चुना गया। फ़ील्ड अब "काली सड़न व डाउनी मिल्ड्यू के प्रति संवेदनशील (प्रतिरोध-प्रजनन अध्ययनों में संवेदनशील आधार जनक के रूप में उपयोग)" कहता है। इन दो रोगों के प्रति विशेष रूप से प्रतिरोध चाहने वाले किसानों को पूसा मेघना के जीन-पिरामिडेड व्युत्पन्नों को देखना चाहिए, मूल किस्म को नहीं।
  • 2026-08-15 को सुधारा गया: yieldPotential पहले "मध्यम" कहता था, एक अस्पष्ट गुणात्मक श्रेणी। PMC अध्ययन पूसा मेघना के लिए ठोस 175 क्विंटल/हेक्टेयर औसत बताता है, इसलिए फ़ील्ड अब 170–180 क्विंटल/हेक्टेयर कहता है।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • उत्तर प्रदेश

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या पूसा मेघना काली सड़न या डाउनी मिल्ड्यू के प्रति प्रतिरोधी है?

नहीं — एक सीधे फ़ेच किए गए PMC अध्ययन में पूसा मेघना स्वयं दोनों के प्रति संवेदनशील पाई गई (काली सड़न के लिए रोग सूचकांक 4, डाउनी मिल्ड्यू के लिए 98% घटना)। इसे एक मार्कर-सहायता प्राप्त प्रजनन परियोजना में आवर्ती जनक के रूप में विशेष रूप से इस कमज़ोरी को सुधरे व्युत्पन्नों में ठीक करने के लिए उपयोग किया गया।

पूसा मेघना को फूल बनने में कितना समय लगता है?

PMC अध्ययन के अनुसार 50% फूल-परिपक्वता तक पहुँचने में लगभग 104-105 दिन — इस रिकॉर्ड के अपने "अगेती-परिपक्वता समूह" विवरण से सुसंगत।

पूसा मेघना का फूल कैसा दिखता है?

सफ़ेद, सघन, मध्यम आकार का, 350-400 ग्राम वज़न का, PMC अध्ययन के अनुसार।

पूसा मेघना कितनी उपज देती है?

औसतन 175 क्विंटल/हेक्टेयर, PMC अध्ययन के अनुसार, जो इस रिकॉर्ड के 170–180 क्विंटल/हेक्टेयर yieldPotential फ़ील्ड से मेल खाता है।

पूसा मेघना को जीन-पिरामिडिंग प्रजनन परियोजना के लिए क्यों चुना गया?

क्योंकि यह बाज़ार में एक लोकप्रिय, अच्छी तरह स्थापित अगेती फूलगोभी किस्म है — पर इसकी लोकप्रियता के साथ काली सड़न व डाउनी मिल्ड्यू के प्रति संवेदनशीलता भी थी, जिसे परियोजना ने इसमें प्रतिरोध जीन पिरामिड करके ठीक करने का लक्ष्य रखा।

स्रोत: Marker-Assisted Pyramiding of Downy Mildew-Resistant Gene Ppa3 and Black Rot-Resistant Gene Xca1bo in Popular Early Cauliflower Variety Pusa Meghna — PMC. संपादकीय नीति.